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Paani Re Paani

NCERT Class 7 · Hindi Based on NCERT Class 7 Hindi textbook · Free CBSE study kit

Chapter Notes

पानी रे पानी - विस्तृत अध्ययन सामग्री

पाठ परिचय

यह पाठ अनुपम मिश्र द्वारा लिखा गया एक महत्वपूर्ण गद्य है जो पानी के संकट और जल-चक्र के बारे में विस्तार से बताता है। लेखक ने पानी को धरती की गुल्लक के रूप में प्रस्तुत करके इसके महत्व को समझाया है।

**लेखक परिचय - अनुपम मिश्र (1948-2016)**

अनुपम मिश्र एक प्रसिद्ध लेखक, संपादक और पर्यावरणविद थे। उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं:

  • आज भी खरे हैं तालाब (सबसे प्रसिद्ध कृति)
  • साफ माथे का समाज
  • गांधी मार्ग पत्रिका के संस्थापक-संपादक
  • यह पुस्तक ब्रेल लिपि सहित कई भाषाओं में अनुवादित हुई है।

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    जल-चक्र की वैज्ञानिक व्याख्या

    **परिभाषा:** जल-चक्र वह प्रक्रिया है जिसमें सूरज, समुद्र, बादल, हवा और धरती मिलकर पानी को एक निरंतर गतिमान चक्र में परिवर्तित करते हैं।

    **जल-चक्र की प्रक्रिया के चरण:**

    • **समुद्र से भाप बनना** - सूरज की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है

    • **बादल का निर्माण** - यह भाप ऊपर जाकर ठंडी होती है और बादल बनती है

    • **वर्षा होना** - बादल भारी होकर पानी की बूंदों के रूप में पृथ्वी पर बरसता है

    • **नदियों का समुद्र में मिलना** - यह पानी नदियों के रूप में बहकर समुद्र में वापस मिल जाता है

    पाठ में पाई गई पंक्ति: "सूरज, समुद्र, बादल, हवा, धरती, फिर बरसात की बूँदें और लो फिर बहती हुई एक नदी... यह जल-चक्र पूरा हो जाता है।"

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    आधुनिक समय में पानी की समस्याएँ

    **समस्या 1 - गर्मी के मौसम में जल संकट**

    **परिभाषा:** जब किसी क्षेत्र में पानी की कमी हो जाए तो इसे जल संकट या अकाल कहते हैं।

    **समस्याएँ:**

  • नलों में पूरे समय पानी नहीं आता
  • नल खोलने पर सूँ-सूँ की आवाज आती है
  • पानी बेवक्त (गलत समय पर) आता है - कभी देर रात को, कभी बहुत सबेरे
  • घर के लोगों को मीठी नींद छोड़कर बाल्टियाँ, बर्तन और घड़े भरने पड़ते हैं
  • पानी की कमी के कारण लोगों में झगड़े-टंटे होने लगते हैं
  • **पड़ोसियों के बीच विवाद:**

    जब पानी की कमी हो तो पड़ोसी आपस में "तू-तू, मैं-मैं" करने लगते हैं। पानी को लेकर झगड़े होते हैं।

    **समस्या 2 - मोटर लगवाना (गलत प्रथा)**

    कुछ घरों में लोग नलों के पाइप में मोटर लगवा लेते हैं। इससे:

  • कई घरों का पानी खिंचकर एक ही घर में आ जाता है
  • यह अपने आस-पास के हक को छीनने जैसा काम है
  • पानी की कमी और भी बढ़ जाती है
  • जब एक घर यह करे तो दूसरे घर भी यही करने लगते हैं
  • **शहरों में जल संकट:**

    बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर) में पानी भी शहरी वस्तुओं की तरह बिकने लगा है। शहरों में अब पानी के विक्रेता भी हो गए हैं।

    **समस्या 3 - बाढ़ का आना**

    बरसात के मौसम में विपरीत समस्या आती है।

    **बाढ़ की समस्याएँ:**

  • सब तरफ पानी ही बहने लगता है
  • घर, स्कूल, सड़कों, रेल की पटरियों पर पानी भर जाता है
  • देश के कई भागों में बाढ़ आती है - गाँवों में भी, शहरों में भी
  • मुंबई जैसे बड़े शहरों को भी बाढ़ नहीं छोड़ता
  • कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है, सब कुछ बह जाता है
  • **महत्वपूर्ण विचार:**

    पाठ की एक मुख्य पंक्ति है: "अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"

    इसका अर्थ है कि:

  • कम पानी होना (अकाल) और ज्यादा पानी होना (बाढ़) एक ही समस्या के दो रूप हैं
  • दोनों ही समस्याएँ भयानक परिणाम देती हैं
  • यदि हम इन दोनों को ठीक से समझ और सँभाल लें तो कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है
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    धरती को गुल्लक के रूप में समझना

    **गुल्लक की तुलना:**

    लेखक ने एक सुंदर उपमा दी है - जैसे हम अपनी गुल्लक में धीरे-धीरे एक रुपया, दो रुपया, पाँच रुपया, सिक्के और नोट जमा करते हैं, ठीक उसी तरह धरती भी जल-चक्र से पानी का संग्रह करती है।

    **गुल्लक के समानांतर:**

    • **हम करते हैं:** पैसे मिलें तो खुश होकर गुल्लक में डाल देते हैं

    • **धरती करती है:** बरसात के मौसम में प्रकृति खूब पानी बरसाती है

    • **हम करते हैं:** जरूरत पड़ने पर गुल्लक की बचत का उपयोग करते हैं

    • **धरती करती है:** बरसात के बाद पूरे साल पानी देती है

    **महत्वपूर्ण विचार:**

    "हमारी यह धरती भी इसी तरह की खूब बड़ी गुल्लक है। मिट्टी की बनी इस विशाल गुल्लक में प्रकृति वर्षा के मौसम में खूब पानी बरसाती है। तब रुपयों से भी कई गुना कीमती इस वर्षा को हमें इस बड़ी गुल्लक में जमा कर लेना चाहिए।"

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    भूजल भंडार और जलस्रोत

    **भूजल भंडार क्या है?**

    पानी जो जमीन के नीचे छिपा होता है, उसे भूजल कहते हैं। भूजल का कुल संचय भूजल भंडार कहलाता है।

    **भूजल भंडार कैसे भरता है?**

    • तालाब, झील, पोखर आदि में वर्षा का जल एकत्र होता है

    • यह पानी धीरे-धीरे छनकर जमीन के अंदर जाता है

    • जमीन के नीचे विशाल पानी का भंडार बनता है

    • इसी कारण से ये जलस्रोत "धरती की गुल्लक में पानी भरने का काम करते हैं"

    **भूजल का महत्व:**

    "पानी का यह खजाना हमें दिखता नहीं, लेकिन इसी खजाने से हम बरसात का मौसम बीत जाने के बाद पूरे साल भर तक अपने उपयोग के लिए घर में, खेतों में, पाठशाला में पानी निकाल सकते हैं।"

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    तालाबों का विनाश - एक बड़ी गलती

    **तालाबों का महत्व:**

    गाँव और शहरों में जो छोटे-बड़े तालाब, झीलें होती हैं, वे धरती की गुल्लक में पानी भरने का काम करती हैं।

    **क्या हुआ?**

    "लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब हम लोग इस छिपे खजाने का महत्व भूल गए और जमीन के लालच में हमने अपने तालाबों को कचरे से पाटकर, भरकर समतल बना दिया।"

    **तालाबों को नष्ट करके क्या बनाया गया?**

  • मकान
  • बाजार
  • स्टेडियम
  • सिनेमा
  • अन्य व्यावसायिक भवन
  • **परिणाम:**

    "इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है। गर्मी के दिनों में हमारे नल सूख जाते हैं और बरसात के दिनों में हमारी बस्तियाँ डूबने लगती हैं।"

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    समस्या का समाधान

    **समाधान के उपाय:**

    पाठ में लेखक समाधान सुझाते हैं:

    • **जल-चक्र को समझना** - पानी की प्राकृतिक प्रक्रिया को समझें

    • **बरसात को थामना** - वर्षा के जल को संरक्षित करें

    • **भूजल भंडार की सुरक्षा** - जमीन के नीचे के पानी को बचाएँ

    • **गुल्लक भरते रहना** - तालाबों, झीलों को पूर्ण रखें

    **महत्वपूर्ण संदेश:**

    "जल-चक्र हम ठीक से समझें, जब बरसात हो तो उसे थाम लें, अपना भूजल भंडार सुरक्षित रखें, अपनी गुल्लक भरते रहें, तभी हमें जरूरत के समय पानी की कोई कमी नहीं आएगी।"

    **चेतावनी:**

    "यदि हमने जल-चक्र का ठीक उपयोग नहीं किया तो हम पानी के चक्कर में फँसते चले जाएँगे।"

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    वर्षा जल संग्रहण

    **वर्षा जल संग्रहण क्या है?**

    **परिभाषा:** वर्षा के जल को एकत्र करना और उसका भंडारण करके बाद में प्रयोग करना, वर्षा जल संग्रहण कहलाता है।

    **मूल उद्देश्य:** "जल जहाँ गिरे वहीं एकत्र कीजिए।"

    **एक प्रमुख तकनीक - छत के ऊपर वर्षा जल संग्रहण:**

    इस प्रणाली में:

    • भवनों की छत पर गिरने वाला वर्षा जल एकत्र किया जाता है

    • पाइप के द्वारा इस जल को भंडारण टंकी में पहुँचाया जाता है

    • इस जल में छत पर उपस्थित मिट्टी के कण मिल जाते हैं

    • उपयोग से पहले इसे स्वच्छ करना आवश्यक है

    **लाभ:**

  • जल की उपलब्धता में वृद्धि होती है
  • भूजल भंडार को पुनः भरा जा सकता है
  • बाढ़ की समस्या कम होती है
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    व्याकरण - महत्वपूर्ण बिंदु

    उपसर्ग (उपसर्ग क्या है)

    **परिभाषा:** कुछ शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या कोई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं। ऐसे शब्दांश 'उपसर्ग' कहलाते हैं।

    **उदाहरण:**

    **अ + काल = अकाल**

  • काल का अर्थ = समय, मृत्यु
  • अकाल का अर्थ = कुसमय, सूखा
  • पाठ में: "देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसी हालत बन जाती है।"
  • **अन्य उपसर्ग उदाहरण:**

    | उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द | अर्थ |

    |--------|----------|-----------|------|

    | **प्र** | देश | प्रदेश | किसी विशेष क्षेत्र |

    | **स्व** | देश | स्वदेश | अपना देश |

    | **वि** | देश | विदेश | विदेश, दूसरा देश |

    | **पर** | देश | परदेश | दूसरा देश |

    **पाठ में आए उपसर्ग:**

    • **अ** - अकाल, अनिगनत, असीमित, असाधारण

    • **वि** - विदेशी, विदेश, विशाल

    • **सु** - सुंदर, सुरक्षित

    **नए शब्द बनाने का अभ्यास:**

    • **ज्ञान + प्र** = प्रज्ञान (बड़ी बुद्धिमत्ता)

    • **पात्र + अ** = अपात्र (योग्य न हो)

    • **पानी + सु** = सुपानी (अच्छा पानी - परंपरागत)

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    समानार्थी शब्द (पर्यायवाची शब्द)

    **परिभाषा:** वे शब्द जिनका अर्थ समान या लगभग समान हो, समानार्थी शब्द कहलाते हैं।

    **पाठ में दिए गए समानार्थी शब्द:**

    सूर्य (सूरज) के समानार्थी:

  • भास्कर
  • दिवाकर
  • दिनकर
  • बादल के समानार्थी:

  • मेघ
  • वारिद
  • जलद
  • नीरद
  • हवा के समानार्थी:

  • पवन
  • वायु
  • समीर
  • भाप के समानार्थी:

  • वाष्प
  • ---

    महत्वपूर्ण वाक्य और उनका भाव

    **वाक्य 1:** "पानी आता भी है तो बेवक्त।"

    **अर्थ:** पानी बिल्कुल ठीक समय पर नहीं आता। कभी बहुत देर रात को आता है, कभी सुबह-सवेरे।

    **भाव:** जल प्रणाली की अव्यवस्था का संकेत।

    **वाक्य 2:** "देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।"

    **अर्थ:** कुछ क्षेत्रों में जल संकट इतना गंभीर हो जाता है कि वह अकाल की स्थिति पैदा कर देता है।

    **भाव:** जल संकट की गंभीरता।

    **वाक्य 3:** "कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।"

    **अर्थ:** बाढ़ आने पर सारी गतिविधियाँ रुक जाती हैं।

    **भाव:** बाढ़ का विनाशकारी प्रभाव।

    **वाक्य 4:** "अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"

    **अर्थ:** कम पानी (अकाल) और ज्यादा पानी (बाढ़) एक ही समस्या के दो रूप हैं।

    **भाव:** जल असंतुलन समस्या का मूल कारण।

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    शीर्षक विश्लेषण - "पानी रे पानी"

    **शीर्षक का अर्थ:**

    "पानी रे पानी" एक आह्वान है, जैसे कोई किसी को पुकार रहा हो।

    **शीर्षक दिया गया है क्योंकि:**

    • पानी पाठ का केंद्रीय विषय है

    • लेखक पानी को संबोधित कर रहे हैं - "हे पानी!"

    • यह शीर्षक पानी की महत्ता, घटती उपलब्धता और संकट को दर्शाता है

    • भारतीय परंपरा में पानी को देवता माना जाता है, इसलिए इसे "हे जल" कहकर संबोधित किया गया है

    • शीर्षक की पुनरावृत्ति (पानी रे पानी) से जोर और भावुकता आती है

    **वैकल्पिक शीर्षक:**

    • "जल संकट और समाधान"

    • "धरती की गुल्लक - जल संरक्षण"

    • "अकाल और बाढ़: जल असंतुलन"

    • "जल-चक्र: संरक्षण की जरूरत"

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    महत्वपूर्ण संदेश और नैतिक मूल्य

    **पाठ से मिलने वाली शिक्षाएँ:**

    **1. प्रकृति के साथ सामंजस्य:**

    हमें प्रकृति के नियमों को समझकर उनके अनुसार जीना चाहिए।

    **2. संसाधनों का संरक्षण:**

    जल जैसे मूल्यवान संसाधनों को बेकार न करें। इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखें।

    **3. पर्यावरण सचेतता:**

    तालाबों को बचाना, वन को संरक्षित करना, जल प्रदूषण न करना - ये सब हमारा कर्तव्य है।

    **4. सामूहिक जिम्मेदारी:**

    पानी की समस्या का समाधान एक व्यक्ति या एक घर नहीं कर सकता। पूरे समाज को मिलकर यह काम करना होगा।

    **5. दूरदर्शिता:**

    आजकल का दुरुपयोग भविष्य में संकट पैदा करता है। इसलिए आज ही सचेत हो जाएँ।

    **6. समानता और न्याय:**

    पानी सभी का अधिकार है। किसी को कम पानी देना और किसी को ज्यादा देना न्याय के विरुद्ध है।

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    प्रमुख शब्दावली

    **जल-चक्र:** समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर वर्षा के रूप में धरती पर आना और फिर नदियों के द्वारा समुद्र में मिल जाना।

    **भूजल भंडार:** जमीन के नीचे छिपा हुआ पानी का विशाल भंडार।

    **अकाल:** पानी या अन्न की अत्यधिक कमी की स्थिति।

    **बाढ़:** अत्यधिक वर्षा के कारण पानी का अतिरिक्त प्रवाह।

    **वर्षा जल संग्रहण:** वर्षा के जल को एकत्र करके भंडारित करना।

    **जलस्रोत:** वह स्थान जहाँ से पानी निकलता है - नदी, झील, तालाब, कुआँ आदि।

    **भूजल स्तर:** जमीन के नीचे पानी कितनी गहराई पर है, इसे भूजल स्तर कहते हैं।

    **प्रदूषण:** पानी, हवा या मिट्टी को गंदा करना।

    **संरक्षण:** किसी चीज को सुरक्षित रखना, नष्ट न होने देना।

    **मोटर:** विद्युत से चलने वाली मशीन जो पानी को ऊपर खींचती है।

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    विश्वेश्वरैया का जीवन परिचय

    यह जीवन परिचय पाठ के अंत में दिया गया है, जहाँ महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया का वर्णन है।

    **जन्म:** 15 सितंबर 1861, मुद्देनाहल्ली (मैसूर, जो अब कर्नाटक में है)

    **पिता:** वैद्य थे

    **प्रारंभिक शिक्षा:**

    • 2 वर्ष की आयु से रामायण, महाभारत, पंचतंत्र की कहानियाँ सुनते थे

    • घर की वृद्ध महिलाएँ उन्हें रोज रात में ये कहानियाँ सुनाती थीं

    • इन कहानियों से उन्होंने ईमानदारी, दया और अनुशासन सीखा

    **स्कूली शिक्षा:**

    • चिकबल्लापुर के मिडिल और हाईस्कूल में पढ़े

    • जब उन्हें "गॉड सेव द किंग" गीत गाने को कहा गया तो उन्हें पता चला कि भारत अंग्रेजों का उपनिवेश है

    **राष्ट्रीय चेतना:**

    गरीब नौकरानी को देखकर उन्हें सवाल उठे:

  • क्या वह गरीब इसलिए है क्योंकि भारत पर विदेशी शासन है?
  • आखिर इतने लोग गरीब क्यों हैं?
  • **पिता की मृत्यु:**

    14 वर्ष की आयु में पिता का निधन हो गया।

    **शिक्षा जारी रखने का संकल्प:**

    माँ के साथ बातचीत के बाद उन्होंने बंगलौर जाने का निर्णय लिया:

  • मामा रामैया के यहाँ रहने का प्रस्ताव
  • स्वयं कमाई करके अपनी पढ़ाई के खर्च को पूरा करने का वादा
  • बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर धन कमाने की योजना
  • **महानता की कुंजी:**

    उनके जीवन में महानता की कुंजी यह थी कि वे "जीवनपर्यंत छात्र बने रहे" क्योंकि "बहुत कुछ सीखना बाकी है।"

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    अभ्यास प्रश्नों के उत्तर

    **प्रश्न 1: हमारा भूजल भंडार निम्नलिखित में से किससे समृद्ध होता है?**

    **उत्तर:**

  • ✓ पानी बरसने से
  • ✓ तालाब और झीलों से
  • **व्याख्या:** जब वर्षा होती है तो पानी तालाबों और झीलों में एकत्र होता है। यह पानी धीरे-धीरे छनकर जमीन के अंदर जाता है और भूजल भंडार को भरता है। नल सूख जाने से और बाढ़ आने से भूजल भंडार समृद्ध नहीं होता।

    **प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सी बात जल-चक्र से संबंधित है?**

    **उत्तर:**

  • ✓ समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना
  • ✓ नदियों का समुद्र में जाकर मिलना
  • **व्याख्या:** जल-चक्र एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें समुद्र का पानी भाप बनता है, बादल बनता है, वर्षा होती है और फिर नदियों के माध्यम से वापस समुद्र में मिलता है। वर्षा जल का संग्रह करना और बरसात में पानी दिखाई देना जल-चक्र की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उसके परिणाम हैं।

    **प्रश्न 3: "इस बड़ी गलती की सजा अब हम सबको मिल रही है।" यहाँ किस गलती की ओर संकेत किया गया है?**

    **उत्तर:**

  • ✓ तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना
  • ✓ आवश्यकता से अधिक पानी का उपयोग करना
  • **व्याख्या:** पाठ में स्पष्ट रूप से कहा

    MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. पाठ के अनुसार, हमारा भूजल भंडार निम्न में से किससे समृद्ध होता है?

    • A. तालाबों और झीलों में जमा पानी से ✓
    • B. नल में आने वाले पानी से
    • C. बाढ़ के पानी से
    • D. मोटर द्वारा खींचे गए पानी से

    Answer: A — पाठ में स्पष्ट लिखा है कि तालाबों और झीलों में जमा पानी धरती में रिसकर भूजल को समृद्ध करता है।

    Q2. जल-चक्र की प्रक्रिया किससे शुरू होती है?

    • A. वर्षा से
    • B. नदी से
    • C. समुद्र से भाप उठने से ✓
    • D. बादल बनने से

    Answer: C — पाठ में जल-चक्र की शुरुआत समुद्र से उठी भाप से बताई गई है।

    Q3. पाठ में 'यह बड़ी गलती' किससे संबंधित है?

    • A. अत्यधिक पानी का उपयोग करना
    • B. तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना ✓
    • C. नलों में मोटर लगवाना
    • D. बाढ़ को रोकना

    Answer: B — पाठ में स्पष्टतः कहा गया है कि तालाबों को पाटकर उन पर मकान और बाजार बनाना बड़ी गलती है।

    Q4. धरती को 'गुल्लक' कहने का क्या अर्थ है?

    • A. धरती पर गुल्लकें रखी जाती हैं
    • B. धरती वर्षा के पानी को जमा करती है जैसे गुल्लक पैसे जमा करती है ✓
    • C. धरती गरीब है
    • D. धरती पर केवल गुल्लक मिलती हैं

    Answer: B — यह एक उपमा है — जैसे गुल्लक पैसों को संग्रहीत करती है, वैसे ही धरती जल को भूजल के रूप में संचित करती है।

    Q5. भारत के किन शहरों में जल-संकट है?

    • A. केवल दिल्ली में
    • B. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बैंगलोर जैसे बड़े शहरों में ✓
    • C. केवल गाँवों में
    • D. केवल समुद्र के पास

    Answer: B — पाठ में इन पाँचों बड़े शहरों का नाम लिया गया है जहाँ लोगों को भयानक जल-संकट का सामना करना पड़ता है।

    Q6. नलों में पानी बेवक्त (अनियमित समय पर) आने से कौन-सी समस्या होती है?

    • A. बिजली की बचत होती है
    • B. लोगों को रात को जागना पड़ता है और बाल्टियाँ भरनी पड़ती हैं ✓
    • C. पानी साफ रहता है
    • D. पड़ोसियों से दोस्ती बढ़ती है

    Answer: B — पाठ में लिखा है कि पानी कभी देर रात को, कभी बहुत सबेरे आता है, जिससे लोगों को मीठी नींद छोड़कर पानी भरना पड़ता है।

    Q7. अकाल और बाढ़ दोनों समस्याओं से बचने के लिए पाठ में क्या सुझाव दिया गया है?

    • A. शहरों में जाना चाहिए
    • B. जल-चक्र को समझना, बरसात में पानी को थाम लेना और भूजल भंडार को सुरक्षित रखना ✓
    • C. सिर्फ पानी कम इस्तेमाल करना काफी है
    • D. सरकार को सब कुछ करने देना चाहिए

    Answer: B — पाठ के अंत में लेखक ने स्पष्ट कहा है कि जल-चक्र को समझकर बरसात में पानी को संचित करने से ये समस्याएँ हल हो सकती हैं।

    Q8. यदि हम तालाबों और झीलों की रखवाली नहीं करते तो क्या होगा?

    • A. पक्षियों को पानी नहीं मिलेगा
    • B. भूजल घटेगा, गर्मियों में पानी की कमी होगी और अकाल जैसी स्थिति बनेगी ✓
    • C. बाढ़ अधिक आएगी
    • D. कोई समस्या नहीं होगी

    Answer: B — जल संग्रहण का मुख्य स्रोत तालाब और झीलें हैं; इनके बिना भूजल समृद्ध नहीं होगा।

    Q9. पाठ में पानी की समस्या को समझाने के लिए किस उदाहरण का प्रयोग किया गया है?

    • A. बैंक का उदाहरण
    • B. सिनेमा का उदाहरण
    • C. गुल्लक का उदाहरण ✓
    • D. स्कूल का उदाहरण

    Answer: C — लेखक ने गुल्लक का उदाहरण देकर बताया कि जैसे गुल्लक में पैसे जमा करते हैं, वैसे ही हमें पानी जमा करना चाहिए।

    Q10. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

    • A. मोटर लगवाना पानी बचाने का सही तरीका है
    • B. अकाल केवल गाँवों में आता है
    • C. तालाबों को पाटकर मकान बनाना जल-संकट को और बढ़ा देता है ✓
    • D. बाढ़ केवल छोटे शहरों में आती है

    Answer: C — पाठ में यह स्पष्ट है कि तालाबों को नष्ट करना भूजल को कम करता है और जल-संकट को गंभीर बनाता है।

    Flashcards

    जल-चक्र किसे कहते हैं?

    समुद्र से पानी भाप बनकर उठता है, बादल बनता है, वर्षा होती है, नदी बनकर समुद्र में वापस मिलती है — यह पूरी प्रक्रिया जल-चक्र है।

    पाठ में धरती को गुल्लक क्यों कहा गया है?

    जैसे गुल्लक में रुपए जमा होते हैं, वैसे ही धरती में वर्षा का पानी तालाबों और भूजल में जमा होता है।

    भूजल भंडार समृद्ध कैसे होता है?

    तालाबों और झीलों में जमा पानी धरती में धीरे-धीरे रिसकर जमीन के नीचे के जल-भंडार को भरता है।

    नल में सूँ-सूँ की आवाज क्यों आती है?

    नलों में पूरे समय पानी न आने से और भूजल स्तर कम होने से नल सूख जाते हैं।

    अकाल और बाढ़ को एक ही सिक्के के दो पहलू क्यों कहा गया?

    जल की कमी से अकाल पड़ता है और अधिकता से बाढ़ आती है — दोनों ही जल-प्रबंधन की असफलता से होते हैं।

    तालाबों को कचरे से पाटने का क्या परिणाम हुआ?

    इससे भूजल में जल-संचय नहीं हो पाता, गर्मियों में नल सूख जाते हैं और पानी की कमी बढ़ जाती है।

    मोटर लगवाने से क्या समस्या बढ़ गई?

    पड़ोसी घरों का पानी एक घर में खिंच जाता है, इससे सामुदायिक जल-संकट बढ़ जाता है।

    पानी को रुपयों से भी अधिक मूल्यवान क्यों कहा गया?

    क्योंकि जल के बिना जीवन संभव नहीं है, जबकि पैसे के बिना भी लोग गुजर सकते हैं।

    बरसात में पानी को 'थाम लेना' का अर्थ है?

    वर्षा के जल को तालाबों, झीलों और कृत्रिम साधनों से संग्रहित करना ताकि गर्मियों में उपयोग हो सके।

    अनुपम मिश्र कौन थे?

    वे एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, लेखक और संपादक थे जिन्होंने 'आज भी खरे हैं तालाब' नामक महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी है।

    Important Board Questions

    जल-चक्र किसे कहते हैं? पाठ में दिए गए उदाहरण से समझाइए। [1 mark]

    समुद्र → भाप → बादल → वर्षा → नदी → समुद्र — इस क्रम का नाम लिखें।

    धरती को 'गुल्लक' कहने से पाठकार का क्या अभिप्राय है? समझाइए। [2 marks]

    गुल्लक में पैसे जमा होते हैं। इसी तरह धरती में क्या जमा होता है? इसका कारण भी बताएँ।

    पाठ में तालाबों को नष्ट करना एक 'बड़ी गलती' क्यों कहा गया है? इसके तीन परिणाम लिखिए। [3 marks]

    तालाब → जल संचय → भूजल। तालाब न होने से क्या-क्या नुकसान होते हैं? (१) भूजल स्तर (२) गर्मी में नल (३) मकान-बाजार।

    अकाल और बाढ़ दोनों समस्याओं को दूर करने के लिए आप क्या प्रयास कर सकते हैं? अपने घर और समाज के लिए पाँच सुझाव दीजिए। [5 marks]

    जल-संचय, तालाबों की रखवाली, पानी की बर्बादी रोकना, वर्षा का पानी इकट्ठा करना, भूजल के प्रति सचेत रहना — इन बातों पर ध्यान दें।

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