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Bachapan

NCERT Class 6 · Hindi Based on NCERT Class 6 Hindi textbook · Free CBSE study kit

Chapter Notes

**गोल पाठ की मुख्य जानकारी**

**ध्यानचंद का जीवन परिचय:**

  • जन्म: 1905 में प्रयाग में
  • सेना का पद: लांस नायक, बाद में मेजर
  • खिताब: हॉकी का जादूगर
  • **महत्वपूर्ण घटनाएँ:**

  • 1933: पंजाब रेजिमेंट vs सैंपर्स एंड माइनर्स में हॉकी स्टिक से मारा जाना
  • 1936: बर्लिन ओलंपिक में कप्तान बनाए गए
  • **सफलता के सूत्र:** लगन, साधना, खेल भावना

    **मुख्य शिक्षा:**

  • बदला लेने का सही तरीका: खेल से उत्कृष्टता दिखाना
  • दूसरों को महत्व देना: साथी को गोल का श्रेय देना
  • बुरा काम करने वाला हमेशा डरता है
  • **शब्द-युगम (शब्द-जोड़े):**

  • धकका-मुक्की (विभिन्न शब्द)
  • जैसे-जैसे... वैसे-वैसे (समान शब्द)
  • **Don't Confuse:** गोल = केवल खेल में रन नहीं, बल्कि यह ध्यानचंद की आत्मकथा का शीर्षक है जो उनकी पूरी सफलता की कहानी बताता है।

    MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. मेजर ध्यानचंद का जन्म किस वर्ष और किस शहर में हुआ था?

    • A. 1905 में प्रयाग में ✓
    • B. 1906 में झाँसी में
    • C. 1933 में दिल्ली में
    • D. 1936 में बर्लिन में

    Answer: A — पाठ में स्पष्ट लिखा है कि मेरा जन्म सन् 1905 में प्रयाग में एक साधारण परिवार में हुआ।

    Q2. पाठ की पहली घटना में कौन सी टीम के खिलाड़ी ने ध्यानचंद को हॉकी स्टिक से मारा?

    • A. पंजाब रेजिमेंट
    • B. सैंपर्स एंड माइनर्स टीम ✓
    • C. फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट
    • D. बर्लिन टीम

    Answer: B — पाठ में कहा गया है: माइनर्स टीम के खिलाड़ी मुझसे गेंद छीनने की कोशिश करते थे और एक ने गुस्से में हॉकी स्टिक मार दी।

    Q3. ध्यानचंद को कब और किस ओलंपिक में कप्तान बनाया गया?

    • A. 1933 में टोकियो ओलंपिक में
    • B. 1936 में बर्लिन ओलंपिक में ✓
    • C. 1940 में लंदन ओलंपिक में
    • D. 1945 में दिल्ली ओलंपिक में

    Answer: B — सन् 1936 में बर्लिन ओलंपिक में मुझे कप्तान बनाया गया और उस समय मैं सेना में लांस नायक था।

    Q4. बदला लेने के बाद ध्यानचंद ने उस खिलाड़ी को क्या संदेश दिया? (रिक्त स्थान भरें) ध्यानचंद ने कहा: 'खेल में इतना _______ अच्छा नहीं है।'

    • A. डर
    • B. गुस्सा ✓
    • C. दर्द
    • D. शक

    Answer: B — पाठ में स्पष्ट है: 'दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं है।'

    Q5. ध्यानचंद कहते हैं कि उनकी सफलता का मुख्य राज क्या था?

    • A. अच्छी हॉकी स्टिक और महँगे जूते
    • B. अंग्रेज़ों का समर्थन और विशेष प्रशिक्षण
    • C. लगन, साधना और खेल भावना ✓
    • D. अकेले में प्रतिदिन 10 घंटे अभ्यास करना

    Answer: C — पाठ में है: हर किसी से यही कहता हूँ कि लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।

    Q6. निम्नलिखित में से कौन सी बात ध्यानचंद के बारे में सत्य है? (1) वह अपने सभी गोल खुद करते थे (2) वह अपने साथी को गोल करने का श्रेय देते थे (3) वह हमेशा अकेले खेलना पसंद करते थे

    • A. केवल (1) सत्य है
    • B. केवल (2) सत्य है ✓
    • C. केवल (3) सत्य है
    • D. (1) और (3) दोनों सत्य हैं

    Answer: B — मेरी तो हमेशा यह कोशिश रहती कि मैं गेंद को गोल के पास ले जाकर अपने किसी साथी को दे दूँ ताकि उसे गोल करने का श्रेय मिल जाए।

    Q7. लोगों ने ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' क्यों कहना शुरू किया?

    • A. क्योंकि वह जादू-टोना करते थे
    • B. क्योंकि उनके खेलने का ढंग बहुत असाधारण और अद्भुत था ✓
    • C. क्योंकि उनकी हॉकी स्टिक में जादू था
    • D. क्योंकि वह सिर्फ एक मैच में हजार गोल कर सकते थे

    Answer: B — बर्लिन ओलंपिक में लोग मेरे हॉकी खेलने के ढंग से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मुझे हॉकी का जादूगर कहना शुरू कर दिया।

    Q8. इस पाठ का शीर्षक 'गोल' है। इस नाम से क्या संकेत मिलता है?

    • A. यह पाठ केवल गेंद के बारे में है
    • B. ध्यानचंद खेल से कितना प्यार करते थे और उनकी सफलता कितनी बड़ी थी ✓
    • C. इसमें गोल करने की तकनीक सिखाई जाती है
    • D. यह पाठ सभी खेलों के बारे में है

    Answer: B — यदि एक खिलाड़ी अपनी आत्मकथा का नाम 'गोल' रखे, तो इससे तुरंत समझ में आ जाता है कि उसे खेल से कितना प्यार रहा होगा।

    Q9. पाठ में यह कहा गया है: 'बुरा काम करने वाला आदमी हर समय इस बात से डरता रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।' इसका अर्थ है—

    • A. बुरे आदमी हमेशा अपने दोस्तों से डरते हैं
    • B. जो व्यक्ति गलत काम करता है वह सदा चिंतित रहता है ✓
    • C. सभी बुरे लोग कमजोर होते हैं
    • D. बुरा काम करना अच्छा काम है

    Answer: B — जब हम बुरा काम करते हैं तो हमारे मन में भय रहता है कि दूसरे भी हमारे साथ बुरा व्यवहार करेंगे।

    Q10. 16 साल की उम्र में ध्यानचंद किस रेजिमेंट में भर्ती हुए?

    • A. पंजाब रेजिमेंट
    • B. फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट ✓
    • C. सैंपर्स एंड माइनर्स
    • D. बर्लिन रेजिमेंट

    Answer: B — 16 साल की उम्र में मैं फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में एक साधारण सिपाही के रूप में भर्ती हो गया।

    Flashcards

    मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कब और कहाँ से कहा जाने लगा?

    1936 के बर्लिन ओलंपिक में उनके असाधारण खेल को देखकर लोगों ने उन्हें हॉकी का जादूगर कहना शुरू कर दिया।

    ध्यानचंद की सफलता का असली रहस्य क्या था?

    लगन, साधना और खेल भावना ही उनकी सफलता का असली राज थे।

    पाठ में पहली घटना में ध्यानचंद को किस खिलाड़ी ने हॉकी स्टिक से मारा और क्यों?

    सैंपर्स एंड माइनर्स टीम के एक खिलाड़ी ने गुस्से में आकर हॉकी स्टिक मारी क्योंकि ध्यानचंद गेंद छीन लेते थे।

    ध्यानचंद ने अपना बदला कैसे लिया?

    वह घबराए हुए खिलाड़ी को देखते हुए छह गोल कर दिए, जिससे उसे अपनी गलती का एहसास हो गया।

    बदला लेने के बाद ध्यानचंद ने उस खिलाड़ी से क्या कहा?

    उन्होंने कहा कि खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं है और अगर वह हॉकी न मारते तो शायद वह उन्हें दो ही गोल से हराते।

    ध्यानचंद ने अपने साथी खिलाड़ियों को गोल करने का श्रेय क्यों दिया?

    वह मानते थे कि सभी के साथ मिलकर खेलना चाहिए और सभी को सफलता का अवसर देना चाहिए।

    ध्यानचंद किस रेजिमेंट में थे और 16 साल की उम्र में उन्होंने क्या किया?

    वह फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में थे और 16 साल की उम्र में वहाँ एक साधारण सिपाही के रूप में भर्ती हो गए।

    पाठ से यह बात क्या सिखाती है: 'बुरा काम करने वाला आदमी हर समय डरता रहता है'?

    इससे सिखाया जाता है कि जो व्यक्ति बुरा काम करता है वह हमेशा चिंतित रहता है कि उसके साथ भी बुराई की जाएगी।

    ध्यानचंद का जन्म कहाँ हुआ और वह झाँसी कब चले गए?

    ध्यानचंद का जन्म 1905 में प्रयाग में हुआ था और बाद में वह अपने परिवार के साथ झाँसी चले गए।

    भारत ध्यानचंद की याद में कौन सा दिन मनाता है?

    भारत ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाता है ताकि लाखों लोग उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।

    Important Board Questions

    पाठ का नाम 'गोल' है। इस नाम से क्या संकेत मिलता है? [1 mark]

    सोचें कि यदि कोई खिलाड़ी अपनी आत्मकथा का नाम गोल रखे तो वह खेल से कितना प्यार करता होगा। यह शीर्षक गहरे अर्थ को दर्शाता है।

    ध्यानचंद ने घायल होने के बाद उस खिलाड़ी को क्या संदेश दिया? इसमें क्या खेल भावना दिखती है? [2 marks]

    उन्होंने कहा कि खेल में गुस्सा अच्छा नहीं है। उन्होंने छह गोल करके अपना बदला लिया, न कि किसी को मारकर। यह सही तरीका दिखाता है।

    ध्यानचंद की सफलता के तीन मुख्य कारण बताइए। अपने स्कूल के किसी खिलाड़ी का उदाहरण देते हुए समझाइए कि ये कारण कैसे उसकी सफलता में मदद करते हैं। [3 marks]

    सफलता के तीन कारण हैं: लगन (मेहनत), साधना (नियमित अभ्यास), और खेल भावना (दूसरों को महत्व देना)। अपने स्कूल के किसी खिलाड़ी को इसके साथ जोड़ें।

    मेजर ध्यानचंद के जीवन से हमें कौन सी महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं? अपने दैनिक जीवन में इन शिक्षाओं को कैसे लागू कर सकते हैं? विस्तार से समझाइए और कम से कम दो उदाहरण दीजिए। [5 marks]

    पाठ से शिक्षाएँ निकालें: (1) खेल भावना महत्वपूर्ण है, (2) दूसरों को महत्व देना चाहिए, (3) बदला लेने का सही तरीका कामयाबी दिखाना है। अपने जीवन में स्कूल, खेल, घर में कैसे लागू करेंगे, यह दिखाएँ।

    निम्नलिखित कथनों को पढ़कर बताइए कि कौन से सत्य हैं और कौन से असत्य हैं। प्रत्येक का कारण पाठ से देते हुए लिखिए: (क) ध्यानचंद को शुरुआत में हॉकी खेलने में रुचि नहीं थी। (ख) 'हॉकी का जादूगर' का खिताब 1933 में मिला। [2 marks]

    (क) पाठ में है: 'खेल में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं थी। सूबेदार मेजर तिवारी बार-बार मुझे हॉकी खेलने के लिए कहते थे।' (ख) खिताब 1936 के बर्लिन ओलंपिक में मिला, 1933 में नहीं। पाठ को ध्यान से पढ़ें।

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