1. एकांकी का परिचय
2. पाठ्य-सामग्री (गद्य-विश्लेषण)
3. पात्र-परिचय
4. मुख्य विषयवस्तु और सारांश
5. पाठ बोध (समझ के प्रश्न)
6. व्याकरण
7. मुहावरे और लोकोक्तियाँ
8. लेखन कौशल
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**एकांकी क्या है?**
एकांकी का अर्थ है **एक अंक वाला नाटक**। यह नाटक की एक लघु विधा है जिसमें केवल एक ही अंक (दृश्य) होता है। इसमें कथानक सरल, संक्षिप्त किंतु प्रभावशाली होता है।
**एकांकी की विशेषताएँ:**
**नए मेहमान — परिचय:**
**लेखक परिचय — उदयशंकर भट्ट:**
उदयशंकर भट्ट का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुआ। इनके परिवार में साहित्यिक वातावरण था, इसलिए इनकी साहित्य में गहरी रुचि थी। इन्होंने **रेडियो के लिए अनेक नाटक** लिखे। साथ ही **नाटकों और फिल्मों में अभिनय** भी किया। इन्होंने **कविता, उपन्यास और एकांकी** लिखे, लेकिन **नाटक और एकांकी** के क्षेत्र में इन्हें विशेष प्रसिद्धि मिली। इनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं— **"लोक-परलोक"** (उपन्यास) और **"पर्दे के पीछे"** (एकांकी संग्रह)।
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**स्थान:** भारत के किसी बड़े नगर का साधारण गृहस्थ का किराये का मकान
**समय:** गरमी की ऋतु (ग्रीष्मकाल), रात के आठ बजे
**वास्तु-विवरण:**
**कमरे का वातावरण:** यह वर्णन दर्शाता है कि यह एक साधारण, गरीब परिवार का घर है जहाँ न तो आधुनिक सुविधाएँ हैं और न ही सांस लेने के लिए पर्याप्त हवा है।
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**आयु:** 45 वर्ष
**शारीरिक विशेषताएँ:**
**व्यक्तित्व-विशेषताएँ:**
**संवाद-शैली:** उनके संवाद सरल, व्यावहारिक और भावुक होते हैं। वे अपनी परिस्थितियों के बारे में खुलकर बात करते हैं।
**स्वभाव:** ईष्या, व्यावहारिकता और परिश्रमशीलता का मिश्रण
**विशेषताएँ:**
**महत्वपूर्ण संवाद:** "ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए।" — इससे उनकी आर्थिक चिंताओं का पता चलता है।
**आयु:** किशोरावस्था में
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
**आयु:** 4-5 साल
**दशा:**
**आयु:** 35 वर्ष
**स्वरूप:**
**व्यक्तित्व:**
**आयु:** 24 वर्ष
**स्वरूप:**
**व्यक्तित्व:**
**महत्वपूर्ण बात:** ये दोनों अतिथि असली में विश्वनाथ को नहीं जानते। वे गलत पते पर आ गए हैं। इसी कारण वे विभिन्न नाम बताते हैं (संपतराम, जगदीशप्रसाद, कविराज, आदि)।
**विशेषताएँ:**
**आयु:** मध्यम
**विशेषताएँ:**
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**प्रारंभिक परिस्थिति:**
गरमी की ऋतु में एक मध्यवर्गीय परिवार (विश्वनाथ, रेवती, और उनके बच्चों) एक किराये के छोटे मकान में रहते हैं। मकान इतना संकीर्ण है कि छत पर सभी खाटें नहीं आतीं। पड़ोसी उन्हें अतिरिक्त खाट बिछाने की अनुमति नहीं देता। रेवती पिछले 15 दिन से सिरदर्द से पीड़ित है। परिवार असहनीय गरमी में घबरा रहा है।
**संघर्ष का मुख्य विषय:**
विश्वनाथ अपनी पत्नी से कहते हैं कि यदि कोई अतिथि आ जाए तो क्या होगा? यह कथन गलत साबित होता है। तभी अचानक दरवाजा खटखटाता है और दो अजनबी अतिथि (नन्हेमल और बाबूलाल) आ जाते हैं। यद्यपि विश्वनाथ इन्हें नहीं जानते, पर भारतीय संस्कृति के अनुसार "मान न मान मैं तेरा मेहमान" सिद्धांत का पालन करते हैं।
**मेहमानों का आगमन:**
ये दोनों अतिथि गलत पते पर आ गए हैं। वे कविराज रामलाल को ढूँढ़ रहे थे। वे संपतराम, जगदीशप्रसाद जैसे विभिन्न नाम बताते हैं, किंतु विश्वनाथ को वास्तव में कोई नहीं जानते। फिर भी, विश्वनाथ उन्हें अपने घर में ठहराते हैं।
**आतिथ्य की समस्याएँ:**
1. **पानी की माँग:** अतिथि पानी माँगते हैं और बरफ पानी पीना चाहते हैं।
2. **नहाने की व्यवस्था:** नहाने के लिए नल पर जाते हैं और पड़ोसी की छत पर पानी फैल जाता है।
3. **पड़ोसी से झगड़ा:** पड़ोसी तेजी से आते हैं और विश्वनाथ की शिकायत करते हैं।
4. **खाने की व्यवस्था:** रेवती को गरमी में खाना बनाना पड़ता है।
5. **आर्थिक चिंता:** रेवती इन मेहमानों के कारण अतिरिक्त खर्च को लेकर चिंतित है।
**परिस्थिति का समाधान:**
प्रमोद को संदेह होता है कि ये मेहमान सही जगह आए हैं या नहीं। अंततः पता चलता है कि वे कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाना चाहते थे। विश्वनाथ उन्हें सही पते का दिशा-निर्देश देते हैं और वे जाने की तैयारी करते हैं। किंतु तभी **असली मेहमान** (रेवती का भाई) आ जाते हैं।
**एकांकी का अंत:**
आगंतुक (रेवती का भाई) झाँसी से तार भेजकर आते हैं। वह विश्वनाथ का सच का परिचित है। परिवार सच्चे मेहमान का स्वागत करता है। रेवती अब प्रसन्न हो जाती है और कहती है— "अब क्या, मैं खाना बनाऊँगी। भैया भूखे नहीं सो सकते।"
**आतिथ्य का महत्व:**
एकांकी में दिखाया गया है कि भारतीय संस्कृति में **अतिथि को देवता माना जाता है**। चाहे मेहमान अजनबी हो, गलत पते पर आए हों, या परिवार आर्थिक कठिनाई से जूझ रहा हो, तब भी भारतीय परिवार पूर्ण आतिथ्य प्रदान करता है।
**दरिद्रता और मध्यवर्गीय संघर्ष:**
एकांकी में दिखाया गया है कि **शहरी गरीबों और मध्यवर्गीय परिवारों को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है**। किराये के मकान, असहनीय गरमी, सीमित संसाधन, पड़ोसियों का अत्याचार— ये सभी कारक मनुष्य के जीवन को दुर्भर बना देते हैं।
**पारिवारिक बंधन:**
परिवार के सदस्य (बच्चे, रेवती) अपनी परिस्थितियों में भी मेहमान-सेवा में पूरी तरह लग जाते हैं। यह **पारिवारिक एकता और संस्कारों** को दर्शाता है।
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**प्रश्न 1: विश्वनाथ के परिवार की मुख्य समस्याएँ क्या थीं?**
**उत्तर:**
**प्रश्न 2: नन्हेमल और बाबूलाल असली में कौन थे?**
**उत्तर:** ये दोनों **असली में विश्वनाथ के परिचित नहीं थे**। वे **कविराज रामलाल वैद्य के यहाँ जाना चाहते थे** किंतु गलत पते पर विश्वनाथ के घर आ गए। वे **विभिन्न झूठे नाम (संपतराम, जगदीशप्रसाद)** बताते थे और विश्वनाथ को जानने का नाटक करते थे।
**प्रश्न 3: रेवती ने "ईश्वर करे इन दिनों कोई मेहमान न आए" यह बात क्यों कही?**
**उत्तर:**
**प्रश्न 4: पड़ोसी और विश्वनाथ के बीच झगड़े का कारण क्या था?**
**उत्तर:**
**प्रश्न 5: एकांकी का अंत कैसा है? इसका क्या अर्थ है?**
**उत्तर:**
एकांकी का अंत **आशावादी और सुखद** है। आगंतुक (रेवती का असली भाई) आते हैं। रेवती की खुशी में बदलाव आ जाता है। वह कहती है— "अब क्या, मैं खाना बनाऊँगी। भैया भूखे नहीं सो सकते।"
**अर्थ:** यह दर्शाता है कि:
**प्रश्न 6: "मान न मान मैं तेरा मेहमान" इस कहावत का एकांकी में क्या महत्व है?**
**उत्तर:**
इस कहावत से **भारतीय संस्कृति का मूल सिद्धांत** स्पष्ट होता है— **अतिथि को देवता माना जाता है**, चाहे वह अजनबी हो, गलत पते पर आया हो, या कोई परिस्थिति हो। विश्वनाथ अपनी सभी समस्याओं के बावजूद मेहमान का सेवा करता है। यह **भारतीय आतिथ्य की परंपरा** को दर्शाता है।
**प्रश्न 7: किरण (बेटी) का एकांकी में क्या रोल है?**
**उत्तर:**
किरण **मेहमान-सेवा में सक्रिय भूमिका निभाती है**। वह:
यह दर्शाता है कि **परिवार के सभी सदस्य, यहाँ तक कि छोटे बच्चे भी**, आतिथ्य के कर्तव्य को समझते हैं।
**प्रश्न 8: विश्वनाथ और रेवती के मध्य संवाद से उनके व्यक्तित्व के बारे में क्या पता चलता है?**
**उत्तर:**
उनके संवाद **विवाहित जीवन की वास्तविकता** को दर्शाते हैं— **प्रेम और दायित्व का संतुलन**।
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**कारक की परिभाषा:**
**कारक** शब्द के रूप में परिवर्तन को कहते हैं। जब किसी संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध दिखाया जाता है, तो उसे **कारक** कहते हैं।
**आठ कारक:**
1. **कर्ता कारक** (ने)
2. **कर्म कारक** (को)
3. **करण कारक** (से, द्वारा)
4. **संप्रदान कारक** (को, के लिए)
5. **अपादान कारक** (से)
6. **संबंध कारक** (का, की, के)
7. **अधिकरण कारक** (में, पर)
8. **संबोधन कारक** (हे, अरे)
**एकांकी से उदाहरण:**
| कारक | उदाहरण | व्याख्या |
|-------|---------|----------|
| कर्ता | विश्वनाथ ने पंखा किया। | विश्वनाथ क्रिया करने वाला है |
| कर्म | रेवती ने पानी दिया। | पानी क्रिया का लक्ष्य है |
| करण | पंखे से हवा आई। | पंखा साधन है |
| संप्रदान | बच्चे को पानी पिलाया। | बच्चा लाभार्थी है |
| अपादान | स्टेशन से आए हैं। | अलगता दर्शाता है |
| संबंध | विश्वनाथ का घर | स्वामित्व दर्शाता है |
| अधिकरण | मेज पर किताबें हैं। | स्थान दर्शाता है |
| संबोधन | हे भगवान! | पुकार दर्शाता है |
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**वाक्य की परिभाषा:**
**वाक्य** शब्दों का ऐसा समूह है जो पूर्ण अर्थ प्रदान करता है। वाक्य के दो आवश्यक अंग हैं— **विषय (Subject)** और **विधेय (Predicate)**।
**उदाहरण:**
Q1. नए मेहमान एकांकी में गर्मी की ऋतु का वर्णन किस उद्देश्य से किया गया है?
Answer: A — गर्मी विश्वनाथ परिवार की आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ाती है।
Q2. रेवती विश्वनाथ को ऊपर छत पर सोने के लिए कहती है। इससे रेवती का कौन-सा स्वभाव प्रकट होता है?
Answer: B — रेवती बीमार होते हुए भी विश्वनाथ की भलाई के लिए स्वयं कष्ट सहने को तैयार है।
Q3. विश्वनाथ संपतराम को नहीं जानता, फिर भी अतिथियों को सत्कार देता है। इससे कौन-सी भारतीय परंपरा दिखती है?
Answer: A — भारत में अतिथि को देवता माना जाता है और उसे सत्कार करना धर्म माना जाता है।
Q4. एकांकी की शुरुआत में विश्वनाथ और रेवती की बातचीत से क्या पता चलता है?
Answer: B — विश्वनाथ दो साल से मकान ढूँढ रहा है, रेवती बीमार है और दोनों गर्मी से परेशान हैं।
Q5. बाबूलाल कहता है 'शहर के हैं न!' — इस वाक्य से किरण के बारे में क्या संकेत मिलता है?
Answer: B — बाबूलाल का तात्पर्य है कि शहर के बच्चे सीधे और विनम्र होते हैं, ठीक किरण की तरह।
Q6. विश्वनाथ नौकर न रहने के लिए क्या कारण देता है?
Answer: B — रेवती कहती है कि कठिन काम और गर्मी के कारण नौकर भाग जाते हैं।
Q7. एकांकी में विश्वनाथ संपतराम का नाम सुनता है लेकिन उसे नहीं जानता। इससे क्या सिद्ध होता है?
Answer: B — विश्वनाथ बीस साल पहले बिजनौर गया था और अतिथि अपरिचित हैं, इसलिए कोई सीधा रिश्ता नहीं है।
Q8. पड़ोसी लाला की पत्नी किरण की माँ को छत पर अतिरिक्त खाट बिछाने नहीं देती। इससे कौन-सी सामाजिक समस्या दिखती है?
Answer: D — लाला की पत्नी का कहना है कि दूसरों को सोते देखकर उसकी नींद नहीं आती, जो ईष्या दर्शाता है।
Q9. एकांकी का नाम 'नए मेहमान' है। इससे लेखक का क्या आशय प्रतीत होता है?
Answer: C — शीर्षक 'नए' शब्द से अतिथियों की अचानक और अपरिचित आगमन को दर्शाता है।
Q10. एकांकी के अंत में रेवती कहती है कि पहले अतिथियों का पूरा पता-ठिकाना पूछ लेंगे। इससे रेवती का कौन-सा विकास दिखता है?
Answer: A — रेवती व्यावहारिकता से सोचती है कि किसी को खिलाने से पहले उसके बारे में जानना चाहिए।
नए मेहमान एकांकी के लेखक कौन हैं?
उदयशंकर भट्ट नए मेहमान एकांकी के लेखक हैं।
विश्वनाथ की उम्र और व्यवसाय
विश्वनाथ 45 वर्ष के एक साधारण गृहस्थ हैं।
एकांकी की घटना कब और कहाँ घटित होती है?
गर्मी की ऋतु में रात के आठ बजे एक भारतीय नगर के किराये के मकान में।
नन्हेमल और बाबूलाल कहाँ से आए हैं?
नन्हेमल और बाबूलाल बिजनौर से आए हैं।
एकांकी में रेवती की मुख्य समस्या क्या है?
रेवती को पंद्रह दिन से सिर में दर्द है और गर्मी से वह बहुत परेशान है।
विश्वनाथ का बड़ा लड़का कहाँ भेजा गया था?
विश्वनाथ का बड़ा लड़का बीमारी से बचाने के लिए शिमला भेजा गया था।
एकांकी का केंद्रीय विषय क्या है?
एकांकी का मुख्य विषय अतिथि सेवा और भारतीय परंपरा के बीच आर्थिक विपन्नता की द्वंद्वात्मक स्थिति है।
पड़ोसी लाला की विशेषता क्या दिखाई देती है?
पड़ोसी लाला निर्दयी है और दूसरों की मुसीबत देखकर प्रसन्न होता है।
बाबूलाल ने नई धोती के लिए कितना खर्च किया?
बाबूलाल ने नई धोती के लिए नकद नौ रुपये खर्च किए थे।
एकांकी में 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' मुहावरे का अर्थ
इस मुहावरे का अर्थ है कि मेहमान की इच्छा के विरुद्ध भी उसे सत्कार करना पड़ता है।
एकांकी के प्रारंभ में विश्वनाथ के घर की क्या समस्याएँ दिखाई देती हैं? [1 mark]
गर्मी, मकान, स्वास्थ्य — एक समस्या का नाम लिखो।
नन्हेमल और बाबूलाल का परिचय अपने शब्दों में दीजिए। [2 marks]
ये दोनों कहाँ से आए हैं? उनकी क्या विशेषताएँ हैं? (आयु, व्यवहार, भाषा शैली)
रेवती विश्वनाथ को खाना बनाने से पहले अतिथियों का पता-ठिकाना जानना क्यों चाहती है? इससे कौन-सी सामाजिक वास्तविकता प्रकट होती है? [3 marks]
आर्थिक कठिनाई, सावधानी, गरीब परिवार की चिंता — तीनों बिंदुओं को छूना है।
एकांकी में पड़ोसी लाला और उसकी पत्नी का किरदार विश्वनाथ के परिवार के प्रति कैसा व्यवहार दर्शाता है? भारतीय समाज में इस तरह की निर्ममता क्यों आती है? विस्तार से समझाइए। [5 marks]
ईष्या, संपन्नता से उपजी असंवेदनशीलता, दूसरों के दुःख से आनंद, आर्थिक विषमता के कारण। उदाहरण (छत पर खाट न बिछाने देना, पचास रुपये की शर्त) दें।
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