**कविता का नाम:** जलाते चलो
**कवि:** द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी (1916-1998) — बाल साहित्य के प्रसिद्ध लेखक
**मुख्य प्रतीक (Symbol):**
— दीये = भलाई, प्रेम, आशा, अच्छे कार्य
— अंधकार/तिमिर = बुराई, समस्याएँ, दुःख
— निशा = कठिन समय, असफलता
— सवेरा = सफलता, खुशी, जीत
— नाव = प्रयास और साहस
— तूफान = विपत्तियाँ
**कविता का मुख्य संदेश:** प्रेम भरकर निरंतर भलाई के कार्य करो, एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।
**महत्वपूर्ण शब्द:**
— अमावस = अमावसया (चंद्रमा न दिखाई देने वाली रात)
— पूर्णिमा = पूर्ण चाँद वाली रात
— विद्युत-दिये = बिजली के बल्ब (प्रतीक: बिना प्रेम के कार्य)
— युग = बहुत लंबा समय
— ज्योति = प्रकाश
**कविता की विशेषताएँ:** हर पंक्ति 2-4 शब्दों के समान समूहों में बँटी है, जिससे एक निश्चित लय और संगीत बनता है।
**याद रखो:** दीये, अंधकार, निशा, सवेरा — ये सब सीधे अर्थ में नहीं, बल्कि प्रतीक के रूप में काम करते हैं।
Q1. द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने बाल साहित्य में किस तरह का योगदान दिया?
Answer: A — द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी बाल साहित्य के चर्चित रचनाकार थे जिन्होंने बहुत-सी रचनाएँ और प्रसिद्ध गीत लिखे।
Q2. कविता में 'तिमिर' शब्द किसका प्रतीक है?
Answer: B — कविता में तिमिर अंधकार का प्रतीक है, जो बुराई और समस्याओं को दर्शाता है।
Q3. 'जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर' पंक्ति में 'दीये' का असली मतलब क्या है?
Answer: B — कविता में दीये प्रतीक है भलाई के कार्यों, प्रेम भरे प्रयासों और आशा का, न कि सिर्फ साधारण दीये का।
Q4. कविता के अनुसार अंधकार कब मिटेगा?
Answer: C — कविता के अनुसार निरंतर प्रेम से भलाई के कार्य करने से एक दिन अंधकार अवश्य मिट जाएगा।
Q5. निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है?
Answer: C — कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें प्रेम से भलाई का काम करते रहना चाहिए, क्योंकि एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।
Q6. 'यों न पथ मिल सकेगा' — यहाँ 'पथ' का अर्थ क्या है?
Answer: B — यहाँ पथ का अर्थ सफलता का रास्ता है, अर्थात बिना प्रेम और भलाई के हम सही दिशा नहीं पा सकते।
Q7. कविता में 'निशा को सवेरा मिलेगा' — इसका प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
Answer: B — निशा कठिन समय का और सवेरा सफलता और खुशी का प्रतीक है, इसलिए यह कहना है कि कठिन समय के बाद सफलता आएगी।
Q8. 'स्वर्ण-सी जल रही' — इस तुलना में दीये की लौ को किससे तुलना की गई है?
Answer: C — दीये की लौ को सोने जैसी कीमती, चमकदार और स्थायी चीज़ से तुलना की गई है।
Q9. कविता की कौन-सी विशेषता इसे अधिक प्रभावशाली बनाती है?
Answer: B — कविता की हर पंक्ति 2-4 शब्दों के समूहों में बँटी है, जिससे एक निश्चित लय और संगीत बनता है और यह प्रभावशाली हो जाती है।
Q10. कविता के अनुसार 'दिये और तूफान की कहानी' किस बात को दर्शाती है?
Answer: C — कविता कहती है कि दीये (भलाई) और तूफान (विपत्तियों) की यह कहानी सदा से चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी।
इस कविता के कवि का नाम क्या है?
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने यह कविता लिखी है।
कविता में 'तिमिर' शब्द का क्या अर्थ है?
तिमिर का अर्थ अंधकार है, जो बुराई और समस्याओं का प्रतीक है।
कविता में 'दीये' का असली मतलब क्या है?
दीये प्रतीक है भलाई के कार्यों, प्रेम भरे प्रयासों और आशा का।
'निशा' शब्द इस कविता में किस बात का प्रतीक है?
निशा कठिन समय, दुःख और अंधकार का प्रतीक है, सिर्फ रात नहीं।
कविता के अनुसार अंधकार मिटने का तरीका क्या है?
प्रेम भरकर निरंतर भलाई के कार्य करते रहने से अंधकार मिट जाता है।
'दिये और तूफान की कहानी' से कवि का क्या आशय है?
कवि कहना चाहते हैं कि भलाई के प्रयास और विपत्तियों का संघर्ष सदा चलता रहेगा।
कविता का मुख्य संदेश क्या है?
हमें प्रेम और उत्साह से भलाई का काम करते रहना चाहिए क्योंकि एक न एक दिन सफलता मिलेगी।
कविता में 'नाव' किसका प्रतीक है?
नाव प्रयास और साहस का प्रतीक है जो हमें कठिनाइयों के समुद्र में पार करता है।
'स्वर्ण-सी जल रही' पंक्ति में किसकी तुलना सोने से की गई है?
दीये की लौ की तुलना सोने जैसी चमकदार और कीमती चीज़ से की गई है।
कविता की कौन-सी खास बात इसे और प्रभावशाली बनाती है?
हर पंक्ति को लगभग एक-समान समय में बोला/गाया जा सकता है, जिससे इसमें लय और संगीत आता है।
इस कविता के कवि का नाम लिखिए। [1 mark]
कविता की शुरुआत में दिया गया है; द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी, बाल साहित्य के प्रसिद्ध लेखक।
कविता में 'तिमिर' और 'अंधकार' शब्दों का उपयोग किसके लिए किया गया है? (उदाहरण सहित लिखिए) [2 marks]
तिमिर = अंधकार, बुराई, समस्याएँ; कविता में अमावस, रात जैसे शब्दों के साथ आता है। उदाहरण: 'धरा का अँधेरा' यानी समाज की बुराइयाँ।
कविता के अनुसार 'दीये' का असली अर्थ क्या है? अपने रोज़मर्रा के जीवन से एक उदाहरण देकर समझाइए। [3 marks]
दीये = भलाई के कार्य, प्रेम, आशा, प्रयास का प्रतीक। उदाहरण: अपनी पढ़ाई करना, गरीब बच्चों को सिखाना, माता-पिता की सेवा करना — ये सब दीये जलाना है।
'जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर / कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा।' — इन पंक्तियों का आशय क्या है? कविता के आधार पर समझाइए कि हम अपने आस-पास के अंधकार को कैसे मिटा सकते हैं। [5 marks]
आशय: निरंतर प्रेम और भलाई के कार्य करने से अंधकार अवश्य मिटेगा। समाधान: सच्चाई, ईमानदारी, शिक्षा, मदद, साहस, न्याय आदि को बढ़ावा देकर अंधकार (बुराई, अन्याय, अज्ञानता) को मिटा सकते हैं।
सही या गलत लिखिए और कारण दीजिए: 'कविता में 'निशा' का मतलब केवल रात है।' [2 marks]
गलत है — निशा सिर्फ रात नहीं, बल्कि कठिन समय, दुःख और अंधकार का प्रतीक है। अंधकार से इसका संबंध है।
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