StudyOSStudyOS CBSE Study Material, Class 5–12

Meera ke Pad

NCERT Class 7 · Hindi Based on NCERT Class 7 Hindi textbook · Free CBSE study kit

Everything you need to ace this chapter, in one place.
Notes · Mind Map · Quiz · Assertion-Reason · Case Studies · Question Bank · Past Papers

Get Full Study Kit →
Studying with friends? Send them this chapter.

Chapter Notes

मीरा के पद — विस्तृत अध्ययन सामग्री

परिचय

**मीरा** (लगभग 1498-1546) हिंदी साहित्य की एक महान कवयित्री और कृष्ण भक्त संत थीं। वे राजस्थान के मेड़ता क्षेत्र की राजकुमारी थीं, लेकिन बचपन से ही कृष्ण की भक्ति में पूरी तरह मग्न रहीं। उन्होंने राजकीय सुविधाओं को त्यागकर संतों का जीवन अपनाया और तीर्थ यात्राएं कीं। मीरा के भजन और पद आज भी भारत में श्रद्धा और प्रेम से गाए, पढ़े और सुने जाते हैं।

**मीरा का महत्व:** उन्होंने भक्ति काव्य को एक नई दिशा दी। उनकी रचनाएं सरल, सुबोध और हृदय से निकली हुई हैं। उनकी भाषा आम लोगों के समीप थी और उन्होंने राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी को भक्तिमय तरीके से प्रस्तुत किया।

---

पद का परिचय

इस पाठ में **मीरा के दो पद** दिए गए हैं:

1. **पहला पद:** "बसो मेरे नैनन में नंदलाल"

2. **दूसरा पद:** "बरसे बदरिया सावन की"

**पद क्या है?** पद संस्कृत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है जिसे गीत के रूप में गाया जाता है। पद में भावुकता, संगीतात्मकता और लयबद्धता होती है। मीरा के पद मुख्यतः कृष्ण भक्ति से संबंधित हैं।

---

पहला पद: "बसो मेरे नैनन में नंदलाल"

पद का मूल पाठ और अनुवाद

**बसो मेरे नैनन में नंदलाल।**

**मोहिन मूरित साँवर सूरित, नैना बने विशाल।।**

**अधर सुधा रस मुरली राजित, उर वैजंती माल।।**

**क्षुद्र घंटिका किटतट सोभित, नूपुर शब्द रसाल।।**

**मीरा के प्रभु संतन सुखदाई, भक्त वत्सल गोपाल।।**

पद का भाव (अर्थ)

**पहली पंक्ति का भाव:**

मीरा कृष्ण (नंदलाल) से प्रार्थना कर रही हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएं अर्थात उनके मन और हृदय पर सदा राज करें। "नैनन में बसना" का अर्थ है कि कोई व्यक्ति इतना प्रिय हो जाए कि वह सदा हृदय में विद्यमान रहे।

**दूसरी पंक्ति का भाव:**

कृष्ण की मोहनी मूरत (मनोरम रूप), साँवली सुंदर छवि और विशाल नेत्रों का वर्णन किया गया है। मीरा कृष्ण की सुंदरता से मुग्ध हैं। "साँवर" (साँवली) और "मोहिन" (मोहित करने वाली) विशेषण हैं जो कृष्ण की सुंदरता को दर्शाते हैं।

**तीसरी पंक्ति का भाव:**

कृष्ण के होंठों पर बाँसुरी (मुरली) की मधुर ध्वनि गूँजती है और उनके हृदय पर वैजयंती माला (पवित्र पुष्पों की माला) सुशोभित है। यहाँ कृष्ण के संगीत और पवित्रता का वर्णन है।

**चौथी पंक्ति का भाव:**

कृष्ण की कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं और उनके पैरों में नूपुर (बिछुए) हैं जिनकी ध्वनि मधुर है। यह पंक्ति कृष्ण की सजावट और उनकी गतिविधियों का चित्रण करती है।

**अंतिम पंक्ति का भाव:**

मीरा कहती हैं कि वे कृष्ण को संतों का सुख देने वाला और भक्तों से स्नेह करने वाला गोपाल (पालनकर्ता) मानती हैं। यह पंक्ति कृष्ण के दिव्य गुणों को दर्शाती है।

पद की विशेषताएं

**1. रूप और संरचना:**

  • पद को गीत के रूप में गाया जाता है
  • छोटी-छोटी पंक्तियाँ (पदावली) होती हैं
  • प्रत्येक पद के अंत में एक समापन पंक्ति (मुखड़ा) होती है जो बार-बार दोहराई जाती है
  • **2. श्रीकृष्ण के नाम:**

    मीरा ने इस पद में कृष्ण के विभिन्न नामों का प्रयोग किया है:

  • **नंदलाल** – नंद के पुत्र, कृष्ण
  • **गोपाल** – गायों का पालक, कृष्ण
  • व्याकरण विश्लेषण

    **संज्ञा (Noun):**

  • नैनन (आँखें), नंदलाल (कृष्ण), मूरित (रूप), मुरली (बाँसुरी), माल (माला), घंटिका (घंटी), नूपुर (बिछुए), संत (संत), भक्त (भक्त)
  • **विशेषण (Adjective):**

  • मोहिन (मुग्ध करने वाली), साँवर (साँवली), सुधा (मधुर), रसाल (रसीली), रसाल (मधुर)
  • **क्रिया (Verb):**

  • बसो (बैठो, रहो), सोभित (शोभायमान है), राजित (सजा है)
  • **सर्वनाम (Pronoun):**

  • मेरे (मेरा), उर (हृदय), जो कृष्ण को संदर्भित करता है
  • संधि (Sandhi)

    **सौम्यता:**

  • "मोहिन" + "मूरित" = "मोहिनमूरित" (विसर्ग संधि)
  • "वैजंती" + "माल" = "वैजंतीमाल" (दीर्घ संधि)
  • ---

    दूसरा पद: "बरसे बदरिया सावन की"

    पद का मूल पाठ और अनुवाद

    **बरसे बदरिया सावन की, सावन की मन भावन की।**

    **सावन में उमग्यो मेरो मनवा, भनक सुनी हारि आवन की।।**

    **उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया, दामिन दम कै झर लावन की।।**

    **नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, शीतल पवन सोहावन की।।**

    **मीरा के प्रभु गिरधरनागर, आनंद मंगल गावन की।।**

    पद का भाव (अर्थ)

    **पहली पंक्ति का भाव:**

    सावन के महीने में बादल बरसते हैं। यह महीना मन को भाने वाला है। सावन ऋतु का आगमन प्रकृति में परिवर्तन लाता है और मन को आनंदित करता है। "सावन की मन भावन की" से तात्पर्य है कि सावन का महीना सबके मन को प्रिय है।

    **दूसरी पंक्ति का भाव:**

    सावन में मीरा का मन उमंग से भर जाता है क्योंकि उन्होंने कृष्ण के आने की खबर सुनी है। "उमग्यो" का अर्थ है उत्साह से भर जाना, "भनक सुनी" का अर्थ है खबर या समाचार सुनना। यह पंक्ति मीरा की कृष्ण के प्रति अपेक्षा और आतुरता को दर्शाती है।

    **तीसरी पंक्ति का भाव:**

    चारों दिशाओं से बादल आते हैं और बिजली की चमकदार रोशनी के साथ बारिश होती है। "उमड़ घुमड़" से वर्षा की गतिविधि का चित्रण होता है। "दामिन" (बिजली) का प्रयोग वर्षा ऋतु की खूबसूरती दर्शाता है।

    **चौथी पंक्ति का भाव:**

    छोटी-छोटी बूँदें बारिश में गिरती हैं और शीतल हवा चलती है जो मनोरम लगती है। यह पंक्ति सावन के जलवायु परिवर्तन और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन करती है।

    **अंतिम पंक्ति का भाव:**

    मीरा कहती हैं कि उनके प्रभु गिरधरनागर (कृष्ण) आनंद और मंगल का गीत गा रहे हैं। "गिरधरनागर" का अर्थ है "पर्वत को धारण करने वाला" जो कृष्ण का विशेषण है (जब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उँगली पर उठाया था)।

    पद की विशेषताएं

    **1. प्रकृति का चित्रण:**

    इस पद में मीरा ने सावन ऋतु का अत्यंत सुंदर चित्रण किया है:

  • बादलों का आना
  • बिजली की चमक
  • बारिश की बूँदें
  • शीतल हवा
  • **2. भावनात्मक अभिव्यक्ति:**

    मीरा की कृष्ण के प्रति प्रेम और आतुरता को दर्शाया गया है। सावन के बादल कृष्ण के आगमन का प्रतीक बन गए हैं।

    **3. संगीतात्मकता:**

    पद में पुनरावृत्ति और लय है जो गाने के लिए उपयुक्त है।

    व्याकरण विश्लेषण

    **संज्ञा:**

  • बदरिया (बादल), सावन (श्रावण महीना), मनवा (मन), भनक (खबर), दिश (दिशा), दामिन (बिजली), मेहा (बारिश), बूँद (बूँद), पवन (हवा), प्रभु (प्रभु), गिरधरनागर (कृष्ण), आनंद (खुशी)
  • **विशेषण:**

  • मन भावन (मन को भाने वाली), शीतल (ठंडी), सोहावन (सुंदर), नन्हीं (छोटी)
  • **क्रिया:**

  • बरसे (बरसता है), उमग्यो (भर गया), सुनी (सुना), आया (आया), बरसे (बरसते हैं), गावन (गाने वाली)
  • अलंकार (Literary Devices)

    **1. अनुप्रास अलंकार:**

    "बरसे बदरिया" में 'ब' वर्ण की पुनरावृत्ति

    "उमड़ घुमड़" में 'ड़' और 'ड़' वर्ण की पुनरावृत्ति

    **परिभाषा:** जब किसी वर्ण या ध्वनि की बार-बार पुनरावृत्ति से काव्य की सुंदरता बढ़ जाए, तो उसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं।

    **2. उपमा अलंकार:**

    "उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया" – यहाँ बादलों की गतिविधि का चित्रण किया गया है

    **3. रूपक अलंकार:**

    सावन को मन को भाने वाला बनाकर प्रस्तुत किया गया है।

    ---

    काल (Tense) और वाच्य (Voice)

    काल विश्लेषण

    **वर्तमान काल (Present Tense):**

  • "बरसे" (बरसता है) – वर्तमान में घटना हो रही है
  • "सोभित" (शोभा दे रहे हैं) – वर्तमान क्रिया
  • **भूतकाल (Past Tense):**

  • "उमग्यो" (भर गया) – पहले ही हो चुका
  • "सुनी" (सुना) – भूतकाल में घटित
  • "आया" (आया) – पहले ही हो चुका
  • वाच्य

    **कर्तृवाच्य (Active Voice):**

    अधिकांश पद में कर्तृवाच्य का प्रयोग है:

  • "बरसे बदरिया" – बादल बरसते हैं (बादल कर्ता है)
  • "उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया" – बादल आते हैं
  • ---

    मीरा के पद की विशेषताएँ

    1. **भाषा और शैली**

    **सरल और सुबोध भाषा:** मीरा ने राजस्थानी भाषा और ब्रजभाषा का मिश्रण करके लिखा है। उनकी भाषा आम जनता के समीप है।

    **उदाहरण:**

  • "मेरो मनवा" – मेरा मन (ब्रजभाषा)
  • "बदरिया" – बादल (राजस्थानी)
  • 2. **कृष्ण के विभिन्न नाम**

    मीरा ने कृष्ण को विभिन्न नामों से पुकारा है जो उनके विभिन्न गुणों को दर्शाते हैं:

    | नाम | अर्थ |

    |-----|------|

    | नंदलाल | नंद के पुत्र |

    | गोपाल | गायों का पालक, रक्षक |

    | गिरधरनागर | पर्वत को धारण करने वाला |

    3. **प्रकृति का महत्व**

    मीरा ने प्रकृति को कृष्ण भक्ति का माध्यम बनाया है। सावन ऋतु का चित्रण करते हुए मीरा ने अपनी आध्यात्मिक अनुभूति को व्यक्त किया है।

    4. **संगीतात्मकता**

    पद का मुख्य गुण इसकी संगीतात्मकता है। इसे गीत के रूप में गाया जाता है और इसमें लय और ताल होती है।

    ---

    शब्दार्थ (Vocabulary)

    पहले पद के महत्वपूर्ण शब्द

    | शब्द | अर्थ | संदर्भ |

    |-----|------|--------|

    | **बसो** | बैठो, रहो, बस जाना | कृष्ण को आँखों में बसने के लिए कहना |

    | **नैनन** | आँखें | कृष्ण को हृदय में स्थान देना |

    | **नंदलाल** | नंद का पुत्र, कृष्ण | कृष्ण का नाम |

    | **मोहिन** | मुग्ध करने वाली | कृष्ण की मनोरम मूर्ति |

    | **साँवर** | साँवली, गहरे रंग की | कृष्ण की साँवली छवि |

    | **सूरित** | छवि, रूप | कृष्ण का सुंदर रूप |

    | **अधर** | होंठ | कृष्ण के होंठ |

    | **सुधा** | अमृत, मधुर | बाँसुरी की मधुर ध्वनि |

    | **मुरली** | बाँसुरी | कृष्ण की बाँसुरी |

    | **उर** | हृदय, सीना | कृष्ण का हृदय |

    | **वैजंती माल** | विजयंती पौधे की माला | कृष्ण की माला |

    | **क्षुद्र** | छोटी | छोटी घंटी |

    | **घंटिका** | घंटी | कृष्ण की घंटी |

    | **किटतट** | कमर | कृष्ण की कमर |

    | **नूपुर** | बिछुए | कृष्ण के पैर में नूपुर |

    | **शब्द रसाल** | मधुर ध्वनि | नूपुर की मीठी आवाज |

    | **संत** | साधु, सन्यासी | पवित्र व्यक्ति |

    | **सुखदाई** | सुख देने वाला | कृष्ण का गुण |

    | **भक्त** | भगवान का पूजक | जो कृष्ण को मानता है |

    | **वत्सल** | स्नेहशील, दयालु | कृष्ण का स्नेह भरा स्वभाव |

    दूसरे पद के महत्वपूर्ण शब्द

    | शब्द | अर्थ | संदर्भ |

    |-----|------|--------|

    | **बरसे** | बरसता है | बादल का बरसना |

    | **बदरिया** | बादल | सावन के बादल |

    | **सावन** | श्रावण महीना | वर्षा ऋतु का महीना |

    | **मन भावन** | मन को भाने वाली | मन को प्रिय |

    | **उमग्यो** | भर गया, उठ गया | उत्साह से भर जाना |

    | **मनवा** | मन | मीरा का मन |

    | **भनक** | खबर, समाचार | सुनी हुई बात |

    | **आवन** | आना, आगमन | कृष्ण का आना |

    | **उमड़** | उठना, भर जाना | बादलों का उठना |

    | **घुमड़** | मंडराना, घूमना | बादलों का गति करना |

    | **चहुँ दिश** | चारों दिशाएँ | सभी ओर से |

    | **दामिन** | बिजली | आकाश की बिजली |

    | **दम** | गति, तेजी | तेजी से |

    | **झर** | बारिश, वर्षा | पानी की बूँदें |

    | **लावन** | लाना | बारिश को लाना |

    | **नन्हीं** | छोटी | छोटी बूँदें |

    | **बूँद** | पानी की बूँद | बारिश की बूँद |

    | **मेहा** | बारिश, वर्षा | जल |

    | **शीतल** | ठंडी, मधुर | हवा की प्रकृति |

    | **पवन** | हवा, वायु | हल्की हवा |

    | **सोहावन** | सुंदर, शोभायमान | सुंदर दिखने वाली |

    | **गिरधरनागर** | पर्वत धारक | कृष्ण का नाम |

    | **आनंद** | खुशी, प्रसन्नता | खुशी का भाव |

    | **मंगल** | कल्याण, शुभ | शुभ समय |

    | **गावन** | गाने वाली | गीत गाने वाली |

    ---

    अनुप्रास अलंकार का विस्तृत विश्लेषण

    **परिभाषा:** जब किसी वर्ण (consonant) या ध्वनि की बार-बार पुनरावृत्ति काव्य में सुंदरता और संगीतात्मकता लाए, तो उसे अनुप्रास अलंकार कहते हैं।

    उदाहरण और विश्लेषण

    **1. "बरसे बदरिया सावन की"**

  • **वर्ण:** 'ब'
  • **विश्लेषण:** "बरसे", "बदरिया" दोनों शब्द 'ब' से शुरू होते हैं। इससे पद में संगीतात्मकता आती है।
  • **2. "उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया"**

  • **वर्ण:** 'ड़', 'द'
  • **विश्लेषण:** "उमड़" और "घुमड़" में 'ड़' की पुनरावृत्ति है जो तेजी और गति का भाव देती है।
  • **3. "नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे"**

  • **वर्ण:** 'ब' और 'न'
  • **विश्लेषण:** "नन्हीं नन्हीं" में 'न' की पुनरावृत्ति से छोटी बूँदों का बोध होता है।
  • **4. "शीतल पवन सोहावन की"**

  • **वर्ण:** 'स'
  • **विश्लेषण:** "शीतल", "सोहावन" में 'स' की पुनरावृत्ति है।
  • अनुप्रास के प्रकार

    **1. छेकानुप्रास:** जब केवल एक ही वर्ण की पुनरावृत्ति हो

  • उदाहरण: "बरसे बदरिया"
  • **2. वृत्त्यनुप्रास:** जब एक ही शब्द या शब्दांश की बार-बार पुनरावृत्ति हो

  • उदाहरण: "नन्हीं नन्हीं बूँदन"
  • **3. लाटानुप्रास:** जब समान शब्द किंतु विभिन्न अर्थ में आएं

    ---

    रूप बदलकर लेखन (Prose Writing)

    पहले पद को अनुच्छेद के रूप में लिखना

    **उदाहरण:**

    मीरा अपने प्रिय नंदलाल (कृष्ण) से विनती कर रही हैं कि वे उनकी आँखों में सदा बस जाएँ। उनकी मनोरम और साँवली छवि के साथ विशाल नेत्र हैं जो मन को मुग्ध कर देते हैं। उनके होंठों पर बाँसुरी की मधुर धुन बजती है और हृदय पर वैजयंती माला शोभायमान है। उनकी कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं और पैरों में नूपुर हैं जिनकी ध्वनि अत्यंत रसीली है। मीरा अपने प्रभु को संतों का सुख देने वाला और भक्तों से स्नेह करने वाला गोपाल मानती हैं।

    दूसरे पद को अनुच्छेद के रूप में लिखना

    **उदाहरण:**

    सावन के महीने में बादल बरसते हैं और यह ऋतु मन को भाने वाली है। सावन की वर्षा में मीरा का मन उमंग से भर जाता है क्योंकि उन्होंने कृष्ण के आने की खबर सुनी है। चारों दिशाओं से बादल उठते-घूमते हैं और बिजली की चमकदार रोशनी के साथ बारिश होती है। छोटी-छोटी बूँदें पड़ती हैं और शीतल हवा चलती है जो मनोरम लगती है। मीरा के प्रभु गिरधरनागर (कृष्ण) इस आनंद और कल्याण का गीत गा रहे हैं।

    ---

    मुहावरे (Idioms)

    "बसो मेरे नैनन में" – नैनों में बस जाना

    **परिभाषा:** यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ है किसी व्यक्ति या वस्तु को इतना प्रिय होना कि वह सदा हृदय और मन में विद्यमान रहे।

    **उदाहरण:**

  • "उस गायक की आवाज मेरी आँखों में बस गई है।" – अर्थ: गायक की आवाज को बहुत पसंद आया।
  • "भारत की संस्कृति हर भारतीय के नैनों में बसी होती है।" – अर्थ: संस्कृति हृदय में प्रिय होती है।
  • आँखों से संबंधित अन्य मुहावरे

    **1. आँखों का तारा**

  • **अर्थ:** सबसे प्रिय व्यक्ति, किसी की सबसे बड़ी खुशी
  • **उदाहरण:** "बेटा माता-पिता की आँखों का तारा होता है।"
  • **2. आँखों पर पर्दा पड़ना**

  • **अर्थ:** किसी चीज का सही ज्ञान न होना, धोखा खाना
  • **उदाहरण:** "बुरी संगति आँखों पर पर्दा डा
  • MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. बसो मेरे नैनन में नंदलाल पद में मीरा किससे विनती कर रही हैं?

    • A. श्रीकृष्ण से ✓
    • B. संतों से
    • C. भक्तों से
    • D. देवताओं से

    Answer: A — मीरा नंदलाल (श्रीकृष्ण) को अपनी आँखों में बसने के लिए कह रही हैं।

    Q2. बरसे बदरिया सावन की पंक्ति में कौन-सी ऋतु का वर्णन है?

    • A. गर्मी
    • B. वर्षा ✓
    • C. वसंत
    • D. सर्दी

    Answer: B — बदरिया (बादल) और वर्षा का वर्णन साफ दिखता है, जो वर्षा ऋतु का प्रतीक है।

    Q3. मीरा का पूरा नाम क्या था?

    • A. मीराबाई ✓
    • B. मीरा कुमारी
    • C. मीरा देवी
    • D. मीरा शर्मा

    Answer: A — मीरा का पूरा नाम मीराबाई था, जो कृष्ण की भक्त और महान कवियत्री थीं।

    Q4. नूपुर किसे कहते हैं?

    • A. पैरों में पहनी जाने वाली घंटियाँ ✓
    • B. कमर पर बाँधी जाने वाली पट्टी
    • C. गले में पहना जाने वाला आभूषण
    • D. भुजाओं पर पहने जाने वाले कड़े

    Answer: A — नूपुर पैरों में पहनी जाने वाली घंटियाँ हैं जो मधुर ध्वनि निकालती हैं।

    Q5. अगर मीरा के समय में कोई कवि अपनी रचना के अंत में नाम नहीं लिखता तो क्या होता?

    • A. उसकी रचना अधूरी मानी जाती
    • B. वह परंपरा का पालन नहीं करता ✓
    • C. उसकी रचना प्रसिद्ध नहीं होती
    • D. राजा उसे पुरस्कार नहीं देते

    Answer: B — मीरा के समय में कवि अपने नाम का उल्लेख करना परंपरा थी, तो न करना परंपरा का उल्लंघन होता।

    Q6. सावन के महीने में मीरा के मन में कौन-सी भावना उठती है?

    • A. दुख और उदासी
    • B. डर और चिंता
    • C. उमंग और मिलन की अपेक्षा ✓
    • D. क्रोध और असंतोष

    Answer: C — सावन में उमग्यो मेरो मनवा से साफ है कि मीरा के मन में श्रीकृष्ण से मिलने की उमंग जागती है।

    Q7. मीरा ने अधर सुधा रस मुरली राजित में किस वाद्ययंत्र का उल्लेख किया है?

    • A. ढोलक
    • B. बाँसुरी ✓
    • C. सितार
    • D. बेला

    Answer: B — मुरली का अर्थ बाँसुरी है जिसे श्रीकृष्ण बजाते हैं।

    Q8. क्षुद्र घंटिका किटतट सोभित पंक्ति में कवियत्री किसकी सुंदरता बताना चाहती हैं?

    • A. कमर पर की छोटी घंटियों की ✓
    • B. हाथों के आभूषणों की
    • C. पैरों के नूपुरों की
    • D. गले की वैजंती माल की

    Answer: A — क्षुद्र घंटिका का अर्थ छोटी घंटियाँ हैं जो कमर पर सजी हुई हैं।

    Q9. बरसे बदरिया सावन की पंक्ति के अलावा पाठ से कोई और अनुप्रास का उदाहरण दीजिए।

    • A. नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे
    • B. मोहिन मूरित साँवर सूरित ✓
    • C. उमड़ घुमड़ चहुँ दिश से आया
    • D. अधर सुधा रस मुरली राजित

    Answer: B — साँवर और सूरित दोनों शब्द 'स' से शुरू होते हैं, इसलिए यह अनुप्रास अलंकार का उदाहरण है।

    Q10. मीरा ने श्रीकृष्ण को भक्त वत्सल गोपाल कहा है — इससे मीरा क्या दर्शाना चाहती हैं?

    • A. कृष्ण केवल सुंदर हैं
    • B. कृष्ण अपने भक्तों से प्रेम करते हैं और उनका पालन करते हैं ✓
    • C. कृष्ण गायों को पालते हैं
    • D. कृष्ण बहुत शक्तिशाली हैं

    Answer: B — भक्त वत्सल का अर्थ है भक्तों से प्रेम करने वाले, इससे मीरा कृष्ण की कृपा और स्नेह दिखाती हैं।

    Flashcards

    मीरा ने किस राजकुमारी को छोड़कर कौन-सा जीवन चुना?

    मीरा ने राजकुमारी का जीवन त्यागकर संतों का जीवन चुना और तीर्थ यात्राएँ करने लगीं।

    नंदलाल शब्द किसका नाम है?

    नंदलाल श्रीकृष्ण का नाम है क्योंकि वे नंद के पुत्र थे।

    सावन कौन-सा महीना है?

    सावन वर्षा ऋतु का मुख्य महीना है जो आषाढ़ के बाद और भाद्रपद से पहले आता है।

    बरसे बदरिया सावन की पंक्ति में कौन-सी अलंकार प्रयुक्त हुई है?

    इस पंक्ति में अनुप्रास अलंकार है क्योंकि 'ब' वर्ण की आवृत्ति हुई है।

    गिरधर नाम का अर्थ क्या है?

    गिरधर का अर्थ है पर्वत को धारण करने वाले, जो श्रीकृष्ण का नाम है।

    मीरा के पदों में श्रीकृष्ण के कितने नाम आए हैं?

    मीरा ने श्रीकृष्ण के अलग-अलग नाम जैसे नंदलाल, गोपाल, गिरधरनागर आदि का प्रयोग किया है।

    आँखों में बस जाना मुहावरे का अर्थ क्या है?

    आँखों में बस जाना का अर्थ है कि कोई व्यक्ति या वस्तु इतनी प्रिय लग जाए कि उसका ध्यान हमेशा मन में रहे।

    वैजंती माल किससे बनती है?

    वैजंती माल वैजयंती पौधे के बीजों से बनने वाली माला है।

    मीरा के समय में कवि अपनी रचना के अंत में क्या जोड़ते थे?

    मीरा के समय में कवि अपनी रचना के अंत में अपने नाम का उल्लेख करते थे।

    पहले पद में श्रीकृष्ण के कौन-कौन से अंगों का वर्णन है?

    पहले पद में श्रीकृष्ण के होंठ, सीना, कमर और पैरों का वर्णन किया गया है।

    Important Board Questions

    मीरा के पदों में श्रीकृष्ण के लिए किन-किन नामों का प्रयोग किया गया है? (1 अंक) [1 mark]

    पाठ से तीन नाम चुनो: नंदलाल, गोपाल, गिरधरनागर आदि।

    बरसे बदरिया सावन की पंक्ति में कवियत्री किसके माध्यम से कृष्ण के आने की खबर सुनना चाहती हैं? (2 अंक) [2 marks]

    बादलों की बात करो और उनसे किस तरह संदेश पहुँचेगा यह बताओ।

    पहले पद में मीरा ने श्रीकृष्ण के कौन-कौन से अंगों और उनमें पहने हुए आभूषणों का वर्णन किया है? विस्तार से बताइए। (3 अंक) [3 marks]

    होंठ-बाँसुरी, सीना-वैजंती माल, कमर-घंटियाँ, पैर-नूपुर — सभी को शामिल करो।

    मीरा का जीवन परिचय देते हुए यह समझाइए कि उन्होंने राजकुमारी का जीवन त्यागकर संतों का जीवन क्यों चुना? उनके गीतों का क्या महत्व है? (5 अंक) [5 marks]

    बचपन से कृष्ण की भक्ति, महलों को छोड़कर तीर्थ यात्राएँ, भजन-गायन, लोगों का आध्यात्मिक जीवन में योगदान — सभी बातें लिखो।

    Assertion-Reason Questions for Meera ke Pad

    Q1. Assertion (A):

    मीरा की भक्ति के काव्य में प्रकृति का विस्तार से वर्णन किया गया है।

    Reason (R):

    मीरा के लिए प्रकृति के सभी तत्व (बादल, बारिश, हवा आदि) कृष्ण से जुड़े हुए थे और उनके भक्ति भाव का माध्यम बनते थे।

    Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — कथन और कारण दोनों सत्य हैं और कारण कथन को पूरी तरह समझाता है। 'बरसे बदरिया सावन की' में सावन के बादलों का वर्णन ही इसका प्रमाण है।

    Q2. Assertion (A):

    मीरा को संत और भक्तों का जीवन पसंद था।

    Reason (R):

    मीरा राजकुमारी थीं लेकिन उन्होंने राजमहलों को त्यागकर संत जीवन अपनाया और तीर्थ यात्राएँ कीं।

    Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सत्य हैं और कारण कथन की व्याख्या करता है। पाठ में स्पष्ट है कि मीरा ने भौतिक सुविधाएँ छोड़कर भक्ति का मार्ग चुना।

    Q3. Assertion (A):

    पद 'बसो मेरे नैनन में नंदलाल' में श्रीकृष्ण की शारीरिक सुंदरता का विस्तृत चित्रण है।

    Reason (R):

    पद में केवल कृष्ण के दिव्य रूप (गोपाल स्वरूप) की चर्चा की गई है, उनकी भक्ति भाव नहीं।

    Answer: C — A is true but R is false — कथन सत्य है कि पद में श्रीकृष्ण की सुंदरता का वर्णन है, परंतु कारण गलत है क्योंकि पद में 'संतन सुखदाई, भक्त वत्सल गोपाल' कहकर उनकी भक्ति संबंधी विशेषताओं का भी उल्लेख है।

    Unlock more Assertion-Reason questions in Premium — unlock →

    Case-Based Questions (CBQ) for Meera ke Pad

    Case Study:

    'अधर सुधा रस मुरली राजित, उर वैजंती माल। क्षुद्र घंटिका कटितट सोभित, नूपुर शब्द रसाल।' इन पंक्तियों में मीरा ने श्रीकृष्ण की सुंदरता को विविध आभूषणों और उनकी मधुर आवाजों के माध्यम से दर्शाया है। होंठों पर बाँसुरी, छाती पर वैजंती माला, कमर पर घंटियाँ और पैरों में नूपुर—सभी कुछ मीरा के प्रेम को दर्शाते हैं।

    Q1. मीरा ने श्रीकृष्ण के होंठों को 'सुधा रस' क्यों कहा है?

    • A. क्योंकि उनके होंठ कड़े और सूखे थे
    • B. क्योंकि उनके होंठों से निकलने वाली बाँसुरी की धुन अमृत जैसी मीठी थी ✓
    • C. क्योंकि वे दिनभर बाँसुरी बजाते थे
    • D. क्योंकि उन्हें मीठा खाना पसंद था

    Answer: B

    Q2. पंक्ति में 'वैजंती माल' का क्या महत्व है?

    • A. यह दर्शाता है कि कृष्ण को सोना पसंद था
    • B. यह श्रीकृष्ण के दिव्य रूप और शृंगार का संकेत है ✓
    • C. यह दर्शाता है कि कृष्ण धनवान थे
    • D. यह एक साधारण पौधे की माला है

    Answer: B

    Q3. 'नूपुर शब्द रसाल' से कवि का क्या आशय है?

    • A. नूपुर एक प्रकार का खाद्य पदार्थ है
    • B. पैरों के नूपुर से निकलने वाली मधुर आवाज को प्रसंसा करना ✓
    • C. नूपुर को रस (तरल) से बनाया जाता है
    • D. कृष्ण के पैर दर्द में होते थे

    Answer: B

    Found this useful? Share it with your class group.

    You've seen the free preview. Open the full interactive study kit — mind map, instant-graded quiz, progress tracking — free, no sign-in required.

    Open Full Study Kit — Free →

    Premium unlocks the full Question Bank, Daily Practice Papers, Chapter Quiz and Full Mock Papers for every chapter.