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Aisi Bhi Batein Hoti Hain

NCERT Class 9 · Hindi Based on NCERT Class 9 Hindi textbook · Free CBSE study kit

Chapter Notes

NCERT Class 9 Hindi: 'ऐसी भी बातें होती हैं' - संपूर्ण अध्ययन नोट्स

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अध्याय परिचय

**'ऐसी भी बातें होती हैं'** लेखक **यतींद्र मिश्र** द्वारा लिखित साक्षात्कार शैली का एक महत्वपूर्ण पाठ है। यह पाठ भारत रत्न **लता मंगेशकर** के जीवन, संघर्ष, परिवार के प्रति उनकी जिम्मेदारी और संगीत के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

लता मंगेशकर की अपनी आवाज ही उनकी पहचान थी। वे न केवल भारत बल्कि विश्व के कोने-कोने में अपनी मधुर आवाज से प्रसिद्ध हैं। यह साक्षात्कार उनके व्यक्तिगत जीवन, बचपन, परिवार, त्योहार, फिल्मों से संबंधित अनुभव और संगीतकारों के साथ उनके संबंधों को प्रकट करता है।

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लेखक परिचय: यतींद्र मिश्र

**जन्म:** सन् 1977 में अयोध्या, उत्तर प्रदेश में

**शिक्षा:** लखनऊ विश्वविद्यालय से हिंदी में एम.ए. की उपाधि

**विशेषताएँ:**

  • कविता, संगीत और ललित कलाओं में गहरी रुचि
  • समाज और संस्कृति के विविध क्षेत्रों के विद्वान
  • **प्रकाशित कृतियाँ:**

  • **काव्य संग्रह:** यदा-कदा, अयोध्या तथा अन्य कविताएँ, ड्योढ़ी पर आलाप
  • **अन्य पुस्तकें:** गिरिजा (शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी के जीवन पर)
  • **संपादन कार्य:** द्विजदेव की ग्रंथावली (रीतिकाल के अंतिम प्रतिनिधि कवि)
  • **पत्रिका:** अर्धवार्षिक पत्रिका 'सहित' का संपादन
  • **महत्व:** यतींद्र मिश्र एक प्रतिभाशाली लेखक हैं जो संगीत और साहित्य दोनों को समान रूप से समझते हैं। इसी कारण यह साक्षात्कार बेहद प्रभावशाली और गहनतापूर्ण है।

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    लता मंगेशकर का परिचय

    **नाम:** लता मंगेशकर (भारत रत्न)

    **जन्म:** इंदौर, मध्य प्रदेश

    **संगीत शिक्षा:** पाँच वर्ष की आयु से पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से प्रारंभिक संगीत शिक्षा

    **विशेषता:**

  • भारतीय फिल्म संगीत की सबसे प्रसिद्ध पार्श्वगायिका
  • लगभग 30,000 गीत रिकॉर्ड किए
  • विश्व के कई देशों में प्रसिद्ध
  • भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित
  • **प्रसिद्ध फिल्मों के गीत:**

  • 'आएगा आने वाला' (महल)
  • 'हवा में उड़ता जाए मोरा लाल दुपट्टा मलमल का' (बरसात)
  • 'मेरे ख्वाबों में जो आए' (दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे)
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    साक्षात्कार का महत्व और शैली

    **साक्षात्कार की परिभाषा:** साक्षात्कार एक प्रश्नोत्तरात्मक शैली है जिसमें एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से कुछ प्रश्न पूछता है और उसके उत्तरों को दर्ज करता है।

    **इस साक्षात्कार की विशेषताएँ:**

  • **वस्तुनिष्ठता:** लेखक पूरी तटस्थता से प्रश्न पूछता है
  • **व्यक्तिगत जानकारी:** लता मंगेशकर के अंतरंग जीवन का विवरण
  • **सांस्कृतिक मूल्य:** भारतीय परंपराओं और त्योहारों की जानकारी
  • **प्रेरणादायक:** पाठकों को संगीत और जीवन मूल्यों के बारे में सीखने के लिए
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    पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर: व्यक्तित्व और प्रभाव

    **पिता की विशेषताएँ:**

    **1. अनुशासनवादी:**

  • अत्यंत गंभीर स्वभाव के व्यक्ति
  • बचपन में गलती करने पर केवल गंभीर दृष्टि से देखते थे (कोई डाँट नहीं)
  • बिना कुछ कहे ही बच्चों को सीख दे जाते थे
  • धार्मिक और देशभक्ति की फिल्मों के अलावा अन्य फिल्में देखने की अनुमति नहीं
  • **2. संगीतकार:**

  • ड्रामा कंपनी के मालिक
  • नाटकों में माइक पर तेज आवाज में गाते थे
  • राग को गाते समय सुर बदलकर नए राग बना देते थे (राग परिवर्तन की कला)
  • शास्त्रीय संगीत में निपुण
  • **3. नवीन संगीत शैली के प्रवर्तक:**

  • पहली बार मराठी रंगमंच में कर्नाटक और पंजाब का संगीत लाए
  • कर्नाटक जाकर वहाँ के गीत और संगीत सीखा
  • म्यूजिकल ड्रामा की परंपरा का विकास किया
  • **4. रिकॉर्डिंग:**

  • एच.एम.वी. से कई शास्त्रीय संगीत के रेकॉर्ड रिलीज हुए
  • मेगाफोन कंपनी ने राग जयजयवंती का रेकॉर्ड बाजार में उतारा
  • **पिता का लता पर प्रभाव:**

  • **स्वाभिमान:** हर हालात में स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया
  • **आत्मनिर्भरता:** किसी से हाथ न पसारना
  • **सही-गलत का विवेक:** सही बातों पर दृढ़ रहने की हिम्मत दी
  • **कला के प्रति समर्पण:** संगीत के प्रति पूरी निष्ठा दिखाई
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    लता का बचपन और परिवार

    **परिवारिक संरचना:**

  • बहन: मीना, आशा (प्रसिद्ध गायिकाएँ)
  • बहन: उषा (सबसे छोटी)
  • पिता: पं. दीनानाथ मंगेशकर
  • माता: सदाबहार
  • **बचपन की यादें:**

    **1. शरारतें और अनुशासन:**

  • बचपन में बहुत शरारत करते थे
  • पिता सब को एक साथ बुलाते और गंभीर दृष्टि से देखते
  • बिना डाँट-फटकार के ही सब समझ जाते थे
  • पिता की शक्ति उनके मौन में थी
  • **2. ड्रामा कंपनी का जीवन:**

  • नाटकों का आयोजन रात 9 बजे से 2-3 बजे रात तक होता था
  • जब नाटक न हों तब घर में संगीत की सभा होती थी
  • पड़ोस से लोग संगीत सुनने आते थे
  • संगीत और नाटक से ही परिचय हुआ
  • **3. फिल्मों की नकल:**

  • बचपन में फिल्मों को देखकर नकल उतारना पसंद था
  • 'संत तुकाराम' फिल्म से प्रभावित होकर बेडों-तकियों से स्वर्ग बनाते थे
  • लता स्वर्ग में बैठकर गीत गाती: 'अमी जातो अमचा गावा'
  • भाई-बहन तुकाराम के अनुयायी बनकर रोते थे
  • यह सब पिता को पता न चले इसलिए छिपकर करते थे
  • **4. धार्मिक और देशभक्ति फिल्मों का प्रभाव:**

  • पिता केवल धार्मिक और देशभक्ति की फिल्में देखने देते थे
  • अन्य फिल्मों की नकल छिपकर करते थे
  • ---

    पिता की मृत्यु के बाद जीवन

    **आर्थिक संकट:**

  • पिता की कंपनी अच्छी चलती थी तो शान-शौकत से रहते थे
  • पिता के निधन के बाद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा
  • **माता का योगदान:**

  • माता का भी वही संस्कार था
  • स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया
  • किसी के आगे हाथ न पसारना सिखाया
  • **लता के संकल्प:**

  • परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए संगीत में मन लगाया
  • कमाई करके परिवार का भरण-पोषण किया
  • किसी से कभी कुछ माँगा नहीं
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    फिल्मों में अभिनय का अनुभव

    **अभिनय की शुरुआत:**

  • 5-6 बचपन में फिल्मों में काम किया
  • कुल 6-7 फिल्मों में अभिनय किया
  • **अभिनय से असंतोष:**

  • मेकअप करना पसंद नहीं
  • लाइटों के सामने खड़े होना अच्छा नहीं लगा
  • भीड़ के सामने रोना-हँसना करना पसंद नहीं
  • गायन का सपना अभिनय से ज्यादा था
  • **एकमात्र अपवाद - 'छत्रपति शिवाजी':**

  • भालजी पेंढारकर की फिल्म 'छत्रपति शिवाजी'
  • लता को छत्रपति शिवाजी बेहद पसंद हैं
  • फिल्म के अंतिम गीत में भाग लेने का इच्छा व्यक्त की
  • हिंदी और मराठी दोनों संस्करणों में आखिरी दो पंक्तियाँ गाईं
  • **महत्वपूर्ण शिक्षा:**

    लता का अभिनय का अनुभव यह बताता है कि व्यक्ति को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कार्य चुनना चाहिए। लता को संगीत में ही सफलता मिली, न कि अभिनय में।

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    संगीत में संघर्ष और समर्पण

    **काम की परिस्थितियाँ:**

    **1. कठोर परिश्रम:**

  • रेकॉर्डिंग सुबह से रात तक चलती थी
  • एक स्टूडियो से दूसरे-तीसरे स्टूडियो के चक्कर
  • पूरा दिन रिकॉर्डिंग में लगा रहता था
  • **2. एकमात्र लक्ष्य:**

  • परिवार की जरूरतें पूरी करना
  • आने वाले कल के लिए अधिक से अधिक गीत रिकॉर्ड करना
  • एक फिल्म के खत्म होते ही दूसरी फिल्मों के गीत रिकॉर्ड करने की योजना
  • **3. दृष्टिकोण:**

  • परिस्थितियों पर ध्यान न देना
  • कठिनाइयों से न सोचना
  • केवल काम पर ध्यान केंद्रित करना
  • **महत्वपूर्ण बात:**

    लता मंगेशकर के लिए संगीत केवल पेशा नहीं था, बल्कि जीवन का उद्देश्य था। उनका समर्पण और कड़ी मेहनत ही उनकी सफलता का मूल कारण है।

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    बचपन के सपने

    **कुमार गंधर्व से प्रभाव:**

  • पिता के अलावा बाहर से सुना पहला कलाकार: पंडित कुमार गंधर्व
  • काली शेरवानी पहनकर अनेक मेडल लगाकर गाते थे
  • लता को यह दृश्य बहुत पसंद आया
  • **बचपन का सपना:**

  • बड़ी होकर भी ऐसे ही मेडल पाना चाहती थीं
  • मेडल लगाकर किसी कार्यक्रम में जाना चाहती थीं
  • यह सपना आगे चलकर सच हुआ
  • **सीख:**

    बचपन के सपने व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर प्रेरित करते हैं। लता के सपने ने उन्हें सफलता की ओर ले जाया।

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    फिल्मों से जुड़ा संगीत सफर (1949-50)

    **प्रारंभिक दौर के संगीतकार:**

  • **खेमचंद प्रकाश**
  • **शंकर-जयकिशन**
  • **हुस्नलाल-भगतराम**
  • **प्रसिद्ध गीत जो लता को ख्याति दिलाए:**

    1. **'आएगा आने वाला'** (महल) - खेमचंद प्रकाश

    2. **'हवा में उड़ता जाए मोरा लाल दुपट्टा मलमल का'** (बरसात) - शंकर-जयकिशन

    3. **'चले जाना नहीं नैन मिला के'** (बड़ी बहन)

    **ये गीत एक नए युग की शुरुआत करते हैं**

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    संगीत तकनीक का विकास

    **पुराने समय में रेकॉर्डिंग:**

    **1. तकनीकी सीमाएँ:**

  • तकनीकी रूप से सिनेमा में बहुत प्रगति नहीं हुई थी
  • 'आएगा आने वाला' में हॉल में दूर से चलकर माइक तक जाना पड़ता था
  • स्वर के उतार-चढ़ाव को रेकॉर्ड करना मुश्किल था
  • **2. संगीतकारों की कला:**

  • अनिल विश्वास, श्यामसुंदर, सज्जाद हुसैन, सलिल चौधरी, सी. रामचंद्र
  • नए तरीके और अजीबोगरीब टोटके आजमाते थे
  • गीतों में विशेष प्रभाव लाने के लिए रचनात्मकता का प्रयोग
  • **3. आधुनिक समय (वर्तमान):**

  • अ.र. रहमान, जतिन-ललित, शंकर-एहसान-लॉय जैसे आधुनिक संगीतकार
  • उन्नत तकनीक का उपयोग
  • डिजिटल रिकॉर्डिंग की सुविधा
  • **तुलनात्मक विश्लेषण:**

    अगर पुराने संगीतकारों को आधुनिक तकनीक मिलती, तो वे अलग तरह का संगीत बनाते। वैसे ही आधुनिक संगीतकारों को पुरानी तकनीक में काम करना बहुत कठिन साबित होता।

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    पहनावे और रंगों के बारे में विचार

    **लता की पसंद:**

  • सफेद रंग की साड़ियाँ पहनना पसंद
  • सफेद साड़ी पर रंगीन धारियाँ, गुलबूटे और पल्ले
  • रंगों से दूरी का भाव
  • **इसका कारण:**

  • गायिका के रूप में संयम का प्रतीक
  • व्यक्तित्व की सादगी
  • आंतरिक शांति और मानसिक शुद्धता
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    होली का त्योहार और परंपरा

    **होली मनाना:**

  • पहले होली खेलते थे (पिता के समय में)
  • अब होली खेलना बंद कर दिया है
  • वर्तमान में होली का त्योहार आजकल की तरह नहीं मनाते थे
  • **परंपरागत होली:**

    **1. होलिका दहन:**

  • होली से एक दिन पहले होली जलाते हैं
  • होलिका की पूजा करते हैं
  • मिठाइयों को होलिका में डालते हैं
  • नारियल को होलिका में जलाया जाता था
  • **2. होलिका की राख (गुड़वड़):**

  • होलिका जल जाने के बाद राख को दूसरे दिन एक-दूसरे पर डालते हैं
  • इसे 'गुड़वड़' कहते हैं
  • **3. रंग-पंचमी:**

  • होली के बाद पाँचवें दिन आती है
  • माता-पिता केसर घोलकर बच्चों पर छिड़कते थे
  • माता घर में मीठा बनाती थीं
  • प्रसाद देते थे और आरतियाँ उतारते थे
  • **सांस्कृतिक महत्व:**

    पारंपरिक होली में रंगों से अधिक धार्मिक और पारिवारिक भावना का महत्व था।

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    दशहरा, दीवाली और नवरात्रि

    **पारिवारिक परंपरा:**

    लता के परिवार में दशहरा, दीवाली और नवरात्रि का विशेष महत्व था।

    **1. गुड़ी पड़वा (नवरात्रि का पहला दिन):**

    **महत्व:**

  • नवरात्रि का पहला दिन माना जाता है
  • यह नए साल की शुरुआत है (महाराष्ट्र में)
  • राम के अयोध्या लौटने की याद में मनाया जाता है
  • **परंपरा:**

  • घर के बाहर 'गुड़ी' बाँधते हैं
  • कलश स्थापना करते हैं
  • सूर्योदय के समय बताशों की माला बनाई जाती है
  • गुड़ी पर बताशे की हार चढ़ाते हैं
  • सूर्यास्त तक इसे लगाया रहता है
  • शाम को प्रसाद के रूप में घर के सभी सदस्य लेते हैं
  • **ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:**

    कहा जाता है कि जब भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे, तो घर-घर में बताशों की ऐसी ही लड़ियाँ सजाई गई थीं और गुड़ियाँ बाँधी गई थीं।

    **2. नवरात्रि (9 दिन):**

  • गुड़ी पड़वा के बाद 9 दिन तक उत्सव मनाया जाता है
  • नवमी को रामनवमी आती है (राम की जन्मतिथि)
  • महाराष्ट्र में राम आगमन के रूप में मनाते हैं
  • अन्य प्रदेशों में दुर्गा की आराधना में नवरात्रि होती है
  • **3. दीवाली:**

  • लक्ष्मी पूजन का पर्व
  • रोशनी और खुशियों का त्योहार
  • ---

    दीवाली पर संगीतकारों को मिठाई देने की परंपरा

    **समय-अवधि:** 1950 के दशक में

    **परंपरा का विवरण:**

    **1. दीवाली की सुबह (तड़के 5 बजे):**

  • तैयारी: नहा-धोकर तैयार हो जाती थीं
  • मिठाई लेकर सीनियर म्यूजिक डायरेक्टरों के घर जाती थीं
  • **2. जाने वाले संगीतकार:**

  • नौशाद साहब
  • अनिल विश्वास जी
  • रोशनलाल
  • मदन भैया (मदन मोहन)
  • बर्मन दादा (एस.डी. बर्मन)
  • **3. नौशाद साहब के साथ घटना:**

  • सुबह 5:30 बजे पहुँची
  • नौशाद साहब सोए हुए थे
  • डर गए और पूछा कि क्या समस्या है?
  • लता ने समझाया कि दीवाली की बधाई देने आई हूँ
  • नौशाद साहब प्रसन्न हुए और चाय पिलाई
  • लता को हँसते हुए कहा कि अभी दो-तीन और जगह जाना है
  • **4. नौशाद की प्रशंसा:**

    "तुम हम सब को मिठाई बाँट रही हो, लेकिन हम सब को मिलकर तुम्हें मिठाई खिलानी चाहिए, जो तुमने हमारी धुनों में इतनी मिठास घोली है।"

    **5. लता का उत्तर:**

    "आप आशीर्वाद दीजिए कि आगे भी जीवन में हर दीवाली के साथ मैं और मधुर से मधुर गीत गा सकूँ।"

    **सांस्कृतिक महत्व:**

    यह परंपरा लता के आचरण, विनम्रता और अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता को दर्शाती है। उस समय के संगीतकारों के प्रति सम्मान और प्रेम का प्रतीक है।

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    भारतीय परंपरा के गीत

    **प्रश्न की पृष्ठभूमि:**

    विभिन्न प्रदेशों में पर्वों और अनुष्ठानों से जुड़े घर-घर गीत गाए जाते हैं।

    **अन्य प्रदेशों की परंपरा:**

    1. **होली का समय:** फाग और धमार गाए जाते हैं

    2. **बिहार (छठ पूजा):** छठ के गीत

    3. **जन्माष्टमी और रामनवमी:** सोहर और बधावा

    **महाराष्ट्र की अपनी परंपरा:**

    **1. होली और दीवाली:**

  • इन पर घरों में गीत नहीं होते
  • बल्कि पारिवारिक और धार्मिक उत्सव होते हैं
  • **2. विवाह के समय - मंगलागौर:**

    **परिभाषा:** विवाह के बाद जब नई बहू घर में आती है, तो मंगलागौर की परंपरा होती है।

    **विवरण:**

  • पास-पड़ोस की बहुत सारी औरतें आती हैं
  • सभी स्त्रियाँ मुग्ध भाव से गीत गाती हैं
  • नाचती भी हैं
  • ठेठ गँवई अंदाज में यह उत्सव मनाया जाता है
  • नौटंकी और तमाशे की तरह कुछ करती हैं
  • कोई भी कोई भी रूप धरकर नाचता था
  • **लता का अनुभव:**

  • बचपन में घर-परिवार और पड़ोस में किसी की शादी के बाद यह परंपरा होती थी
  • सभी खूब नाचते-गाते थे
  • आजकल यह परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है
  • **सांस्कृतिक महत्व:**

    मंगलागौर विवाह समारोह के सौभाग्य की कामना करने वाली परंपरा है। यह महिलाओं की एकता और सामूहिक भागीदारी को दर्शाती है।

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    कोरस में गाने वाली लड़कियों के साथ संबंध

    **कोरस ग्रुप:**

  • एक निश्चित ग्रुप की लड़कियाँ सभी संगीतकारों के साथ काम करती थीं
  • नौशाद साहब, मदन मोहन जी, शंकर-जयकिशन, एस.डी. बर्मन, आर.डी. बर्म
  • MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. लता मंगेशकर का जन्म किस शहर में हुआ था?

    • A. इंदौर, मध्य प्रदेश ✓
    • B. मुंबई, महाराष्ट्र
    • C. लखनऊ, उत्तर प्रदेश
    • D. अयोध्या, उत्तर प्रदेश

    Answer: A — पाठ के प्रारंभ में स्पष्ट कहा गया है कि लता मंगेशकर का जन्म इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था।

    Q2. लता मंगेशकर ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा किस आयु में प्रारंभ की?

    • A. तीन वर्ष
    • B. चार वर्ष
    • C. पाँच वर्ष ✓
    • D. सात वर्ष

    Answer: C — पाठ में उल्लेख है कि लता ने मात्र पाँच वर्ष की आयु में अपने पिता से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा ली।

    Q3. पंडित दीनानाथ मंगेशकर का व्यवसाय क्या था?

    • A. शिक्षक
    • B. संगीतज्ञ और नाटक कंपनी के संचालक ✓
    • C. व्यापारी
    • D. अभिनेता

    Answer: B — पाठ में बताया गया है कि पिता के पास एक ड्रामा कंपनी थी और वे नाटकों में संगीत भी प्रस्तुत करते थे।

    Q4. पंडित दीनानाथ अपने बच्चों को डाँटते समय कौन-सी विशेषता दिखाते थे?

    • A. तेज आवाज़ में बातें करना
    • B. शारीरिक दंड देना
    • C. बिना कुछ कहे गंभीर दृष्टि से देखना जिससे बच्चे समझ जाएँ ✓
    • D. लंबी-लंबी सीख देना

    Answer: C — लता के अनुसार, पिता बस गंभीरता से देख लेते थे और बच्चे तुरंत समझ जाते थे कि उन्हें गलती की सजा मिल रही है।

    Q5. यतींद्र मिश्र का साक्षात्कार लेने का मुख्य उद्देश्य क्या था?

    • A. लता की असफलताओं को उजागर करना
    • B. लता के संगीत और जीवन की दुर्लभ छवियों को उनके प्रशंसकों से मिलवाना ✓
    • C. लता के परिवार की गोपनीय बातें जानना
    • D. लता की फिल्मों की आलोचना करना

    Answer: B — यतींद्र मिश्र ने स्पष्ट कहा कि वह लता के महान जीवन की दुर्लभ छवियों से करोड़ों प्रशंसकों को मिलवाना चाहते हैं।

    Q6. संत तुकाराम फिल्म में लता और भाई-बहन किस दृश्य की नकल करते थे?

    • A. तुकाराम की लड़ाई का दृश्य
    • B. तुकाराम का गाँव लौटना और स्वर्ग जाना ✓
    • C. तुकाराम के मंदिर में प्रार्थना करने का दृश्य
    • D. तुकाराम की शादी का समारोह

    Answer: B — लता ने बताया कि वे गद्दे-तकिये रखकर स्वर्ग बनाते थे और तुकाराम की भूमिका निभाते हुए 'अमी जातो अमचा गावा' गीत गाते थे।

    Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? (Which of the following is NOT correct?)

    • A. लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था
    • B. यतींद्र मिश्र का जन्म 1977 में हुआ था
    • C. लता के पिता ने पहली बार मराठी रंगमंच में कर्नाटक संगीत लाया
    • D. लता के पिता एक प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक थे ✓

    Answer: D — पाठ में पिता को शास्त्रीय गायक और नाटक कंपनी के संचालक के रूप में वर्णित किया गया है, फिल्म निर्देशक नहीं।

    Q8. लता मंगेशकर ने फिल्मों में काम करना क्यों छोड़ दिया, यदि हम उनके व्यक्तित्व को ध्यान में रखें?

    • A. उन्हें अभिनय में सफलता नहीं मिली
    • B. उनके पिता ने मना कर दिया
    • C. मेकअप, लाइट और भीड़ का माहौल उन्हें संगीत के जैसा शांत वातावरण नहीं दे सकता था ✓
    • D. फिल्म निर्माता उन्हें काम नहीं देते थे

    Answer: C — लता ने स्वयं कहा कि उन्हें मेकअप, लाइट के सामने जाना और भीड़ के सामने रोना-हँसना कभी अच्छा नहीं लगा, जो उनके आंतरिक स्वभाव को दर्शाता है।

    Q9. साक्षात्कार विधा किस तरह अन्य लेखन विधाओं से भिन्न है?

    • A. इसमें कहानी का विकास होता है
    • B. इसमें कविता जैसी भाषा होती है
    • C. इसमें प्रश्न-उत्तर शैली में किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत अनुभव और विचार सामने आते हैं ✓
    • D. इसमें केवल ऐतिहासिक तथ्य होते हैं

    Answer: C — साक्षात्कार विधा में साक्षात्कारकर्ता प्रश्न पूछता है और साक्ष्य देने वाला व्यक्ति अपने जीवन के अनुभव साझा करता है।

    Q10. पाठ के संदर्भ में, जब लता कहती हैं 'बाबा का संस्कार' तो वह किन मूल्यों की ओर संकेत कर रही हैं?

    • A. संगीत की तकनीकी विधि
    • B. स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और सही बातों पर दृढ़ रहने का साहस ✓
    • C. फिल्मों में अभिनय की कला
    • D. संगीत रागों का ज्ञान

    Answer: B — लता ने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि सही बातों पर खड़े रहो, किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है, और स्वाभिमान से जीओ।

    Flashcards

    लता मंगेशकर का जन्म कहाँ हुआ?

    लता मंगेशकर का जन्म इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था।

    लता मंगेशकर ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा किससे ली?

    लता मंगेशकर ने पाँच वर्ष की आयु में अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा ली।

    पंडित दीनानाथ मंगेशकर की विशेषता क्या थी?

    पंडित दीनानाथ संगीत में एक राग गाते समय किसी भी सुर को 'सा' बनाकर राग को बदल सकते थे और फिर उसी समय मूल राग में लौट आते थे।

    साक्षात्कार विधा किसे कहते हैं?

    साक्षात्कार एक प्रश्न-उत्तर शैली की विधा है जिसमें साक्षात्कारकर्ता किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से प्रश्न पूछकर उनके जीवन और अनुभवों को सामने लाता है।

    लता मंगेशकर के पिता के किस गुण ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया?

    स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता से जीने की प्रेरणा देना, जिससे लता ने कभी किसी के सामने हाथ नहीं पसारा।

    संत तुकाराम फिल्म से लता के बचपन में क्या संस्मरण है?

    लता और उसके भाई-बहन कमरे में गद्दे-तकिये रखकर स्वर्ग बनाते थे और तुकाराम की भूमिका निभाते हुए 'अमी जातो अमचा गावा' गीत गाते थे।

    पिता की डाँट का तरीका कैसा था?

    पिता कुछ कहते नहीं थे, बस गंभीर दृष्टि से देखते थे जिससे ही बच्चे समझ जाते थे कि उन्हें गलती के लिए बुलाया गया है।

    यतींद्र मिश्र का जन्म कब और कहाँ हुआ?

    यतींद्र मिश्र का जन्म सन् 1977 में अयोध्या, उत्तर प्रदेश में हुआ था।

    लता ने फिल्मों में अभिनय क्यों नहीं जारी रखा?

    लता को मेकअप, लाइट और भीड़ के सामने अभिनय करना कभी अच्छा नहीं लगा, इसलिए उन्होंने संगीत पर ध्यान केंद्रित किया।

    'ऐसी भी बातें होती हैं' पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

    जीवन के कठिन पलों में भी संस्कार, आत्मसम्मान और परिवार के प्रति समर्पण से ही व्यक्ति सफल और खुश रह सकता है।

    Important Board Questions

    साक्षात्कार विधा क्या है? इसकी मुख्य विशेषताएँ बताइए। [2 marks]

    साक्षात्कार = प्रश्न-उत्तर शैली में किसी व्यक्ति के जीवन और अनुभवों को जानना। विशेषताएँ: साक्षात्कारकर्ता और साक्ष्यदाता, प्रश्नों के माध्यम से जानकारी, व्यक्तिगत दृष्टिकोण, रोचक और जीवंत।

    पंडित दीनानाथ मंगेशकर ने अपने बेटे-बेटियों को संगीत के अलावा क्या सिखाया? पाठ के आधार पर व्याख्या कीजिए। [3 marks]

    संस्कार = स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता, सही-गलत का ज्ञान, कठिन समय में दृढ़ रहना। उदाहरण: आँखों की गंभीर दृष्टि से अनुशासन, किसी के आगे हाथ न पसारना, परिवार के कठिन दिनों में साहस।

    लता मंगेशकर के जीवन के संदर्भ में, 'आत्मसम्मान' और 'कर्तव्य' की अवधारणा कैसे एक-दूसरे से जुड़ी हुई है? 'ऐसी भी बातें होती हैं' पाठ से उदाहरण देते हुए समझाइए। [5 marks]

    आत्मसम्मान = किसी से कुछ माँगना नहीं, अपने बल पर खड़े होना। कर्तव्य = पिता की मृत्यु के बाद परिवार का पालन। दोनों जुड़े हैं क्योंकि लता ने आत्मसम्मान रखते हुए ही परिवार के प्रति अपना कर्तव्य पूरा किया और कभी किसी के आगे हाथ नहीं पसारा, बल्कि संगीत के माध्यम से आत्मनिर्भर बनीं। यह पिता के संस्कार का प्रभाव था।

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