Everything you need to ace this chapter, in one place.
Notes · Mind Map · Quiz · Assertion-Reason · Case Studies · Question Bank · Past Papers
**गोल पाठ की मुख्य जानकारी**
**ध्यानचंद का जीवन परिचय:**
**महत्वपूर्ण घटनाएँ:**
**सफलता के सूत्र:** लगन, साधना, खेल भावना
**मुख्य शिक्षा:**
**शब्द-युगम (शब्द-जोड़े):**
**Don't Confuse:** गोल = केवल खेल में रन नहीं, बल्कि यह ध्यानचंद की आत्मकथा का शीर्षक है जो उनकी पूरी सफलता की कहानी बताता है।
Q1. मेजर ध्यानचंद का जन्म किस वर्ष और किस शहर में हुआ था?
Answer: A — पाठ में स्पष्ट लिखा है कि मेरा जन्म सन् 1905 में प्रयाग में एक साधारण परिवार में हुआ।
Q2. पाठ की पहली घटना में कौन सी टीम के खिलाड़ी ने ध्यानचंद को हॉकी स्टिक से मारा?
Answer: B — पाठ में कहा गया है: माइनर्स टीम के खिलाड़ी मुझसे गेंद छीनने की कोशिश करते थे और एक ने गुस्से में हॉकी स्टिक मार दी।
Q3. ध्यानचंद को कब और किस ओलंपिक में कप्तान बनाया गया?
Answer: B — सन् 1936 में बर्लिन ओलंपिक में मुझे कप्तान बनाया गया और उस समय मैं सेना में लांस नायक था।
Q4. बदला लेने के बाद ध्यानचंद ने उस खिलाड़ी को क्या संदेश दिया? (रिक्त स्थान भरें) ध्यानचंद ने कहा: 'खेल में इतना _______ अच्छा नहीं है।'
Answer: B — पाठ में स्पष्ट है: 'दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं है।'
Q5. ध्यानचंद कहते हैं कि उनकी सफलता का मुख्य राज क्या था?
Answer: C — पाठ में है: हर किसी से यही कहता हूँ कि लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।
Q6. निम्नलिखित में से कौन सी बात ध्यानचंद के बारे में सत्य है? (1) वह अपने सभी गोल खुद करते थे (2) वह अपने साथी को गोल करने का श्रेय देते थे (3) वह हमेशा अकेले खेलना पसंद करते थे
Answer: B — मेरी तो हमेशा यह कोशिश रहती कि मैं गेंद को गोल के पास ले जाकर अपने किसी साथी को दे दूँ ताकि उसे गोल करने का श्रेय मिल जाए।
Q7. लोगों ने ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' क्यों कहना शुरू किया?
Answer: B — बर्लिन ओलंपिक में लोग मेरे हॉकी खेलने के ढंग से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मुझे हॉकी का जादूगर कहना शुरू कर दिया।
Q8. इस पाठ का शीर्षक 'गोल' है। इस नाम से क्या संकेत मिलता है?
Answer: B — यदि एक खिलाड़ी अपनी आत्मकथा का नाम 'गोल' रखे, तो इससे तुरंत समझ में आ जाता है कि उसे खेल से कितना प्यार रहा होगा।
Q9. पाठ में यह कहा गया है: 'बुरा काम करने वाला आदमी हर समय इस बात से डरता रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।' इसका अर्थ है—
Answer: B — जब हम बुरा काम करते हैं तो हमारे मन में भय रहता है कि दूसरे भी हमारे साथ बुरा व्यवहार करेंगे।
Q10. 16 साल की उम्र में ध्यानचंद किस रेजिमेंट में भर्ती हुए?
Answer: B — 16 साल की उम्र में मैं फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में एक साधारण सिपाही के रूप में भर्ती हो गया।
मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कब और कहाँ से कहा जाने लगा?
1936 के बर्लिन ओलंपिक में उनके असाधारण खेल को देखकर लोगों ने उन्हें हॉकी का जादूगर कहना शुरू कर दिया।
ध्यानचंद की सफलता का असली रहस्य क्या था?
लगन, साधना और खेल भावना ही उनकी सफलता का असली राज थे।
पाठ में पहली घटना में ध्यानचंद को किस खिलाड़ी ने हॉकी स्टिक से मारा और क्यों?
सैंपर्स एंड माइनर्स टीम के एक खिलाड़ी ने गुस्से में आकर हॉकी स्टिक मारी क्योंकि ध्यानचंद गेंद छीन लेते थे।
ध्यानचंद ने अपना बदला कैसे लिया?
वह घबराए हुए खिलाड़ी को देखते हुए छह गोल कर दिए, जिससे उसे अपनी गलती का एहसास हो गया।
बदला लेने के बाद ध्यानचंद ने उस खिलाड़ी से क्या कहा?
उन्होंने कहा कि खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं है और अगर वह हॉकी न मारते तो शायद वह उन्हें दो ही गोल से हराते।
ध्यानचंद ने अपने साथी खिलाड़ियों को गोल करने का श्रेय क्यों दिया?
वह मानते थे कि सभी के साथ मिलकर खेलना चाहिए और सभी को सफलता का अवसर देना चाहिए।
ध्यानचंद किस रेजिमेंट में थे और 16 साल की उम्र में उन्होंने क्या किया?
वह फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में थे और 16 साल की उम्र में वहाँ एक साधारण सिपाही के रूप में भर्ती हो गए।
पाठ से यह बात क्या सिखाती है: 'बुरा काम करने वाला आदमी हर समय डरता रहता है'?
इससे सिखाया जाता है कि जो व्यक्ति बुरा काम करता है वह हमेशा चिंतित रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।
ध्यानचंद का जन्म कहाँ हुआ और वह झाँसी कब चले गए?
ध्यानचंद का जन्म 1905 में प्रयाग में हुआ था और बाद में वह अपने परिवार के साथ झाँसी चले गए।
भारत ध्यानचंद की याद में कौन सा दिन मनाता है?
भारत ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाता है ताकि लाखों लोग उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।
पाठ का नाम 'गोल' है। इस नाम से क्या संकेत मिलता है? [1 mark]
सोचें कि यदि कोई खिलाड़ी अपनी आत्मकथा का नाम गोल रखे तो वह खेल से कितना प्यार करता होगा। यह शीर्षक गहरे अर्थ को दर्शाता है।
ध्यानचंद ने घायल होने के बाद उस खिलाड़ी को क्या संदेश दिया? इसमें क्या खेल भावना दिखती है? [2 marks]
उन्होंने कहा कि खेल में गुस्सा अच्छा नहीं है। उन्होंने छह गोल करके अपना बदला लिया, न कि किसी को मारकर। यह सही तरीका दिखाता है।
ध्यानचंद की सफलता के तीन मुख्य कारण बताइए। अपने स्कूल के किसी खिलाड़ी का उदाहरण देते हुए समझाइए कि ये कारण कैसे उसकी सफलता में मदद करते हैं। [3 marks]
सफलता के तीन कारण हैं: लगन (मेहनत), साधना (नियमित अभ्यास), और खेल भावना (दूसरों को महत्व देना)। अपने स्कूल के किसी खिलाड़ी को इसके साथ जोड़ें।
मेजर ध्यानचंद के जीवन से हमें कौन सी महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं? अपने दैनिक जीवन में इन शिक्षाओं को कैसे लागू कर सकते हैं? विस्तार से समझाइए और कम से कम दो उदाहरण दीजिए। [5 marks]
पाठ से शिक्षाएँ निकालें: (1) खेल भावना महत्वपूर्ण है, (2) दूसरों को महत्व देना चाहिए, (3) बदला लेने का सही तरीका कामयाबी दिखाना है। अपने जीवन में स्कूल, खेल, घर में कैसे लागू करेंगे, यह दिखाएँ।
निम्नलिखित कथनों को पढ़कर बताइए कि कौन से सत्य हैं और कौन से असत्य हैं। प्रत्येक का कारण पाठ से देते हुए लिखिए: (क) ध्यानचंद को शुरुआत में हॉकी खेलने में रुचि नहीं थी। (ख) 'हॉकी का जादूगर' का खिताब 1933 में मिला। [2 marks]
(क) पाठ में है: 'खेल में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं थी। सूबेदार मेजर तिवारी बार-बार मुझे हॉकी खेलने के लिए कहते थे।' (ख) खिताब 1936 के बर्लिन ओलंपिक में मिला, 1933 में नहीं। पाठ को ध्यान से पढ़ें।
Q1. Assertion (A):
ध्यानचंद को बचपन में हॉकी खेलने का बहुत शौक था।
Reason (R):
सूबेदार मेजर तिवारी उन्हें बार-बार हॉकी खेलने के लिए कहते थे।
Answer: B — Both A and R are true, but R is NOT the correct explanation of A — दोनों कथन सत्य हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है। पाठ कहता है कि ध्यानचंद को शुरुआत में खेल में कोई दिलचस्पी नहीं थी। सूबेदार ने उन्हें प्रोत्साहित किया, जिससे बाद में उन्हें रुचि हुई। इसलिए कारण गलत व्याख्या है।
Q2. Assertion (A):
भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'खेल रत्न' ध्यानचंद के नाम पर दिया जाता है।
Reason (R):
ध्यानचंद भारत के सबसे महान खिलाड़ी थे।
Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या भी है। पाठ में कहा गया है कि 'खेल रत्न' पुरस्कार उनके नाम पर दिया जाता है क्योंकि वह बहुत महान खिलाड़ी थे।
Q3. Assertion (A):
ध्यानचंद की सफलता का कारण उनका खेल कौशल और लगन थी।
Reason (R):
उन्होंने कहा कि लगन, साधना और सही खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।
Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सत्य हैं और कारण सही व्याख्या भी है। पाठ में ध्यानचंद स्वयं कहते हैं कि इन तीनों चीजों ने उन्हें सफल बनाया। दोनों कथन एक दूसरे को पूरी तरह समर्थन करते हैं।
Case Study:
रवि अपनी स्कूल की फुटबॉल टीम में खेलता है। एक दिन मैच के दौरान विरोधी टीम के एक खिलाड़ी ने रवि को गलती से धक्का दे दिया। रवि को बहुत गुस्सा आ गया और वह उसे वापस धक्का देने वाला था। लेकिन तभी रवि को पाठ में ध्यानचंद की कहानी याद आई। उसने अपने गुस्से को नियंत्रित किया और खेल पर ध्यान केंद्रित किया। अपनी अच्छी खेल भावना के कारण रवि की टीम जीत गई।
Q1. रवि ने गुस्से को नियंत्रित करके क्या सीखा?
Answer: B
Q2. रवि किस पाठ की किस सीख को अपनी जिंदगी में लागू किया?
Answer: C
Q3. रवि की टीम जीत गई क्योंकि?
Answer: B
You've seen the free preview. Open the full interactive study kit — mind map, instant-graded quiz, progress tracking — free, no sign-in required.
Open Full Study Kit — Free →Premium unlocks the full Question Bank, Daily Practice Papers, Chapter Quiz and Full Mock Papers for every chapter.