**मैया मैं नहिं माखन खायो - महत्वपूर्ण बातें**
**कवि का परिचय:**
सूरदास (15वीं शताब्दी) - ब्रज भाषा के महाकवि, श्रीकृष्ण की बाल-लीला के रचनाकार
**मुख्य शब्दों के अर्थ:**
पाछे = पीछे | मधुबन = मथुरा के पास वन | पहर = समय की इकाई (3 घंटे) | बंसीवट = वट वृक्ष | छीका = घर की वस्तु | यशोदा = कृष्ण की माता | गवाल-बाल = गाय चराने वाले बच्चे
**पद की विशेषताएँ:**
1. ब्रज भाषा में लिखा गया
2. तुक (अंत ध्वनि की समानता) का उपयोग - 'पठायो-आयो'
3. बाल-लीला का मनोरम वर्णन
4. अंत में कवि का नाम 'सूरदास'
**मुख्य भाव:**
कृष्ण अपनी माता को समझाते हैं कि वे माखन नहीं खाते क्योंकि वे छोटे हैं।
**याद रखें:**
ब्रज भाषा में कुछ शब्द आजकल की हिंदी से अलग होते हैं - भोरी = भोली, पाछे = पीछे
Q1. सूरदास किस शताब्दी के कवि थे?
Answer: B — पाठ में स्पष्ट लिखा है कि सूरदास का जन्म 15वीं शताब्दी में हुआ था।
Q2. पद में कृष्ण को कहाँ भेजा गया?
Answer: B — पद में लिखा है 'भोर भयो गैयन के पाछे, मधुबन मोहि पठायो' अर्थात् कृष्ण को मधुबन भेजा गया।
Q3. छीका क्या है?
Answer: B — पाठ में छीका को घर की एक पारंपरिक वस्तु बताया गया है जिसमें खाने की चीजें रखी जाती हैं।
Q4. कविता में 'तुक' का अर्थ है ___________।
Answer: B — पाठ में बताया गया है कि तुक अर्थात् अंत में समान ध्वनि से कविता प्रभावशाली बनती है।
Q5. यशोदा कौन हैं?
Answer: B — पाठ में यशोदा को श्रीकृष्ण की माता बताया गया है जिन्होंने उनका पालन-पोषण किया।
Q6. 'भोरी' शब्द का अर्थ है ___________।
Answer: B — पाठ में बताया गया है कि भोरी का अर्थ 'भोली' है, जो ब्रज भाषा का पुराना रूप है।
Q7. कृष्ण ने अपनी माता को माखन न खाने का क्या कारण बताया?
Answer: B — पद में कृष्ण कहते हैं कि वे छोटे हैं और उनकी बाँहें छीके तक नहीं पहुँच सकतीं।
Q8. सूरदास की रचनाएँ किस भाषा में हैं?
Answer: B — पाठ में स्पष्ट लिखा है कि सूरदास की रचनाएँ ब्रज भाषा में उपलब्ध हैं।
Q9. नीचे दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द 'समझकर' का पर्यायवाची है?
Answer: B — शब्दों के अर्थ में जानि का अर्थ है 'जानकर, समझकर' जो उपहि के करीब है।
Q10. पद के अंत में सूरदास ने यशोदा को कृष्ण को गले से क्यों लगाया?
Answer: B — पद के अंत में लिखा है कि यशोदा ने कृष्ण को गले से लगाया क्योंकि वह उनकी बातों पर विश्वास कर गई।
सूरदास कौन थे?
सूरदास 15वीं शताब्दी के महान कवि थे जिन्होंने ब्रज भाषा में श्रीकृष्ण की बाल-लीला का सुंदर वर्णन किया।
इस पद में कृष्ण अपनी माता को क्या समझाते हैं?
कृष्ण कहते हैं कि वे माखन नहीं खाते क्योंकि उनकी बाँहें छीके तक नहीं पहुँच सकतीं और वे अभी बहुत छोटे हैं।
ब्रज भाषा किसे कहते हैं?
ब्रज भाषा मथुरा-गोवर्धन क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा है जिसमें सूरदास ने अपनी रचनाएँ लिखीं।
इस पद में 'तुक' क्या है?
तुक का अर्थ है कविता के अंत में समान ध्वनि, जैसे 'पठायो' और 'आयो' में समान ध्वनि है।
यशोदा कौन हैं?
यशोदा श्रीकृष्ण की माता हैं जिन्होंने कृष्ण को पाला-पोसा और उन्हें प्रेम से पालन किया।
मधुबन कहाँ है?
मधुबन मथुरा के पास यमुना के किनारे का एक वन है जहाँ कृष्ण गायें चराया करते थे।
छीका क्या होता है?
छीका घर की एक पारंपरिक वस्तु है जो मिट्टी के बर्तन के आकार की होती है और उसमें खाने की चीजें रखी जाती हैं।
इस पद में कितने पहर का वर्णन है?
इस पद में चार पहर का वर्णन है जो सुबह से शाम तक कृष्ण के साथ बिताए गए समय को दर्शाता है।
सूरदास की मृत्यु कब हुई?
सूरदास की मृत्यु 16वीं शताब्दी में हुई थी और वे भारतीय साहित्य के महाकवि माने जाते हैं।
गवाल-बाल किसे कहते हैं?
गवाल-बाल का अर्थ है गाय पालने वाले बच्चे या कृष्ण के साथी जो गायें चराते समय उन्हें परेशान करते थे।
पद का कवि कौन है? [1 mark]
सूरदास - 15वीं शताब्दी के कवि, ब्रज भाषा में लिखते थे।
कृष्ण माता को माखन न खाने का क्या कारण बताते हैं? (2 अंक) [2 marks]
छोटा आयु, छीके तक न पहुँचना, बाँहें छोटी होना - ये तीनों कारण दें।
इस पद में 'तुक' क्या है? उदाहरण सहित समझाइए। (3 अंक) [3 marks]
तुक = अंत की समान ध्वनि। उदाहरण: 'पठायो-आयो' में 'आयो' ध्वनि समान है। कविता को सुंदर और प्रभावशाली बनाता है।
सूरदास की रचनाओं की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए। आजकल भी इनकी रचनाएँ क्यों लोकप्रिय हैं? (5 अंक) [5 marks]
ब्रज भाषा में लिखी हुई, श्रीकृष्ण की बाल-लीला का वर्णन, तुक का उपयोग, भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व, आजकल भी गाई जाती हैं।
सही है या गलत - कारण बताएँ: (2 अंक) 'सूरदास की रचनाएँ केवल संस्कृत भाषा में हैं।' [2 marks]
गलत है - सूरदास की रचनाएँ ब्रज भाषा में हैं, न कि संस्कृत में। पाठ में यह स्पष्ट लिखा है।
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