**कहानी का मूल: असली परीक्षा चरित्र की होती है, सजावट की नहीं।**
**मुख्य पात्र:**
**मुख्य घटनाएँ:**
1. विज्ञापन निकला → सैकड़ों लोग आए
2. उम्मीदवार अपने को सजा-धज कर दिखाते हैं
3. हॉकी खेल → असली स्वभाव सामने आता है
4. किसान की गाड़ी नाले में फँसी → जानकीनाथ मदद करता है
5. जानकीनाथ ही नया दीवान चुना जाता है
**महत्वपूर्ण शब्द:**
**परीक्षा में याद रखें:** दीवान की तीन शर्तें थीं - स्वस्थ शरीर, दयालु हृदय और आत्मबल। शिक्षा नहीं, बल्कि गुण महत्वपूर्ण था। विज्ञापन में ग्रेजुएट होना अनिवार्य नहीं था, किंतु अनुभव और चरित्र ज़रूरी थे।
**भ्रम में न पड़ें:** सजावट = गुण नहीं। दिखावा = योग्यता नहीं। असली परीक्षा कठिन समय में होती है।
Q1. सुजानसिंह ने दीवान का पद छोड़ने का कारण क्या बताया?
Answer: A — सुजानसिंह ने कहा कि चालीस साल सेवा करने के बाद बुढ़ापे में उन्हें अवकाश चाहिए क्योंकि राज-काज सँभालने की शक्ति नहीं रही।
Q2. विज्ञापन में दीवान बनने के लिए कौन सी शर्त अनिवार्य नहीं थी?
Answer: B — विज्ञापन में साफ़ कहा गया था कि ग्रेजुएट न होना ज़रूरी नहीं है, लेकिन हृष्ट-पुष्ट होना और कर्तव्य का ध्यान रखना ज़रूरी है।
Q3. उम्मीदवार लोग अपने को कैसे दिखावा करते दिखाई दिए?
Answer: A — कहानी में बताया गया है कि उम्मीदवार बड़ी-बड़ी किताबें दिखावे के लिए पढ़ते थे और रंगीन कपड़े पहनते थे ताकि योग्य दिखें।
Q4. हॉकी खेल देवगढ़ में क्यों विशेष बात थी?
Answer: B — कहानी में कहा गया है कि रियासत देवगढ़ में यह खेल बिलकुल निराली (नया और अनजाना) बात थी क्योंकि यहाँ के पढ़े-लिखे लोग शतरंज और ताश खेलते थे।
Q5. किसान की गाड़ी किस कारण नाले में फँसी थी?
Answer: A — कहानी में बताया गया है कि गाड़ी में अनाज का भार अधिक था और बैलों में ज़ोर की कमी थी, इसलिए गाड़ी ऊपर नहीं चढ़ पाई।
Q6. किसान की मदद करने वाले युवक की कौन सी विशेषता बताई गई?
Answer: B — कहानी में कहा गया है कि जानकीनाथ के पैर में चोट लगी थी और वह लँगड़ाता आ रहा था, लेकिन उसके हृदय में दया थी और साहस था।
Q7. 'बगुलों में हंस कहाँ छिपा हुआ है' - यह किसने और क्यों कहा?
Answer: A — कहानी में बुजुर्ग जौहरी ने कहा था कि लोगों (बगुलों) के बीच असली गुणवान (हंस) भी छिपा है, जो असली परीक्षा में सामने आएगा।
Q8. किसान ने मदद के बदले क्या आशीर्वाद दिया?
Answer: B — किसान की गहरी अंतर्दृष्टि थी कि जो आदमी दूसरों के दुख में मदद करता है, वही असली योग्य है और उसे ही दीवानी का पद मिलना चाहिए।
Q9. सरदार सुजानसिंह ने नए दीवान के लिए कौन सी दो चीजें ज़रूरी बताईं?
Answer: B — सरदार सुजानसिंह ने कहा कि दीवान के हृदय में दया होनी चाहिए और साथ-साथ आत्मबल होना चाहिए ताकि वह कठिनाइयों का सामना कर सके।
Q10. आपकी अपनी परीक्षा के अनुसार, नीचे दिए गए किस शब्द का अर्थ 'भाग्य' है? _____ की खेल है सब कुछ।
Answer: A — नसीब का मतलब भाग्य होता है और कहानी में कहा गया है कि सब कुछ नसीब (भाग्य) का खेल है।
देवगढ़ रियासत का पुराना दीवान कौन था?
सुजानसिंह (जिन्होंने चालीस साल तक राजा की सेवा की और बुढ़ापे में अवकाश चाहा)।
विज्ञापन में दीवान के लिए क्या शर्त थी?
हृष्ट-पुष्ट (स्वस्थ) शरीर ज़रूरी था, किंतु शिक्षा अनिवार्य नहीं थी।
'बगुलों में हंस' का मतलब क्या है?
दिखावटी लोगों के बीच सच्चा व्यक्ति छिपा हुआ होता है।
हॉकी का खेल कहानी में क्या दर्शाता है?
खेल के दौरान उम्मीदवारों का असली चरित्र (स्वार्थी और बेरहम) सामने आता है।
किसान की गाड़ी किस समस्या से फँसी थी?
नाले में कीचड़ थी और ढलान इतनी खड़ी थी कि बैल गाड़ी ऊपर नहीं खींच पाते थे।
किसान की मदद किसने की?
एक लंगड़ा हॉकी खिलाड़ी जिसके पैर में चोट लगी थी - वह जानकीनाथ था।
किसान ने मदद के बदले क्या कहा?
नारायण (भगवान) चाहेंगे तो दीवानी पद आपको ही मिलेगी।
'गहरे पानी में पैरने से ही मोती मिलता है' - यह कौन बोलता है?
जानकीनाथ (किसान को संकेत देते हुए कि कठिनाई में ही असली गुण दिखता है)।
सरदार सुजानसिंह ने किसे नया दीवान चुना और क्यों?
जानकीनाथ को, क्योंकि उसके हृदय में दया और साहस दोनों थे।
अन्य उम्मीदवार दीवान बनने के लिए क्या करते दिखाई दिए?
नए कपड़े पहनना, किताबें दिखावे के लिए पढ़ना और दिखावटी आचरण करना।
देवगढ़ रियासत में नया दीवान ढूँढने का विज्ञापन क्यों निकाला गया? [1 mark]
सुजानसिंह बुढ़ा हो गया था, इसलिए अवकाश चाहता था। विज्ञापन में कहा गया कि हृष्ट-पुष्ट (स्वस्थ) और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति चाहिए।
हॉकी खेल के दौरान खिलाड़ियों के किस गुण का पता चला? दो उदाहरण दें। [2 marks]
खिलाड़ियों का असली स्वभाव सामने आया - वे स्वार्थी, घमंडी और निर्दयी थे। किसान को देखकर भी किसी ने मदद करने की सोच भी नहीं, वे सिर्फ खेल में लगे रहे।
किसान की गाड़ी की समस्या और उसके समाधान का वर्णन करें। जानकीनाथ ने क्या किया? [3 marks]
नाले में कीचड़ था और ढलान खड़ी थी - बैल गाड़ी नहीं खींच पाते। जानकीनाथ ने अपनी चोट की परवाह न करके पहिये को धकेला जबकि किसान ने बैलों को नियंत्रित किया - दोनों की मेहनत से गाड़ी निकल गई।
परीक्षा में विभिन्न उम्मीदवारों की तैयारी और जानकीनाथ का अलग क्या था? कहानी से सीख क्या है? [5 marks]
अन्य उम्मीदवार कपड़े, किताबें, दिखावा कर रहे थे - बाहरी सजावट पर ध्यान था। जानकीनाथ असली परीक्षा (हॉकी और किसान की मदद) में खरा उतरा - उसके पास सच्ची दया, साहस और कर्तव्यबोध था। सीख: असली योग्यता दिखावे में नहीं, चरित्र और दया में होती है।
सत्य अथवा असत्य बताइए: (क) विज्ञापन में दीवान के लिए ग्रेजुएट होना अनिवार्य था। (ख) जानकीनाथ हॉकी खेल के समय ही नई दीवानी के लिए चुने जाने का संकेत समझ गया था। कारण दें। [2 marks]
(क) असत्य - विज्ञापन में कहा गया था कि ग्रेजुएट होना ज़रूरी नहीं है, किंतु हृष्ट-पुष्ट होना ज़रूरी है। (ख) असत्य - किसान के आशीर्वाद 'गहरे पानी में पैरने से मोती मिलता है' से जानकीनाथ को संदेह हुआ कि किसान को उसके असली गुणों का पता चल गया है।
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