**मोहनजोदड़ो: प्राचीन भारत का सबसे बड़ा शहर**
**मूल तथ्य:**
**नगर नियोजन विशेषताएँ:**
**महत्त्वपूर्ण संरचनाएँ:**
**सामाजिक संरचना:**
**वास्तु विशेषताएँ:**
**ऐतिहासिक महत्त्व:**
**याद रखने योग्य:**
Q1. मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है?
Answer: A — मोहनजोदड़ो सिंधी भाषा में 'मुंडों का टीला' (Mound of the Dead) का अर्थ रखता है।
Q2. मोहनजोदड़ो की खोज किसने की थी?
Answer: B — राखालदास बनर्जी ने 1922 में मोहनजोदड़ो की खोज की जब रेलवे निर्माण के दौरान खुदाई हुई।
Q3. 'गढ़' (Citadel) किसे कहते हैं?
Answer: B — 'गढ़' से आशय ऐतिहासिक शहरों के सत्ता और धर्म के केंद्र से होता है जहाँ प्रशासन संचालित होता था।
Q4. मोहनजोदड़ो का क्षेत्रफल कितना था?
Answer: C — मोहनजोदड़ो 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला था और यह सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा शहर था।
Q5. मोहनजोदड़ो की मुख्य सड़क की चौड़ाई कितनी थी?
Answer: C — मोहनजोदड़ो की मुख्य सड़क 33 फीट चौड़ी थी जो ग्रिड पैटर्न का सबसे बड़ा भाग है।
Q6. महाकुंड (दैव मार्ग) की गहराई कितनी थी?
Answer: B — महाकुंड की गहराई सात फीट थी और इसकी लंबाई 40 फीट तथा चौड़ाई 25 फीट थी।
Q7. निम्नलिखित में से कौन मोहनजोदड़ो में सामाजिक विभाजन का संकेत नहीं देता?
Answer: D — सभी वर्गों के लिए सीधी सड़कें नगर नियोजन का हिस्सा थीं, न कि सामाजिक विभाजन का संकेत।
Q8. मोहनजोदड़ो में जल कुंड में दोहरी दीवार का क्या कारण था?
Answer: B — दोहरी दीवार से बाहर का अशुद्ध जल कुंड में प्रवेश नहीं कर सकता था, इससे जल शुद्ध रहता था।
Q9. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: कथन 1: मोहनजोदड़ो की सभ्यता मिस्र की सभ्यता के समकालीन थी। कथन 2: मोहनजोदड़ो की सभ्यता केवल कृषि पर निर्भर थी। उपरोक्त में से कौन सही है?
Answer: B — मोहनजोदड़ो मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यता के समकालीन था, लेकिन यह कृषि के साथ व्यापार और शिल्प पर भी निर्भर था।
Q10. मोहनजोदड़ो की खुदाई का कितना प्रतिशत पूरा हुआ है?
Answer: B — लगभग 100 वर्षों में केवल मोहनजोदड़ो के एक-तिहाई हिस्से की ही खुदाई संभव हो पाई है।
मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है?
मोहनजोदड़ो का अर्थ है मुंडों का टीला (सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा शहर)।
सिंधु घाटी की सभ्यता को कब खोजा गया?
1922 में राखालदास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो को खोजा जब रेलवे बिछाने के दौरान खुदाई हुई।
मोहनजोदड़ो का क्षेत्र और आबादी क्या थी?
मोहनजोदड़ो 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला था और इसकी आबादी लगभग 50,000 थी।
'गढ़' (Citadel) किसे कहते हैं?
'गढ़' शहर का प्रशासनिक और धार्मिक केंद्र होता था जहाँ सत्ता और धर्म के केंद्र स्थित होते थे।
मोहनजोदड़ो के निर्माण में किस सामग्री का प्रयोग किया गया?
कच्ची और पक्की दोनों तरह की ईंटों का प्रयोग किया गया, जिन्हें सीमेंट और चूने के गारे से जोड़ा गया।
दैव मार्ग (Divinity Street) का नाम कहाँ से आता है?
दैव मार्ग के नाम से पता चलता है कि मोहनजोदड़ो में सामूहिक स्नान धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा था।
मोहनजोदड़ो का सबसे प्रसिद्ध जल कुंड कहाँ स्थित है?
सबसे प्रसिद्ध जल कुंड दैव मार्ग (महाकुंड) में है जो 40 फीट लंबा और 25 फीट चौड़ा है।
मोहनजोदड़ो में सामाजिक विभाजन कितना स्पष्ट था?
मोहनजोदड़ो में उच्च वर्ग, मध्य वर्ग और निम्न वर्ग की अलग-अलग बस्तियाँ थीं जो उनकी आर्थिक स्थिति दिखाती हैं।
जॉन मार्शल की भूमिका मोहनजोदड़ो खोज में क्या रही?
जॉन मार्शल (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक) ने 1922 के बाद व्यापक खुदाई का निर्देशन किया।
मोहनजोदड़ो का नगर नियोजन आधुनिक शहरों से कैसे मिलता-जुलता है?
मोहनजोदड़ो में ग्रिड पैटर्न (सीधी और आड़ी सड़कें) का प्रयोग किया गया जो आधुनिक शहरों के नियोजन का पूर्वज है।
मोहनजोदड़ो के नाम से क्या पता चलता है और यह किस सभ्यता का प्रतिनिधि है? [2 marks]
मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ (मुंडों का टीला) + सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा शहर होने का महत्त्व बताएँ।
मोहनजोदड़ो का नगर नियोजन उस समय की सभ्यता के किन मूल्यों को दर्शाता है? उदाहरण सहित समझाइए। [5 marks]
ग्रिड पैटर्न (सीधी-आड़ी सड़कें), जल निकास व्यवस्था, सामाजिक विभाजन (उच्च-निम्न वर्ग की अलग बस्तियाँ), और व्यावहारिक वास्तुकला का वर्णन करें।
मोहनजोदड़ो के महाकुंड (दैव मार्ग) की संरचना और इसमें प्रयुक्त तकनीकों का विश्लेषण कीजिए। यह कुंड आधुनिक जल प्रबंधन से कैसे मिलता-जुलता है? [6 marks]
कुंड की भौतिक विशेषताएँ (40 फीट लंबा, 25 फीट चौड़ा, 7 फीट गहरा), निर्माण सामग्री (ईंटें, चूना, चिरोड़ी का गारा), दोहरी दीवार (शुद्धता के लिए), सीढ़ियों की व्यवस्था, और इसके धार्मिक-सामाजिक महत्त्व को समझाएँ।
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