**नाटक 'न्याय' की कहानी का सारांश**
**मुख्य पात्र:**
**घटनाक्रम:**
पहले दृश्य में उद्यान में सिद्धार्थ और सखा बात कर रहे हैं। देवदत्त एक हंस को तीर से मारता है। सिद्धार्थ उस घायल हंस को बचाता है। दोनों में झगड़ा होता है कि हंस किसका है।
दूसरे दृश्य में दोनों महाराज के पास जाते हैं। महाराज सुनते हैं कि देवदत्त ने तीर से हंस मारा पर सिद्धार्थ ने उसे बचाया।
**महत्वपूर्ण शब्द:**
**परीक्षा के लिए याद रखें:**
न्याय केवल 'कौन मजबूत है' से नहीं तय होता, बल्कि 'कौन सही है' से होता है। सिद्धार्थ जीतते हैं क्योंकि उन्होंने जान बचाई थी।
Q1. उद्यान में सिद्धार्थ और सखा किस विषय पर बातें कर रहे थे?
Answer: A — सिद्धार्थ और सखा पक्षियों, गायों, सूरज, मौसम जैसी प्राकृतिक चीजों के नियमों पर बातें कर रहे थे।
Q2. हंस को किसने और कैसे घायल किया?
Answer: B — देवदत्त ने उड़ते हुए हंस को अपने तीर से मारा था, जिससे हंस घायल होकर गिरा।
Q3. सिद्धार्थ ने हंस को मारने वाले को क्या कहा?
Answer: B — सिद्धार्थ ने पूछा कि 'किस निर्दय ने इस भोले-भाले पक्षी को घायल किया है?' निर्दय यानी जिसमें दया न हो।
Q4. हंस के शरीर पर लगा तीर निकालने से पहले सिद्धार्थ ने क्या कहा?
Answer: A — सिद्धार्थ ने कहा — 'क्यों, क्या सुंदर होना पाप है? क्या प्यारा लगना बुरा है?' क्योंकि देवदत्त ने हंस को सुंदर होने के कारण मारा था।
Q5. निम्न में से कौन-सा वाक्य सिद्धार्थ के विचारों को दर्शाता है? —— 'कोई भी व्यक्ति जिसके पास हृदय है, इन निर्दोष पक्षियों को नहीं मार सकेगा।'
Answer: B — यह वाक्य दर्शाता है कि हृदय (दया) रखने वाला कोई भी व्यक्ति निर्दोष जीवों को नहीं मारेगा।
Q6. जब सिद्धार्थ ने हंस को आगे बढ़ाया, तो हंस ने क्या किया?
Answer: C — हंस ने देवदत्त को देखते ही चीख निकाली क्योंकि वही उसका दुश्मन था, और वह डर के कारण सिद्धार्थ की गोद में दुबक गया।
Q7. महाराज के दरबार में देवदत्त ने हंस को अपना होने का प्रमाण क्या दिया?
Answer: B — देवदत्त ने कहा कि हंस मेरा है क्योंकि 'इसके शरीर में मेरा तीर लगा है।'
Q8. निम्न में से कौन-सा कथन सिद्धार्थ के न्याय के विचार को दर्शाता है?
Answer: B — सिद्धार्थ का तर्क था कि 'तुमने मारा है पर मैंने बचाया है... इसलिए यह हंस मेरा है,' जो न्याय की सही समझ दर्शाता है।
Q9. सखा ने किस समस्या का समाधान सुझाया?
Answer: C — सखा ने कहा कि यह झगड़ा इसी तरह नहीं सुलझेगा, इसलिए महाराज के पास चलना चाहिए जो न्याय कर सकते हैं।
Q10. नीचे दिए गए वाक्य को पढ़ो और सही उत्तर चुनो: 'तुमने मारा है __________ मैंने बचाया है।'
Answer: B — 'परंतु' सही है क्योंकि यह विरोधाभास दिखाता है कि एक ने मारा और दूसरे ने बचाया — ये दोनों विरोधी काम हैं।
सिद्धार्थ ने हंस को कहाँ से पकड़ा?
सिद्धार्थ ने गिरते हुए हंस को हवा से पकड़कर अपनी गोदी में ले लिया।
देवदत्त को हंस कहाँ से मिला?
देवदत्त ने उड़ते हुए हंस को अपने तीर से मारा और वह गिर गया।
सिद्धार्थ ने किस बात से साफ किया कि सुंदर होना गलत नहीं है?
सिद्धार्थ ने कहा कि माँ जब कहती है 'तुम कितने प्यारे हो' तो वह मुझे मारती नहीं बल्कि और भी प्यार करती है।
महाराज का नाम क्या था?
महाराज का नाम शुद्धोदन था।
हंस किसकी गोदी में सुरक्षित महसूस करता था?
हंस सिद्धार्थ की गोदी में दुबक जाता था क्योंकि वह उसे प्यार से छूता था।
सखा ने क्या सुझाव दिया?
सखा ने कहा कि यह झगड़ा महाराज को दिखाना चाहिए ताकि वे न्याय कर सकें।
'न्याय' शब्द का अर्थ क्या है?
न्याय का अर्थ है सभी की बातें सुनकर सही और उचित फैसला करना।
राजवैद्य को क्यों बुलाया गया?
राजवैद्य को हंस के घाव पर मरहम लगाने के लिए बुलाया गया था।
देवदत्त ने सिद्धार्थ को हंस देने के लिए क्या कारण दिया?
देवदत्त ने कहा कि यह हंस उसका है क्योंकि उसने इसे अपने तीर से मारा था।
महाराज को पहली बार किसने बताया कि हंस के बारे में झगड़ा है?
देवदत्त खुद महाराज के पास गया और शिकायत की कि सिद्धार्थ उसका हंस नहीं लौटा रहे।
हंस देवदत्त के हाथों कैसे घायल हुआ? (एक वाक्य में लिखो) [1 mark]
कहानी के पहले दृश्य को याद करो। देवदत्त ने क्या किया था? तीर का क्या हुआ था?
सिद्धार्थ ने देवदत्त से हंस वापस करने से मना क्यों किया? (दो-तीन वाक्य में समझाओ) [2 marks]
सिद्धार्थ का कहना था कि मारना और बचाना में क्या फर्क है। सिद्धार्थ ने हंस को क्या किया था और देवदत्त ने क्या किया था — यह याद करो।
सिद्धार्थ और देवदत्त के झगड़े से हमें क्या सीख मिलती है? अपने स्कूल या घर से एक उदाहरण देकर समझाओ। [3 marks]
न्याय का अर्थ है सही और गलत को समझना। मारना गलत है और बचाना सही है — यह बात याद रखो। घर या स्कूल में कोई ऐसा उदाहरण दो जहाँ किसी ने कुछ तोड़ा हो पर दूसरे ने ठीक किया हो।
महाराज ने कौन-कौन सी बातें सुनीं? देवदत्त और सिद्धार्थ दोनों के तर्कों को लिखकर समझाओ। साथ ही यह भी लिखो कि महाराज को न्याय करने से पहले क्या-क्या जानना जरूरी था। [5 marks]
महाराज के पास पहले देवदत्त गया और अपनी बात कही। फिर सिद्धार्थ भी आए। देवदत्त का तर्क = 'मैंने तीर मारा', सिद्धार्थ का तर्क = 'मैंने बचाया'। महाराज को यह जानना था कि कौन सा काम अच्छा है और कौन सा बुरा।
निम्न कथन को पढ़ो और बताओ कि यह सत्य है या असत्य। अपना कारण भी लिखो: 'सिद्धार्थ ने केवल इसलिए हंस को नहीं दिया क्योंकि वह राजकुमार था।' [2 marks]
सिद्धार्थ ने क्या कहा था? उन्होंने कहा कि 'राजकुमार होना किसी को सबसे बड़ा नहीं बनाता। न्याय सबके लिए एक जैसा है।' यह याद करो और सोचो कि उनका कारण क्या था।
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