Everything you need to ace this chapter, in one place.
Notes · Mind Map · Quiz · Assertion-Reason · Case Studies · Question Bank · Past Papers
**लेखक का नाम:** आनंद यादव (अनुवाद - केशव प्रथम वीर)
**विधा:** संस्मरण (Memoir/Autobiography)
**पाठ का स्रोत:** वितान भाग-2 (NCERT)
**विषय:** बचपन में शिक्षा प्राप्त करने के लिए किए गए प्रयास और जीवन परिवर्तन
यह पाठ मराठी में लिखा गया था, जिसका हिंदी अनुवाद किया गया है। यह संस्मरण एक बालक के जीवन में शिक्षा की महत्ता और साहित्य के प्रभाव को दर्शाता है।
---
**जूझ शीर्षक का औचित्य:**
यह शीर्षक पाठ के केंद्रीय भाव को दर्शाता है। 'जूझ' का अर्थ है संघर्ष या जूझना:
**पाठ का मुख्य संदेश:**
---
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
**उद्धरण:** "अब मैं क्या करूँ? पढ़ने-लिखने की बात की तो वह बरहेली सूर की तरह गुड़गुड़ाता है। तुम्हें मालूम है।"
**विशेषताएँ:**
**महत्वपूर्ण कथन:** "अब उसे भेज दो, मैं उसे सुनाता हूँ कि नहीं अच्छी तरह, देख।"
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
**विशेषताएँ:**
---
बालक को पाठशाला जाने की इच्छा है, किंतु:
**महत्वपूर्ण उद्धरण:** "खेत में काम करते रहने पर भी हाथ कुछ नहीं लगेगा। जो बाबा के समय था, वह दादा के समय नहीं है। यह खेती हमसे गई में ढोकेल रही है।"
माँ दत्ता जी राव से मदद माँगती है:
**दत्ता जी राव का तर्क:**
**पहला दिन कठिन परिस्थितियाँ:**
**उद्धरण:** "पहले दिन ही इस घटना ने मेरे दिल की धड़कन बढ़ा दी और छाती में धक-धक होने लगी।"
**रणनवरे मास्टर की भूमिका:**
**दादा का गुस्सा:**
बालक दादा से समझौता करता है:
**उद्धरण:** "खेत में काम होगा तो गैरहाजिरी लगना ही चाहिए। समझे! मंशूर है का?"
बालक खुशी से सहमत हो जाता है।
**शिक्षण विधि:**
**महत्वपूर्ण उद्धरण:** "सुबह-शाम खेत पर पानी लगाते हुए या ढोर चराते हुए, अकेले में खुले गये से वे सारी कविताएँ मास्टर के ही हाव-भाव, यति-गति और आरोह-अवरोह के अनुसार ही गाता।"
**बालक की रचनात्मक यात्रा:**
**कविता लेखन में मास्टर की शिक्षा:**
**पहले (कविता से पहले):**
**बाद में (कविता के साथ):**
---
**संस्मरण की विशेषताएँ इस पाठ में:**
**1. सरल और सहज भाषा:**
**उदाहरण:** "अब तू ही बता, मैं क्या करूँ?"
**2. वर्णनात्मक शैली:**
**उदाहरण:** "प्रथम दिन ही इस घटना ने मेरे दिल की धड़कन बढ़ा दी और छाती में धक-धक होने लगी।"
**3. तुलनात्मक शैली:**
**उदाहरण:** "बरहेली सूर की तरह गुड़गुड़ाता है।"
**4. रूपक और प्रतीकात्मकता:**
---
**सीखना:** शिक्षा जीवन परिवर्तन का माध्यम है।
**प्रमाण:** बालक कृषि कार्य के बजाय स्कूल जाकर कविता के संसार में प्रवेश करता है और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने लगता है।
**उद्धरण:** "पढ़ता हूँ तो नौकरी लग जाएगी, चार पैसे हाथ में रहेंगे।"
**सीखना:** साहित्य केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन दर्शन सिखाता है।
**प्रमाण:** मास्टर की कविताएँ बालक के अकेलेपन को दूर करती हैं और उसे आत्मनिर्भर बनाती हैं।
**उद्धरण:** "शब्दों का नशा चढ़ने लगा और ऐसा लगने लगा कि मन में कोई मधुर बाजा बजता रहता है।"
**सीखना:** सही गुरु का प्रभाव सारा जीवन रहता है।
**मास्टर की भूमिका:**
**परिणाम:** बालक साहित्य में आत्मविश्वास विकसित करता है।
**पहले:** बालक डर और अनिश्चितता में जीता है।
**बाद में:** आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्राप्त करता है।
**उद्धरण:** "अब जितना अकेला रहूँ, उतना अच्छा। इस कारण कविता ऊँची आवाज़ में गाई जा सकेगी। किसी भी तरह का अभिनय किया जा सकेगा।"
**बालक का विकास:**
---
**उत्तर:** "जूझ" शीर्षक पाठ के केंद्रीय भाव को उजागर करता है। इसका अर्थ है संघर्ष या जूझना। बालक को शिक्षा प्राप्त करने के लिए दादा के विरोध, घर की गरीबी, खेती के काम के दबाव और सामाजिक परिस्थितियों से लगातार जूझना पड़ता है। वह हार नहीं मानता और दृढ़ता से अपनी पढ़ाई और कविता के प्रति लगाव को बचाए रखता है। यह शीर्षक बालक की जीवन यात्रा की केंद्रीय घटना है और उसके चरित्र में संघर्षशीलता तथा दृढ़ता की विशेषता को दर्शाता है।
**उत्तर:** सौंदलगेकर मास्टर के कविता पाठ और प्रशंसा से बालक में स्व-कविता लेखन का आत्मविश्वास विकसित होता है। मास्टर:
**उद्धरण:** "मुझे यह लड़का मेरी अपेक्षा छोटा लगता था...मास्टर को मेरा प्रयास इतना अच्छा लगा कि उन्होंने छठी-सातवीं कक्षा के सभी लड़कों के सामने मुझे बुलाकर गवाया।"
**उत्तर:** सौंदलगेकर मास्टर की शिक्षण विधि बहुत विशेष है:
**1. साहित्यिक पाठ:**
**2. व्यक्तिगत संबंध:**
**3. सैद्धांतिक ज्ञान:**
**4. व्यावहारिक प्रशिक्षण:**
**परिणाम:** बालक न केवल पढ़ता है, बल्कि साहित्य से जीवन दर्शन सीखता है।
**उत्तर:**
**पहले (कविता से पहले):**
**बाद में (कविता के साथ):**
**कारण:** साहित्य और कला ने उसके अकेलेपन को सृजनात्मकता में रूपांतरित कर दिया। कविता गाते-गाते नाचता है, अभिनय करता है - अकेलापन अब सीमा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता है।
**उद्धरण:** "मैं अपने आप से ही खेलने लगा। उलटा अब तो ऐसा लगने लगा कि जितना अकेला रहूँ, उतना अच्छा।"
**उत्तर:**
**दादा का दृष्टिकोण:**
**दत्ता जी राव का दृष्टिकोण:**
**तर्क के साथ उत्तर:**
दत्ता जी राव का विचार **सही** है क्योंकि:
1. **शिक्षा भविष्य बनाती है** - जनवरी में स्कूल लगने से बालक दो महीने में पाँचवीं की तैयारी कर सकता है
2. **समय का महत्व** - बालक का एक साल पहले ही खेती में चला गया है
3. **जीवन विकल्प** - शिक्षा से नौकरी के नए द्वार खुलते हैं
4. **दूरदर्शिता** - परंपरा को तोड़ना कभी-कभी आवश
Q1. दादा गन्ने की खेती से गुड़ निकालने में जल्दबाजी क्यों करते थे?
Answer: A — कहानी में स्पष्ट कहा गया है कि देर तक खड़ी रही ईख के रस में पानी की मात्रा कम हो जाती है और गुड़ अधिक निकलता है।
Q2. माँ बालक को दत्ता जी राव के पास क्यों ले गई?
Answer: B — माँ ने दत्ता जी राव से कहा था कि दादा को समझाकर बताएँ कि परीक्षा नज़दीक है और बालक दो महीने में पाँचवीं की तैयारी कर सकता है।
Q3. दत्ता जी राव ने दादा पर क्यों गुस्सा किया?
Answer: B — दत्ता जी राव ने कहा कि दादा ने बालक को पढ़ाई से निकालकर भी उसे खेत में लगान नहीं लगवाया और बेफिक्र घूमते रहे।
Q4. बालक के अनुसार, पाठशाला न जाने से उसका कौन-सा नुकसान हुआ?
Answer: B — बालक ने दत्ता जी राव से कहा कि अगर वह अभी भी कक्षा में जाकर दुहराई कर ले तो दो महीने में पाँचवीं की तैयारी हो जाएगी और सल उसका बच जाएगा।
Q5. कहानी में 'जूझ' शीर्षक का क्या आशय है?
Answer: B — 'जूझ' का अर्थ है संघर्ष। बालक को शिक्षा प्राप्त करने के लिए दादा के विरोध, गरीबी और सामाजिक परिस्थितियों से लगातार जूझना पड़ता है, जो शीर्षक को सार्थक बनाता है।
Q6. दादा ने बालक के साथ खाना खाते समय कौन-सी व्यवस्था की? पाठ्यक्रम से सीधा उद्धरण चुनें।
Answer: A — दादा ने स्पष्ट कहा कि पाठशाला ग्यारह बजे होती है, पर दिन निकलते ही खेत पर हाज़िरी के लिए पानी लगाना चाहिए।
Q7. कहानी में बालक के भय और संकोच का मुख्य कारण क्या है?
Answer: A — कहानी के शुरुआत में कहा गया है कि दादा के सामने खड़े होकर 'मैं पढ़ूँगा' कहने की हिम्मत नहीं होती क्योंकि डर लगता है कि दादा गुस्सा हो जाएँगे।
Q8. माँ की सामाजिक रणनीति में कौन-सी विशेषता थी?
Answer: B — माँ ने बालक से कहा कि दत्ता जी राव से सब कुछ कहो, वह दादा को समझा देंगे, क्योंकि माँ के पास दादा को सीधे प्रभावित करने की शक्ति नहीं थी।
Q9. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? (यह नहीं होता)
Answer: B — वास्तव में बालक दादा के सामने अपनी बात कहने में असमर्थ और भयभीत रहता था; दादा की सत्ता उससे सीधे बात नहीं करने देती थी।
Q10. दादा के अंतिम वाक्य 'पढ़ाई का भूत सवार हो गया है' से क्या अभिप्रायः है? (विश्लेषणात्मक प्रश्न)
Answer: B — दादा का यह कहना दर्शाता है कि बालक का पढ़ाई के प्रति समर्पण ऐसा है कि वह अब पूरी तरह खेत पर काम नहीं कर सकता, जो एक स्वीकृति है।
दिवाली के बाद दादा गन्ने की खेती से गुड़ निकालने में क्यों जल्दबाजी करते थे?
क्योंकि गन्ने के रस में पानी की मात्रा कम होने से अधिक गुड़ निकलता है, इसलिए दादा को भाव अधिक मिलता है।
बालक को पढ़ाई छोड़ने के लिए दादा को क्या कारण दिया गया?
माँ ने कहा कि दादा सारे दिन खेतों में काम करते हैं और गाँव में आशा-निंदा के साथ घूमते हैं, इसलिए उन्हें बेटे की पढ़ाई से फुरसत नहीं।
दत्ता जी राव ने दादा को क्यों डाँटा और गुस्सा क्यों किया?
क्योंकि दादा ने बालक को पढ़ाई छोड़ देने के बाद खेती में पूरी मेहनत नहीं की, खेतों में लगान नहीं लगाया, और लड़कों को काम में लगाकर गाँव में बेफिक्र घूमते रहे।
माँ ने बालक को दत्ता जी राव के पास क्यों भेजा?
माँ चाहती थी कि दत्ता जी राव दादा को समझा दें कि बालक को पढ़ाई जारी रखनी चाहिए क्योंकि जनवरी में परीक्षा है और बालक दो महीने की तैयारी से पाँचवीं पास कर सकता है।
दादा ने बालक के साथ खाना खाते समय कौन-सी शर्त रखी?
दादा ने कहा कि पाठशाला ग्यारह बजे खुलती है, इसलिए दिन निकलते ही खेत पर काम करना चाहिए, पानी लगाना चाहिए, और सीधे पाठशाला जाना चाहिए।
'जूझ' कहानी का प्रमुख विषय क्या है?
गरीब परिवारों में शिक्षा और आजीविका के बीच संघर्ष, और बालक की दुर्बलता जब घर की आर्थिक ज़रूरतों का बोझ उस पर पड़ता है।
बालक पाठशाला क्यों छोड़ना नहीं चाहता था?
क्योंकि बालक को शिक्षा से मुक्ति और भविष्य की आशा दिखाई दे रही थी, और वह दादा के दबाव में भी अपने सपने को जीवंत रखना चाहता था।
दादा के अंतिम शब्दों में 'भूत' का क्या अर्थ है?
'भूत' का अर्थ है कि पढ़ाई का जुनून बालक को इतना पकड़ गया है कि वह खेतों पर काम नहीं कर सकता।
कहानी में नंबर एक और नंबर दो गुड़ का क्या महत्व है?
यह दर्शाता है कि दादा की आर्थिक समझ सीमित है क्योंकि वह भाव (कीमत) को गुण की मात्रा से अधिक महत्व देते हैं।
दत्ता जी राव ने बालक की शिक्षा के लिए क्या व्यवस्था की?
दत्ता जी राव ने कहा कि बालक को पूरी फीस दे दो, मास्टर को भरोसा दे दो, और वह अपने पास के बहुत सारे बच्चों की तरह बालक को भी पढ़ाएँगे।
दादा के नज़रिये से खेती ही क्यों एकमात्र व्यवसाय था? पाठ से एक प्रमाण दीजिए। [2 marks]
दादा का विश्वास था कि जन्मभर खेत में काम करने से भी हाथ में कुछ नहीं लगता; गुड़ का व्यवसाय ही आजीविका है। उद्धरण: 'जो बाबा के समय था, वह दादा के समय नहीं रहा।'
माँ ने दत्ता जी राव के पास जाने के लिए दादा को क्यों समझाना चाहा? उसकी रणनीति को समझाते हुए समझाइए कि यह सामाजिक स्तर पर क्या दर्शाता है। [5 marks]
माँ को पता था कि दादा के सामने सीधे बात नहीं चल सकेगी; इसलिए वह एक सामाजिक प्रतिष्ठित व्यक्ति (दत्ता जी राव) को दूत बदादा चाहती थी। यह दर्शाता है कि परिवार में दादा की पितृसत्तात्मक सत्ता है और माँ को परोक्ष रास्ते से अपने बेटे के भविष्य के लिए लड़ना पड़ता है।
'जूझ' शीर्षक से कहानी का कौन-सा मूल संदेश जुड़ा है? बालक की विवशता, पारिवारिक संघर्ष, और सामाजिक यथार्थ को ध्यान में रखते हुए समझाइए कि इस कहानी का शिक्षा, आजीविका और मानवीय मूल्यों से क्या संबंध है। [6 marks]
शीर्षक 'जूझ' का अर्थ है संघर्ष; यह दर्शाता है कि गरीब परिवारों में शिक्षा पाना कितना बड़ा संघर्ष है। दादा का विरोध, घर की आर्थिक तंगी, खेती के काम का दबाव—इन सबसे बालक को लगातार जूझना पड़ता है; माँ और दत्ता जी राव के सहयोग से वह यह संघर्ष जीतता है। कहानी यह कहती है कि शिक्षा ही सामाजिक गतिशीलता का साधन है, पर गरीबी में इसे पाने के लिए निरंतर जूझना पड़ता है।
Q1. Assertion (A):
दादा ने लड़के को खेत में काम करने के लिए मजबूर किया क्योंकि उसे विश्वास था कि खेती ही एकमात्र व्यवसाय है।
Reason (R):
पाठ में दादा कहता है कि बाबा के समय की परिस्थितियाँ अलग थीं, पर अब भी खेती ही जीवन का आधार है और पढ़ाई करने से कोई लाभ नहीं होगा।
Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन को पूर्णरूपेण व्याख्यायित करता है। दादा की रूढ़िवादी सोच उसकी पारंपरिक आर्थिक समझ पर आधारित थी।
Q2. Assertion (A):
माँ ने सरकार के पास जाकर लड़के को स्कूल में दाखिल करवाने का प्रयास किया क्योंकि उसे दादा के निर्णय से असहमति थी।
Reason (R):
माँ को पता था कि दादा अपने फैसले पर अड़ा हुआ है, इसलिए वह सरकार के पास गई जिन्हें दादा सम्मान देता है।
Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — कथन और कारण दोनों सही हैं। माँ की कार्रवाई सरकार के प्रभाव पर आधारित रणनीति थी, न कि केवल असहमति पर।
Q3. Assertion (A):
सरकार ने दादा की कड़ी आलोचना की कि वह अपनी जिम्मेदारियों से पलायन करता है।
Reason (R):
सरकार का यह विश्वास था कि दादा का व्यवहार पूरे परिवार और समाज के विकास को रोकता है।
Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सही हैं और कारण कथन की व्याख्या करता है। सरकार की आलोचना समाज में परिवर्तन के दृष्टिकोण से की गई थी।
Unlock more Assertion-Reason questions in Premium — unlock →
Case Study:
लड़का अपनी माँ के साथ धूप में पड़ा हुआ था। माँ धूप में कंडे थाप रही थी और लड़का बाल्टी में पानी भर-भरकर उसे दे रहा था। कुछ-न-कुछ बातचीत भी कर रहे थे। वे दोनों ही थे इसलिए यह सोचकर कि बात माँ से देनी चाहिए और मैंने अपने पढ़ने की बात छेड़ दी।
Q1. उपर्युक्त प्रसंग में लड़का अपनी माँ से पढ़ाई की बात करता है क्योंकि -
Answer: B
Q2. इस प्रसंग में माँ के कंडे थापने की क्रिया का क्या महत्त्व है?
Answer: B
Q3. लड़के द्वारा माँ के साथ बातचीत करते समय पढ़ाई की बात छेड़ने का क्या संकेत है?
Answer: C
You've seen the free preview. Open the full interactive study kit — mind map, instant-graded quiz, progress tracking — free, no sign-in required.
Open Full Study Kit — Free →Premium unlocks the full Question Bank, Daily Practice Papers, Chapter Quiz and Full Mock Papers for every chapter.