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Ridh Ki Haddi

NCERT Class 9 · Hindi Based on NCERT Class 9 Hindi textbook · Free CBSE study kit

Chapter Notes

रीढ़ की हड्डी — संपूर्ण अध्ययन सामग्री

अध्याय का परिचय

**रीढ़ की हड्डी** जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित एक प्रसिद्ध एकांकी है। इस एकांकी की रचना 1939 में की गई थी। यह एकांकी भारतीय समाज में व्याप्त रूढ़िगत परंपराओं, विशेषतः विवाह की व्यवस्था और महिलाओं की शिक्षा के प्रति रूढ़ सोच पर तीक्ष्ण प्रहार करता है। इसके माध्यम से लेखक ने सामाजिक कुरीतियों, दहेज प्रथा और कम पढ़ी-लिखी लड़कियों की माँग जैसी बुराइयों को उजागर किया है।

जगदीशचंद्र माथुर का जीवन परिचय

**जगदीशचंद्र माथुर** का जन्म 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और भारतीय सिविल सेवा में भी चयनित हुए।

  • **प्रशासनिक योगदान:** बिहार राज्य के शिक्षा सचिव, आकाशवाणी के महानिदेशक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किए
  • **साहित्यिक गतिविधि:** जीवन भर साहित्य-सृजन में सक्रिय रहे। प्रयाग में अध्ययन के दौरान ही लेखन कार्य शुरू कर दिया था
  • **प्रकाशन:** उस समय की प्रसिद्ध पत्रिकाओं 'चाँद' और 'रूपाभ' में उनके नाटक-एकांकी छपते थे
  • **हिंदी रंगमंच का योगदान:** हिंदी नाटक और रंगमंच के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही
  • **रचनाशैली:** ऐतिहासिक नाटकों के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं से जुड़े एकांकी-नाटक भी लिखे
  • **प्रमुख कृतियाँ:**

  • भोर का तारा
  • कोणार्क (सर्वाधिक चर्चित और मंचित नाटक)
  • ओ मेरे सपने
  • शारदीया
  • पहला राजा
  • दस तस्वीरें
  • जिन्होंने जीना जाना
  • **निधन:** 1978 में

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    पात्र परिचय

    **उमा** — पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और सशक्त लड़की जो रूढ़ि के खिलाफ आवाज उठाती है

    **रामस्वरूप (बाबू)** — उमा के पिता, मध्यमवर्गीय परिवार के प्रतिनिधि जो परंपरा और आधुनिकता के बीच द्वंद्व में हैं

    **प्रेमा** — उमा की माँ, रूढ़िवादी विचारों की प्रतीक जो परंपरागत स्त्री-शिक्षा में विश्वास रखती हैं

    **शंकर** — वर (दूल्हा), एक चिकित्सा छात्र जो धीमी आवाज और झुकी कमर वाला है

    **गोपालप्रसाद** — शंकर के पिता, एक पुरानी सोच वाले वकील जो नारी शिक्षा के सख्त विरोधी हैं

    **रतन** — रामस्वरूप का घरेलू सहायक

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    एकांकी का परिचय और महत्व

    एकांकी क्या है?

    **एकांकी** नाटक का वह रूप है जो एक ही अंक में पूरी कहानी को प्रस्तुत करता है। इसमें:

  • कम पात्र होते हैं
  • कम समय की अवधि होती है
  • एक ही समस्या या घटना पर केंद्रित होता है
  • तनाव और संघर्ष तेजी से बढ़ता है
  • शीघ्र समाप्ति होती है
  • 'रीढ़ की हड्डी' का नाम-तात्पर्य

    **रीढ़ की हड्डी** मानव शरीर की मजबूत हड्डी है जो शरीर को सीधा रखती है। इस एकांकी में यह शीर्षक **आत्मनिर्भरता, साहस और आत्मसम्मान** का प्रतीक है। **उमा** एक आत्मनिर्भर युवती है जिसके पास अपने निर्णय लेने का साहस है — यही उसकी 'रीढ़ की हड्डी' है।

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    एकांकी का कथानक (विषय-वस्तु)

    पहली घटना: तैयारी का दृश्य

    एकांकी की शुरुआत रामस्वरूप के घर में एक तख्त (पलंग) को बिछाते हुए होती है। रतन (नौकर) और बाबू मिलकर घर को दूल्हे के परिवार के स्वागत के लिए तैयार कर रहे हैं। इसी दौरान प्रेमा अपनी चिंता व्यक्त करती है कि उमा विवाह के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।

    **महत्वपूर्ण संवाद:**

  • प्रेमा कहती है: "तुम्हीं ने उसे पढ़ा-लिखाकर इतना सिर चढ़ा रखा है"
  • रामस्वरूप जवाब देते हैं: "ग्रामोफोन बाजा" के उदाहरण से समझाते हैं
  • दूसरी घटना: आमंत्रित पक्ष का आगमन

    गोपालप्रसाद और उनका बेटा शंकर विवाह की बातचीत के लिए आते हैं। बातचीत में गोपालप्रसाद स्पष्ट करते हैं कि उन्हें **अधिक पढ़ी-लिखी लड़की नहीं चाहिए**। वे कहते हैं: "हद से हद मैट्रिक पास होनी चाहिए"।

    **गोपालप्रसाद के मुख्य विचार:**

  • "मैं आपसे पहले भी कहा था, लड़की का खूबसूरत होना निहायत जरूरी है"
  • "हम-आप मान भी जाएँ, मगर घर की औरतें तो राजी नहीं होतीं"
  • "मोर के पंख होते हैं, मोरनी के नहीं; शेर के बाल होते हैं, शेरनी के नहीं"
  • "ऊँची तालीम सिर्फ मर्दों के लिए है"
  • तीसरी घटना: उमा का प्रवेश

    उमा पान की तश्तरी लेकर आती है। जैसे ही वह अपने पिता को पान देती है, उसके माथे पर सोने की रिम वाला चश्मा दिखाई देता है। यह दृश्य मोड़ बन जाता है। गोपालप्रसाद को यह पढ़ाई-लिखाई का संकेत लगता है।

    **वार्तालाप:** रामस्वरूप चश्मा लगने का कारण आँखों का दर्द बताते हैं, लेकिन गोपालप्रसाद संदेह करते हैं कि यह पढ़ाई के कारण तो नहीं है।

    चौथी घटना: उमा द्वारा गीत प्रस्तुति

    गोपालप्रसाद उमा से गाना गवाना चाहते हैं। उमा **मीरा का प्रसिद्ध भक्ति गीत 'मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई'** गाती है। गीत के समय उमा की आँखें शंकर की आँखों से मिल जाती हैं, और वह अचानक रुक जाती है।

    **महत्वपूर्ण बिंदु:** इस गीत का प्रतीकार्थ — मीरा ने अपना विश्वास और प्रेम एक ईश्वर को समर्पित किया था, जो स्वतंत्र चिंतन का प्रतीक है।

    पाँचवीं घटना: प्रश्नों की श्रृंखला

    गोपालप्रसाद उमा से पेंटिंग, सिलाई और पुरस्कार जीतने के बारे में पूछते हैं। जब वह उमा से सीधे सवाल करते हैं, तो उमा चुप रहती है।

    **रामस्वरूप का प्रयास:** पिता अपने बेटे को जवाब देने के लिए इशारे करते हैं, लेकिन उमा मौन रहती है।

    छठी घटना: उमा का विद्रोह (क्लाइमेक्स)

    यह एकांकी का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ है। जब गोपालप्रसाद रूखे अंदाज में उमा से कहते हैं: "ज़रा मुँह तो खोलना चाहिए", तो उमा अपने विचार व्यक्त करती है:

    **उमा का ऐतिहासिक उद्बोधन:**

    "क्या जवाब दूँ, बाबू जी! जब कुर्सी-मेज बिकती है तब दुकानदार कुर्सी-मेज से कुछ नहीं पूछता, सिर्फ खरीदार को दिखला देता है। पसंद आ गई तो अच्छा है, वरना..."

    फिर वह तेज आवाज में कहती है:

    "ये जो महाशय मेरे खरीदार बनकर आए हैं, इनसे ज़रा पूछिए कि क्या लड़कियों के दिल नहीं होता? क्या उनके चोट नहीं लगती? क्या वे बेबस भेड़-बकरियाँ हैं, जिन्हें कसाई अच्छी तरह देख-भालकर खरीदते हैं?"

    उमा आगे कहती है:

    "और हमारी बेइज्जती नहीं होती जो आप इतनी देर से नाप-तोल कर रहे हैं? और ज़रा अपने इन साहबजादे से पूछिए कि अभी पिछली फरवरी में ये लड़कियों के होस्टल के इर्द-गिर्द क्यों घूम रहे थे, और वहाँ से कैसे भगाए गए थे!"

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    एकांकी की थीम और संदेश

    मुख्य विषय-वस्तु

    1. **महिला सशक्तिकरण:** उमा एक आत्मनिर्भर युवती है जो अपनी बेइज्जती के विरुद्ध आवाज उठाती है

    2. **रूढ़िगत विवाह प्रणाली की आलोचना:** विवाह को एक सौदे के रूप में दिखाया गया है

    3. **नारी शिक्षा का महत्व:** उमा की शिक्षा ही उसे साहस देती है

    4. **दहेज और विवाह की कुरीतियाँ:** महिलाओं को पण्य के रूप में देखने की परंपरा

    5. **न्याय और समानता:** महिलाओं को सम्मान और समान अधिकार का अधिकार है

    सामाजिक संदर्भ

    1939 में भारतीय समाज में:

  • महिलाओं को उच्च शिक्षा देना वर्जित माना जाता था
  • विवाह को परिवार की प्रतिष्ठा का मामला माना जाता था
  • दहेज प्रथा समाज में गहराई तक व्याप्त थी
  • लड़कियों के दिल और भावनाओं को महत्व नहीं दिया जाता था
  • ---

    पात्रों का विश्लेषण

    उमा — सशक्त नारी का प्रतीक

    **व्यक्तित्व:**

  • पढ़ी-लिखी और शिक्षित
  • संगीत, पेंटिंग, सिलाई में दक्ष
  • आत्मनिर्भर और आत्मसम्मानी
  • साहसी और विचारशील
  • **महत्वपूर्ण विशेषताएँ:**

  • प्रारंभ में शरमाती है, लेकिन जब अपमान होता है तो आवाज उठाती है
  • उसका चश्मा उसकी पढ़ाई-लिखाई का प्रतीक है
  • उसका गीत उसकी भावनात्मक गहराई को दर्शाता है
  • अपने सिद्धांतों पर अडिग रहती है
  • रामस्वरूप — द्वंद्व में पिता

    **व्यक्तित्व:**

  • आधुनिक सोच रखते हैं (बेटी को शिक्षित करते हैं)
  • लेकिन व्यावहारिक परिस्थितियों में समझौता करते हैं
  • पत्नी के साथ भी तनाव रहता है
  • अपनी बेटी के साहस की प्रशंसा करते हैं
  • **विशेषताएँ:**

  • ग्रामोफोन का उदाहरण देते हैं (मानव स्वभाव को समझाने के लिए)
  • होश्यार हैं लेकिन असहाय भी
  • समाज की दबाव में आते हैं
  • प्रेमा — रूढ़िवादी माँ

    **व्यक्तित्व:**

  • परंपरागत विचारों की पक्षधर
  • नारी-शिक्षा के विरोधी
  • पति को दोष देती हैं
  • लेकिन पिता न होने के कारण निर्णय नहीं ले सकतीं
  • **विशेषताएँ:**

  • व्यावहारिक महिला (घर-गृहस्थी में दक्ष)
  • "स्त्री-सुबोधिनी" का जिक्र करती हैं (परंपरागत नारी-शिक्षा)
  • अपनी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं
  • गोपालप्रसाद — रूढ़ि के रक्षक

    **व्यक्तित्व:**

  • प्रतिक्रियावादी और पुरानी सोच वाले
  • खुद पढ़े-लिखे हैं लेकिन लड़कियों को पढ़ाना नहीं चाहते
  • खूबसूरती को महत्व देते हैं
  • "मोर के पंख" का उदाहरण देते हैं
  • **महत्वपूर्ण बातें:**

  • विरोधाभास: खुद वकील हैं, लड़कियों को अनपढ़ चाहते हैं
  • सामाजिक असमानता को न्यायसंगत मानते हैं
  • अंत में अपमानित होते हैं
  • शंकर — युवा पीढ़ी

    **व्यक्तित्व:**

  • चिकित्सा छात्र (आधुनिक शिक्षा प्राप्त)
  • पिता के प्रभाव में है
  • झेंपा हुआ और दुर्बल व्यक्तित्व
  • पिता के विचारों से सहमति रखता है
  • **विशेषताएँ:**

  • "बैकबोन" (रीढ़ की हड्डी) का अभाव — पिता की बातों का समर्थन करता है
  • शारीरिक रूप से कमजोर (बीमारी से ठीक हुआ)
  • उमा से सामाजिक स्तर पर कहीं कम प्रभावशाली
  • ---

    अलंकार और भाषागत विशेषताएँ

    प्रमुख अलंकार

    **1. उपमा अलंकार:** "रतन भीगी बिल्ली की तरह"

  • समानता के आधार पर सौंदर्य
  • रतन की दुर्दशा दिखाता है
  • **2. रूपक अलंकार:** "जब कुर्सी-मेज बिकती है"

  • लड़की को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करता है
  • समाज की मानसिकता को दर्शाता है
  • **3. प्रतीकार्थ (Symbolism):**

  • **चश्मा:** पढ़ाई-लिखाई और आधुनिकता का प्रतीक
  • **रीढ़ की हड्डी:** आत्मसम्मान और साहस का प्रतीक
  • **सितार और मीरा का गीत:** आत्मनिर्भरता और भावनात्मक संवेदनशीलता
  • **भेड़-बकरियाँ:** महिलाओं की लाचारी और बेबसी
  • भाषा की विशेषताएँ

    **1. संवाद शैली:** एकांकी में प्राकृतिक और जीवंत संवाद हैं

  • "अरे धीरे-धीरे चल" — बाबू की अधीर प्रवृत्ति
  • "ही-ही-ही" — हास्य और हल्केपन का भाव
  • "हँ-हँ-हँ" — कृत्रिम विनम्रता
  • **2. शब्दावली:** हिंदी और उर्दू मिश्रित

  • "महाशय," "साहब," "तशरीफ़," "खिसियाहट" — उर्दू प्रभाव
  • "बाबा," "दरी," "धोती" — हिंदी शब्द
  • "इंट्रेंस," "कॉलेज," "मेडिकल" — अंग्रेजी के आधुनिक शब्द
  • **3. व्यंग्य (Irony):** एकांकी में गहरा सामाजिक व्यंग्य है

  • गोपालप्रसाद जो कहते हैं, उसके विपरीत करते हैं
  • खुद शिक्षित पर महिलाओं को अशिक्षित रखना चाहते हैं
  • ---

    महत्वपूर्ण संवाद और उनका अर्थ

    संवाद 1: ग्रामोफोन का उदाहरण

    **रामस्वरूप का कथन:**

    "ग्रामोफोन बाजा होता है न? दो तरह का होता है। एक तो आदमी का बनाया हुआ। उसे एक बार चलाकर जब चाहे रोक लो। और दूसरा परमात्मा का बनाया हुआ। उसका रिकार्ड एक बार चढ़ा तो रुकने का नाम नहीं।"

    **अर्थ:** महिला प्रकृति को लेकर पूर्वाग्रह को खारिज करना। जब एक महिला को शिक्षा दी जाती है, तो उसकी प्रतिभा स्वाभाविक रूप से विकसित होती है।

    संवाद 2: मोर और शेर का उदाहरण

    **गोपालप्रसाद का कथन:**

    "मोर के पंख होते हैं, मोरनी के नहीं; शेर के बाल होते हैं, शेरनी के नहीं। ... मर्द के दाढ़ी होती है, औरत के नहीं।"

    **अर्थ:** प्राकृतिक भिन्नता को सामाजिक असमानता के रूप में प्रस्तुत करना। यह तर्क असंगत और निंदनीय है क्योंकि शारीरिक विशेषताएँ बौद्धिक क्षमता से संबंधित नहीं हैं।

    संवाद 3: कुर्सी-मेज का उदाहरण

    **उमा का कथन:**

    "जब कुर्सी-मेज बिकती है तब दुकानदार कुर्सी-मेज से कुछ नहीं पूछता, सिर्फ खरीदार को दिखला देता है।"

    **अर्थ:** विवाह प्रणाली में लड़कियों को वस्तु के समान माना जाता है। उनके विचार, भावनाएँ और पसंद-नापसंद का कोई महत्व नहीं होता।

    संवाद 4: भेड़-बकरियों की तुलना

    **उमा का कथन:**

    "क्या वे बेबस भेड़-बकरियाँ हैं, जिन्हें कसाई अच्छी तरह देख-भालकर खरीदते हैं?"

    **अर्थ:** महिलाओं को जीवंत मानवी के रूप में स्वीकार न करना। उन्हें खरीदा-बेचा जा सकता है, इस सोच की निंदा।

    संवाद 5: शंकर के होस्टल के पास घूमना

    **उमा का तीक्ष्ण प्रश्न:**

    "अभी पिछली फरवरी में ये लड़कियों के होस्टल के इर्द-गिर्द क्यों घूम रहे थे?"

    **अर्थ:** द्विमापदंड (double standard) को उजागर करना। गोपालप्रसाद लड़कियों को अनपढ़ और घर के अंदर रखना चाहते हैं, लेकिन उनका बेटा लड़कियों के होस्टल के पास घूमता है।

    ---

    एकांकी की संरचना और नाटकीयता

    एकांकी की संरचना

    **प्रारंभ:** घर की तैयारी और दांपत्य संवाद

    **विकास:** गोपालप्रसाद और शंकर का आगमन

    **उत्कर्ष (Climax):** उमा का विद्रोह और तीक्ष्ण प्रश्न

    **समाप्ति:** खुली या अधूरी (पाठकों के लिए विचार की गुंजाइश)

    नाटकीय तत्व

    **1. द्वंद्व (Conflict):**

  • बाप-बेटे के बीच (रामस्वरूप बनाम प्रेमा)
  • व्यक्तिगत सम्मान बनाम सामाजिक दबाव
  • आधुनिकता बनाम रूढ़िवाद
  • **2. संकट (Crisis):** चश्मे की दृष्टि में आना

  • यह छोटी घटना बड़े मुद्दे को सामने लाती है
  • **3. चरम-बिंदु (Climax):** उमा का भाषण

    **4. तनाव:** पूरे एकांकी में तनाव बना रहता है

    ---

    सामाजिक प्रश्न और विश्लेषण

    विवाह प्रणाली की आलोचना

    एकांकी विवाह को एक **सामाजिक क्रय-विक्रय** के रूप में प्रस्तुत करता है, न कि प्रेम और सहमति का आधार:

  • लड़की को "खरीदार को दिखलाया" जाता है
  • उसकी इच्छा पूछी नहीं जाती
  • "नाप-तोल" की प्रक्रिया अपमानजनक है
  • नारी शिक्षा पर विरोधाभास

    गोपालप्रसाद का यह विचार पूरी तरह असंगत है:

  • खुद शिक्षित हैं, अपने बेटे को मेडिकल कॉलेज में भेजते हैं
  • लेकिन लड़की के लिए "मैट्रिक पास" पर्याप्त समझते हैं
  • यह **लिंग आधारित भेदभाव** का सबसे स्पष्ट उदाहरण है
  • आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान

    **उमा का साहस:**

  • वह केवल बोलती नहीं, बल्कि प्रश्न करती है
  • अपने अधिकारों की माँग करती है
  • किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती
  • ---

    कक्षा 9 CBSE परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

    संभावित प्रश्न 1: एकांकी का मूल संदेश क्या है?

    **उत्तर:** एकांकी का मूल संदेश महिला सशक्तिकरण और आत्मसम्मान है। यह दर्शाता है कि महिलाओं को विवा

    MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के लेखक कौन हैं?

    • A. जगदीशचंद्र माथुर ✓
    • B. भारतेंदु हरिश्चंद्र
    • C. जयशंकर प्रसाद
    • D. मोहन राकेश

    Answer: A — जगदीशचंद्र माथुर (1917-1978) ने 1939 में यह एकांकी लिखा था।

    Q2. एकांकी 'रीढ़ की हड्डी' में मुख्य पात्र उमा किस चीज का प्रतीक है?

    • A. परंपरा के प्रति समर्पण का
    • B. शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त महिला का ✓
    • C. घरेलू महिला की भूमिका का
    • D. समाज के अनुकूल आचरण का

    Answer: B — उमा एक पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और दृढ़ संकल्पवाली महिला है।

    Q3. प्रेमा के अनुसार महिला शिक्षा की सीमा कहाँ तक होनी चाहिए?

    • A. विश्वविद्यालय तक
    • B. बी.ए. तक
    • C. 'आ-ई', गिनती और स्त्री-सुबोधिनी तक ✓
    • D. माध्यमिक तक

    Answer: C — प्रेमा अपने समय की परंपरावादी सोच को दर्शाते हुए महिला शिक्षा की सीमा बाँधती हैं।

    Q4. एकांकी में बाबू साहब द्वारा ग्रामोफोन की तुलना किससे की गई है और यह तुलना क्या दर्शाती है?

    • A. परमात्मा के बनाए संसार से, जो नियंत्रित नहीं किया जा सकता ✓
    • B. आदमी के बनाए यंत्र से, जो कभी भी बंद किए जा सकते हैं
    • C. महिला शिक्षा की परीक्षा से
    • D. समाज की सीमाओं से

    Answer: A — यह तुलना शिक्षित महिला की स्वतंत्र सोच और अनियंत्रित स्वभाव को दर्शाती है।

    Q5. जगदीशचंद्र माथुर का जन्म कहाँ और कब हुआ?

    • A. इलाहाबाद में, 1915 में
    • B. शाहजहाँपुर में, 1917 में ✓
    • C. लखनऊ में, 1920 में
    • D. दिल्ली में, 1918 में

    Answer: B — जगदीशचंद्र माथुर का जन्म 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था।

    Q6. एकांकी में शंकर की कौन-सी विशेषता उसे अपने पिता गोपालप्रसाद से अलग करती है?

    • A. वह केवल परिवार के लिए चिंतित है
    • B. वह आधुनिक विचारधारा वाला है और शिक्षा को महत्व देता है ✓
    • C. वह परंपराओं का पालन करता है
    • D. वह केवल धन कमाने में रुचि रखता है

    Answer: B — शंकर चिकित्सा विद्यार्थी है और शिक्षा को विवाह से अलग मानता है, जो आधुनिक सोच दर्शाता है।

    Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'रीढ़ की हड्डी' एकांकी के संदर्भ में सही नहीं है?

    • A. एकांकी दहेज प्रथा की आलोचना करती है
    • B. उमा एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला है
    • C. प्रेमा महिला शिक्षा का समर्थन करती हैं ✓
    • D. एकांकी सामाजिक कुरीतियों को उजागर करती है

    Answer: C — प्रेमा परंपरावादी विचारों वाली हैं और महिला शिक्षा के विरुद्ध हैं, समर्थक नहीं हैं।

    Q8. जगदीशचंद्र माथुर की सबसे प्रसिद्ध और मंचित कृति कौन-सी है?

    • A. भोर का तारा
    • B. कोणार्क ✓
    • C. ओ मेरे सपने
    • D. शारदीया

    Answer: B — 'कोणार्क' जगदीशचंद्र माथुर की सर्वाधिक चर्चित और मंचित रचना है।

    Q9. रामस्वरूप द्वारा अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया जाना और प्रेमा द्वारा इसका विरोध किए जाने का क्या कारण है? (परिस्थिति-आधारित प्रश्न)

    • A. रामस्वरूप गरीब है और पढ़ाई से छुटकारा चाहता है
    • B. प्रेमा को भय है कि शिक्षित लड़की विवाह में बाधा बनेगी, जबकि रामस्वरूप प्रगतिशील सोच रखते हैं ✓
    • C. शंकर और उमा को एक-दूसरे पर क्रोध है
    • D. लड़की को अपने सजने-संवरने में ही व्यस्त रहना चाहिए

    Answer: B — यह एकांकी की मूल समस्या है — परंपरावादी समाज महिला शिक्षा को विवाह के लिए बाधा मानता है।

    Q10. एकांकी का शीर्षक 'रीढ़ की हड्डी' क्यों रखा गया होगा? (विश्लेषणात्मक प्रश्न)

    • A. क्योंकि एकांकी में शारीरिक विवरण दिए गए हैं
    • B. क्योंकि उमा की दृढ़ता, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को दर्शाता है—वह सामाजिक दबाव में झुकती नहीं है ✓
    • C. क्योंकि बाबू साहब शारीरिक व्यायाम करते हैं
    • D. क्योंकि एकांकी में चिकित्सा विद्यार्थी है

    Answer: B — रीढ़ की हड्डी मजबूती, दृढ़ता और स्वाभिमान का प्रतीक है, जो उमा के चरित्र को दर्शाता है।

    Flashcards

    'रीढ़ की हड्डी' एकांकी कब लिखी गई?

    यह एकांकी 1939 में लिखी गई थी।

    जगदीशचंद्र माथुर का जन्म कहाँ हुआ?

    जगदीशचंद्र माथुर का जन्म 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ।

    'रीढ़ की हड्डी' एकांकी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    विवाह प्रणाली में लेन-देन, दहेज और महिला शिक्षा के विरुद्ध समाज की रूढ़िगत सोच को उजागर करना।

    एकांकी की मुख्य पात्र उमा का चरित्र क्या दर्शाता है?

    उमा एक शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त महिला का प्रतिनिधित्व करती है।

    बाबू रामस्वरूप और प्रेमा के विचारों में क्या अंतर है?

    रामस्वरूप प्रगतिशील हैं और महिला शिक्षा का समर्थन करते हैं जबकि प्रेमा परंपरावादी हैं।

    जगदीशचंद्र माथुर की प्रमुख कृति कौन-सी है?

    जगदीशचंद्र माथुर की सर्वाधिक चर्चित और मंचित कृति 'कोणार्क' है।

    'रीढ़ की हड्डी' शीर्षक का प्रतीकार्थ क्या है?

    रीढ़ की हड्डी मजबूत आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

    एकांकी में शंकर कौन है?

    शंकर गोपालप्रसाद का लड़का है जो चिकित्सा विज्ञान का छात्र है।

    प्रेमा के अनुसार महिला शिक्षा कितनी होनी चाहिए?

    प्रेमा के अनुसार महिला को केवल 'आ-ई' और गिनती सीखनी चाहिए, अधिकतम स्त्री-सुबोधिनी पढ़नी चाहिए।

    बाबू साहब द्वारा ग्रामोफोन की तुलना किससे की गई है?

    बाबू साहब ने ग्रामोफोन की तुलना परमात्मा द्वारा बनाई गई महिला से की है जो एक बार सक्रिय हो जाए तो नियंत्रित नहीं की जा सकती।

    Important Board Questions

    'रीढ़ की हड्डी' एकांकी का मुख्य संदेश क्या है? [2 marks]

    समाज में महिला शिक्षा की आवश्यकता और दहेज जैसी कुरीतियों की आलोचना — उमा का चरित्र यह दर्शाता है कि शिक्षित महिला आत्मनिर्भर और सशक्त होती है।

    प्रेमा के विचार बाबू रामस्वरूप के विचारों से कैसे भिन्न हैं? अपने उत्तर का कारण दीजिए। [3 marks]

    प्रेमा परंपरावादी हैं और महिला को केवल घरेलू कार्यों के लिए योग्य मानती हैं, जबकि रामस्वरूप प्रगतिशील हैं और महिला शिक्षा को समर्थन देते हैं — यह अंतर उनके समय-काल और सामाजिक विचारों का परिणाम है।

    एकांकी में उमा की भूमिका समाज की परंपरागत सोच के विरुद्ध प्रतिरोध को दर्शाती है। विस्तार से समझाइए कि उमा का चरित्र किस प्रकार की महिला की नई परिभाषा प्रस्तुत करता है और इसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। [5 marks]

    उमा शिक्षित, आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी है और सामाजिक दबाव में झुकती नहीं है — उसकी 'रीढ़ की हड्डी' मजबूत है। यह दर्शाता है कि महिला केवल सजने-संवरने या विवाह के लिए नहीं बल्कि अपने हक और शिक्षा के लिए लड़ सकती है, जिससे समाज में चेतना जागृत होती है और दहेज, लेन-देन जैसी कुरीतियों को चुनौती मिलती है।

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