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Sapnon ke se Din

NCERT Class 10 · Hindi B Based on NCERT Class 10 Hindi B textbook · Free CBSE study kit

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Chapter Notes

**'लिशन के-सी दिन' पाठ - संपूर्ण अध्ययन सामग्री**

**पाठ का परिचय एवं लेखक**

• यह पाठ हिंदी साहित्य की एक महत्वपूर्ण रचना है जो बचपन की यादों को दर्शाती है

• लेखक ने अपने बचपन के खेल-कूद, स्कूल के दिनों और सामाजिक परिस्थितियों का चित्रण किया है

• पाठ बचपन की निर्मलता, भोलेपन और यादों की गहराई को व्यक्त करता है

**पाठ के मुख्य विषय और विचार**

**बचपन में खेल-कूद का महत्व**

• बच्चों को खेलना इतना पसंद होता था कि पिटाई के बाद भी अगले दिन खेल-कूद के लिए चले जाते थे

• यह व्यवहार बाल मनोविज्ञान से जुड़ा था → बच्चों को खेल से शारीरिक व मानसिक विकास मिलता है

• खेल के दौरान घाव, खरोंचें और कपड़ों का फटना सामान्य बात थी

• हाथ-पैर में खून आना, जमीन पर गिरना - ये सब आम दृश्य थे

• माता-पिता की पिटाई के बाद भी बच्चे खेलने के लिए उत्सुक रहते थे

**सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियाँ**

• लेखक का मोहल्ला गरीब इलाके में था जहाँ अधिकतर परिवार गाँवों से आकर बसे थे

• राजस्थान और हरियाणा से आए हुए व्यापारी परिवार भी इसी इलाके में रहते थे

• शिक्षा को लेकर परिवारों की उदासीनता थी → अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं जाते थे

• जो बच्चे स्कूल जाते भी थे तो पढ़ाई में असफल होकर छोड़ देते थे

• पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को काम पर लगाया जाता था

• व्यापार या दुकानदारी के लिए शिक्षा आवश्यक नहीं मानी जाती थी

• बच्चों को हिसाब-किताब लिखने के लिए ही प्रशिक्षण दिया जाता था

**भाषा और संस्कृति**

• अलग-अलग क्षेत्रों से आए बच्चों की भाषा में अंतर था

• स्थानीय बोली के कुछ शब्द सुनकर हँसी आती थी लेकिन खेल में सब एक-दूसरे को समझ जाते थे

• भाषा के अंतर के बाद भी बच्चों के बीच का भावनात्मक जुड़ाव मजबूत था

• 'ए खेडण दे दिन चार' जैसी स्थानीय कहावतें बचपन की यादों से जुड़ी हैं

**प्रकृति से जुड़ी यादें**

• बचपन में हरी घास और फूलों की सुगंध ज्यादा मनमोहक लगती थी

• लेखक को यह बात एक पुस्तक में पढ़ी थी लेकिन यह स्कूल के रास्ते में देखे हुए दृश्यों से जुड़ी थी

• स्कूल की ओर जाने वाले रास्ते के दोनों ओर बड़ी दंडिये (झाड़ियाँ) कटी-छँटी होती थीं

• इन झाड़ियों के नीम के पत्तों की सुगंध आज भी याद है

• स्कूल की बगिया में गुलाब, गेंदा और सफेद कलियाँ उगाई जाती थीं

• ये फूल बहुत सुंदर और खुशबूदार होते थे

• लेखक और साथियों को कभी-कभी चपरासी को देखकर फूल तोड़ना पड़ता था

• फूलों की सुगंध आज भी यादों में महसूस होती है

**स्कूल की शिक्षा व्यवस्था**

• अगली कक्षा में दाखिल होते समय बड़े और समझदारी वाले होने का एहसास होता था

• साथ ही नई कक्षा के बड़े शिक्षकों का डर लगता था जो पिछली कक्षा में पढ़ाते थे

• साल की शुरुआत में एक-डेढ़ महीना नियमित पढ़ाई होती थी

• फिर डेढ़-दो महीने बाद छुट्टियाँ शुरू हो जाती थीं

• छुट्टियों से पहले और बाद में की पढ़ाई-लिखाई सबसे अच्छी होती थी

• छुट्टियों के दोनों ओर खेल-कूद का समय होता था

**छुट्टियों का समय और नानी के घर की यादें**

• हर साल माता-पिता के साथ नानी के गाँव (निहाल) जाना होता था

• नानी दूध-दही और मक्खन खिलाती थीं → बहुत प्रेम और स्नेह से भरा समय

• गाँव छोटा था लेकिन तालाब मंडी के तालाब जितना ही बड़ा था

• दोपहर तक तालाब में नहाना-धोना होता था

• नानी से जो भी खाने को माँगते, वह खुशी से देती थीं

• नानी लेखक के बोलने और खाने के ढंग को पसंद करती थीं

• जिस साल नानी के घर नहीं जा सकते थे उस साल भी घर से बाहर तालाब पर चले जाते थे

**तालाब में खेल और तैराकी**

• कपड़े उतारकर पानी में कूद जाते थे

• कुछ समय बाद भागते हुए रेतीले टीले पर जाकर लेट जाते थे

• गीले शरीर को गर्म रेत से लथपथ करना (गरम रेत में लोटना) होता था

• फिर भागते हुए किसी ऊँची जगह से तालाब में छलाँग लगाते थे

• रेत को गंदले पानी से साफ करके फिर टीले की ओर भाग जाते थे

• यह क्रिया पाँच-दस या पंद्रह-बीस बार करते थे

• कई बार तालाब में कूदकर हाथ-पैर हिलाते (तैराकी की गति) थे

• लेकिन लेखक के साथियों में से एक-दो को छोड़कर किसी को तैराकी आती नहीं थी

• कुछ तो हाथ-पैर हिलाते हुए गहरे पानी में चले जाते तो दूसरों को भैंस के सींग या ढोंडस पकड़कर बाहर आने की सलाह दी जाती थी

• कूदते समय मुँह में गंदला पानी भर जाता तो बुरी तरह खाँसी आती थी

• कई बार ऐसा लगता था कि साँस रुक गई है लेकिन ज़रा-सी हाय-हाय करके किसी न किसी तरह तालाब के किनारे पहुँच जाते थे

**छुट्टियों के अंतिम दिनों का डर**

• जैसे-जैसे छुट्टियाँ बीतने लगती थीं दिन गिनने लगते थे

• हर दिन डर बढ़ता रहता था

• खेल-कूद और तालाब में नहाना भूल जाते थे

• शिक्षकों द्वारा छुट्टियों में दिया गया काम पूरा करने का हिसाब लगाने लगते थे

• मसलन, अगर हिसाब के शिक्षक दो सौ से कम सवाल कभी नहीं बताते तो सोचते कि अगर दस सवाल रोज़ करूँ तो बीस दिन में पूरे हो जाएँगे

• जब ऐसा सोचना शुरू करते तो छुट्टियों का एक महीना बाकी रह जाता था

• एक-एक दिन गिनते हुए दस दिन खेल-कूद में चले जाते थे

• स्कूल की पिटाई का डर बढ़ने लगता था

• डर भुलाने के लिए सोचते कि दस की क्या बात, सवाल तो पंद्रह भी आसानी से रोज़ कर सकते हैं

• जब ऐसा फिर से फिर सोचना शुरू करते तो छुट्टियाँ कम होती-होती तैरने लगती थीं

• दिन बहुत छोटे लगने लगते थे

• ऐसा महसूस होता था जैसे सूरज भागकर दोपहर में ही छिप जाता था

• जैसे-जैसे दिन 'छोटे' होने लगते थे स्कूल का भय बढ़ने लगता था

**साथियों और उनकी मानसिकता**

• लेखक के कुछ साथी ऐसे भी थे जो छुट्टियों का काम करने की बजाय शिक्षकों की पिटाई को 'सस्ता सौदा' समझते थे

• जो लेखक पिटाई से बहुत डरते थे, वे 'बहादुरों' की तरह सोचने लगते थे

• इस उधेड़-बुन वाले समय में लेखक का सबसे बड़ा 'नेता' ओमा हुआ करता था

**ओमा - व्यक्तित्व और विशेषताएँ**

• सब लोग सोचते थे कि लेखक के समूह में ओमा जैसा कौन था

• कभी भी उसके जैसा दूसरा लड़का नहीं मिल सकता था

• उसकी बातें, गालियाँ, मार-पिटाई का ढंग - सब अलग था

• उसकी शक्ल-सूरत भी सब से अलग थी

• हाथी जितना बड़ा सिर, उसके ऊपर चार बालिश्त (हाथ की चौड़ाई) के शरीर पर ऐसा लगता था जैसे बिल्ली के बच्चे के माथे पर तरबूज़ रखा हो

• इतने बड़े सिर में नारियल जैसी आँखों वाले बंदर के बच्चे जैसा चेहरा और भी अजीब लगता था

• वह लड़ाई हाथ-पैर से नहीं, सिर से करता था

• जब बैल की तरह पुंकारता (सींग मारता) और सिर झुकाकर किसी के पेट या छाती में मार देता तो उससे दुगुने-तिगुने शरीर वाले लड़के भी दर्द से चिल्लाने लगते थे

• सब को डर लगता था कि उसके सिर की टक्कर से किसी की छाती की पसलियाँ न टूट जाएँ

• लेखक और साथियों ने उसके सिर की टक्कर का नाम 'रेल-बम्बा' रखा था → रेलवे के इंजन की तरह बड़ा और भयंकर

**स्कूल की संरचना और व्यवस्था**

• लेखक का स्कूल बहुत छोटा था → केवल छोटे-छोटे नौ कमरे थे

• ये कमरे अंग्रेजी के अक्षर 'H' (एच) की तरह बने थे

• दाहिनी ओर पहला कमरा हेडमास्टर श्री मदनमोहन शर्मा का था

• उनके दरवाज़े के आगे हमेशा एक चिक (बाँस की बनी स्क्रीन) लटकी रहती थी

**हेडमास्टर का व्यक्तित्व और प्रभाव**

• स्कूल की प्रार्थना के समय वह बाहर आते थे

• लड़कों को सीधी कतारों में ऊँचाई के अनुसार खड़े देखकर उनका गोरा चेहरा खिल उठता था

• सभी अध्यापक भी लड़कों की तरह ही कतार बाँधकर उनके पीछे खड़े होते थे

• केवल मास्टर प्रीतम पंच (पीठी) लड़कों की कतारों के पीछे खड़े-खड़े यह देखते थे कि कौन सा लड़का कतार में ठीक से नहीं खड़ा है

• उनकी घुड़की और ठुकाई के भय से सभी बच्चे कतार के पहले और आखिरी लड़के का ध्यान रखते थे

• सीधी कतार में खड़े होने के साथ-साथ आगे-पीछे खड़े लड़कों के बीच की दूरी भी एक समान रखनी होती थी

• सभी लड़के इस 'पीठी' से बहुत डरते थे

**पाठ से मिले महत्वपूर्ण संदेश**

• बचपन की सरल और भोली यादें जीवन भर के लिए अमिट छाप छोड़ जाती हैं

• गरीबी और सामाजिक परिस्थितियों के बाद भी बच्चों में खेल-कूद की प्रवृत्ति स्वाभाविक होती है

• प्रकृति से जुड़ी छोटी-छोटी बातें (फूलों की खुशबू, हरी घास) मन में हमेशा के लिए बसी रहती हैं

• स्कूल का डर और उसके बाद की राहत - दोनों बचपन का हिस्सा हैं

• विविध सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के बच्चों का दोस्ताना रिश्ता और सहमेल दिखाता है

• कठोर शिक्षा व्यवस्था के बाद भी बच्चों का साहस और आशावाद कभी नहीं मरता

• छोटे-से गाँव या मोहल्ले में भी बचपन पूरी तरह सार्थक और पूर्ण होता है

• परिवार (माता-पिता, नानी) का प्रेम और स्नेह बचपन के दिनों को अविस्मरणीय बना देता है

MCQs — 10 Questions with Answers

Q1. लेखक के साथ खेलने वाले अधिकांश बच्चों के माता-पिता किन स्थानों से आकर बस गए थे?

  • A. राजस्थान और हरियाणा से ✓
  • B. बिहार और उत्तर प्रदेश से
  • C. पंजाब और हिमाचल प्रदेश से
  • D. मध्य प्रदेश और गुजरात से

Answer: A — पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि आधे से अधिक साथी राजस्थान या हरियाणा से आकर मंडी में व्यापार करने वाले परिवारों से थे।

Q2. बचपन में लेखक को कौन सी बात सबसे ज्यादा याद रही और क्यों?

  • A. खेल-कूद करना क्योंकि वह मजेदार था
  • B. घास की हरियाली और फूलों की सुगंध क्योंकि वह बचपन की भावनाओं के अनुरूप थी ✓
  • C. स्कूल के मास्टर क्योंकि वह बहुत कठोर थे
  • D. गर्मी की छुट्टियाँ क्योंकि उस समय खेलने को छूट मिलती थी

Answer: B — लेखक कहते हैं कि यह वाक्य बचपन की भावनाओं और सोच-समझ के अनुरूप होने के कारण ही याद रहा।

Q3. लेखक के अनुसार बचपन में बुरी पिटाई के बाद भी बच्चे फिर से खेलने जाते थे - इसका कारण क्या है?

  • A. बच्चों को दर्द की चिंता नहीं होती
  • B. बच्चों को घर की बंदिशें पसंद नहीं होती
  • C. बाल-मनोविज्ञान के अनुसार खेल प्राकृतिक प्रवृत्ति है ✓
  • D. मास्टर की पिटाई का असर जल्दी खत्म हो जाता है

Answer: C — लेखक ने ट्रेनिंग के समय बाल-मनोविज्ञान पढ़कर समझा कि खेल बचपन की स्वाभाविक प्रवृत्ति है।

Q4. लेखक का स्कूल कैसा था?

  • A. बहुत बड़ा और आधुनिक
  • B. बहुत छोटा, केवल नौ कमरे जो H के आकार में बने थे ✓
  • C. मध्यम आकार का लेकिन अच्छी सुविधाओं वाला
  • D. बस एक मकान जिसमें सभी को एक कमरे में बैठना पड़ता था

Answer: B — पाठ में स्पष्ट है कि स्कूल बहुत छोटा था और केवल नौ कमरे थे जो अंग्रेजी अक्षर 'H' की भाँति बने थे।

Q5. गर्मी की छुट्टियों में लेखक को किसके साथ जाना होता था?

  • A. अपने पिता के साथ गाँव में
  • B. अपनी दादी के साथ
  • C. अपनी माता के साथ नानिहाल (छोटे से गाँव) में ✓
  • D. अपने भाइयों के साथ स्कूल के खेल में

Answer: C — पाठ में कहा गया है कि हर साल माता के साथ नानिहाल जाते थे जहाँ नानी दूध-दही खिलाती थीं।

Q6. उम्मा को समूह में नेता क्यों माना जाता था?

  • A. वह सबसे अधिक पढ़ाई करता था
  • B. उसके पिता उच्च पद पर थे
  • C. उसकी अद्वितीय शारीरिक शक्ति, साहस और मारपीट का विशेष ढंग था ✓
  • D. वह सबसे अधिक धनी परिवार से था

Answer: C — लेखक कहते हैं कि उम्मा की बातें, गालियाँ, मारपीट का ढंग, शक्ल-सूरत सब कुछ ही अलग थे।

Q7. तालाब में लेखक और उसके साथियों का अनुभव कैसा था?

  • A. सभी अच्छे तैराक थे
  • B. केवल एक-दो को छोड़कर किसी को तैरना नहीं आता था ✓
  • C. सभी को तैरना आता था लेकिन डर लगता था
  • D. किसी को भी तालाब में जाने की अनुमति नहीं थी

Answer: B — पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि एक-दो को छोड़कर किसी लड़के को तैरना नहीं आता था।

Q8. स्कूल की प्रार्थना के समय मास्टर प्रीतम पंडित 'पीठी' द्वारा क्या कार्य करते थे?

  • A. प्रार्थना कराते थे
  • B. यह देखते थे कि कोई लड़का कतार में ठीक से खड़ा न हो ✓
  • C. सभी को पढ़ाते थे
  • D. लड़कों का मनोरंजन करते थे

Answer: B — पाठ में कहा गया है कि पीठी द्वारा मास्टर प्रीतम पंडित देखते थे कि कोई लड़का कतार में ठीक न खड़ा हो।

Q9. गरीब परिवारों के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के लिए नहीं भेजते थे - इसका मुख्य कारण क्या था?

  • A. स्कूल में शिक्षा प्रणाली बुरी थी
  • B. वे चाहते थे कि बच्चे काम सीखें और दुकान में कमाई करें ✓
  • C. बच्चों को पढ़ाई में रुचि न होने के कारण माता-पिता जबरदस्ती नहीं करते थे
  • D. स्कूल की फीस बहुत अधिक थी

Answer: B — पाठ में कहा गया है कि माता-पिता पंडित घनश्याम दास से लेंडे पढ़वाना पसंद करते थे ताकि बच्चे दुकान पर बही लिखना सीखें।

Q10. लेखक को जो विशेषताएँ बचपन में भारी प्रभाव डालती थीं, वह किन शब्दों में दिखाई देती हैं?

  • A. केवल खेल-कूद की यादें
  • B. घास की हरियाली, फूलों की सुगंध, मिट्टी की सड़ांध आदि संवेदनशील अवलोकन ✓
  • C. केवल स्कूल के अनुभव
  • D. केवल दोस्तों की यादें

Answer: B — पाठ पूरे समय दिखाता है कि लेखक ने प्रकृति और परिवेश की बारीकियों को गहराई से महसूस किया था।

Flashcards

लेखक के साथ खेलने वाले बच्चों की आर्थिक पृष्ठभूमि कैसी थी?

वे गरीब परिवारों से थे जो गाँवों से आकर बस्ती में व्यापार या नौकरी करते थे।

बचपन में लेखक को कौन सी बात सबसे ज्यादा याद रही है?

घास की हरियाली और फूलों की मधुर सुगंध जो बचपन की भावनाओं के अनुरूप थी।

छुट्टियों के दिनों में लेखक के मन में कैसी भावना आती थी?

दिन बहुत छोटे लगते थे, जिससे स्कूल लौटने का भय बढ़ता जाता था।

लेखक के अनुसार बचपन में बुरी पिटाई होने के बाद भी बच्चे फिर से खेलने क्यों जाते थे?

बाल-मनोविज्ञान के अनुसार खेल बचपन की प्रवृत्ति है जिसे कोई दंड दबा नहीं सकता।

उम्मा को समूह में नेता माना जाता था - इसके क्या कारण थे?

उसकी शारीरिक शक्ति, साहस, मारपीट का अलग ढंग और अद्वितीय व्यक्तित्व थे।

लेखक के स्कूल में शिक्षकों की संख्या और स्कूल की संरचना कैसी थी?

स्कूल बहुत छोटा था, केवल नौ कमरे थे जो अंग्रेजी अक्षर 'H' की आकृति में बने थे।

तालाब में नहाते समय बच्चों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था?

अधिकांश बच्चों को तैरना नहीं आता था और गहरे पानी में जाने पर भैंस के सींग या दूसरों की मदद लेनी पड़ती थी।

दादी-नानी के साथ गर्मी की छुट्टियों का अनुभव कैसा था?

नानी दूध-दही खिलाती थीं, तालाब में नहाते-खेलते थे और बहुत प्यार पाते थे।

स्कूल में प्रार्थना के समय मास्टर प्रीतम पंडित को क्या विशेष जिम्मेदारी थी?

वह देखते थे कि कोई लड़का कतार में ठीक से खड़ा न हो या हरकत न करे।

लेखक के पड़ोसी परिवार कहाँ से आकर बस्ती में बसे थे?

राजस्थान और हरियाणा से आकर मंडी में व्यापार या दुकानदारी करने के लिए बसे थे।

Important Board Questions

लेखक के अनुसार छुट्टियों के दिनों में बच्चों को कैसा अनुभव होता था? इसका क्या कारण था? [2 marks]

छुट्टियाँ बीतते जाना - दिन का बहुत छोटा लगना - स्कूल लौटने का भय बढ़ना - मास्टर की पिटाई का डर।

लेखक के बचपन के परिवेश में गरीब परिवारों के माता-पिता शिक्षा को महत्व न देकर अपने बच्चों को क्या सिखाना चाहते थे? इसके क्या सामाजिक कारण थे? [3 marks]

दुकानदारी और व्यापार के कार्य - आर्थिक आवश्यकता - पंडित घनश्याम दास से लेंडे पढ़ाना - सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियाँ।

पाठ में लेखक ने बचपन की संवेदनशीलता को किस तरह दर्शाया है? 'घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है' - इस कथन को पाठ में आए उदाहरणों के माध्यम से समझाइए। [5 marks]

बचपन की भावनाएँ - अवलोकन क्षमता - घास, फूल, मिट्टी, पानी की गंध को गहराई से महसूस करना - वर्तमान तक यादें बनी रहना - प्रकृति से जुड़ाव - बचपन के अनुभवों का स्थायी प्रभाव।

Assertion-Reason Questions for Sapnon ke se Din

Q1. Assertion (A):

लेखक के बचपन में स्कूल जाना कष्टदायक अनुभव था।

Reason (R):

बचपन में बार-बार पिटाई होती थी, डर का वातावरण था और आत्मविश्वास नहीं था।

Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सही हैं और कारण भी कथन को सही तरीके से समझाता है। पाठ में स्पष्ट वर्णन है कि शिक्षकों की पिटाई, डर और भय का माहौल था जिससे स्कूल जाना कष्टदायक लगता था।

Q2. Assertion (A):

छुट्टियों के दिनों में लेखक और उनके साथी तालाब में नहाते और खेलते थे।

Reason (R):

गाँव में पढ़ाई की कोई पाबंदी नहीं थी और वहाँ की जीवनशैली पूरी तरह आजाद थी।

Answer: B — Both A and R are true, but R is NOT the correct explanation of A — कथन सही है परंतु कारण गलत है। लेखक तालाब में नहाते थे और खेलते थे, लेकिन केवल इसलिए कि गाँव की जीवनशैली पढ़ाई की बेड़ियों से मुक्त थी, बल्कि क्योंकि नानी की देखभाल और प्रेम के कारण बचपन का आनंद था।

Q3. Assertion (A):

मास्टर प्रीतम पाण्डे भा को पीठी कहा जाता था।

Reason (R):

वह स्कूल में लड़कों को पीटते थे इसलिए उन्हें यह नाम दिया गया था।

Answer: C — A is true but R is false — कथन सही है परंतु कारण सही नहीं है। पाठ में उन्हें पीठी नाम देने का कारण सीधा नहीं दिया गया है। हो सकता है नाम उनके किसी अन्य कारण से दिया गया हो। केवल यह कहा गया है कि वह लड़कों की कतार में असियात जाँचते थे।

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Case-Based Questions (CBQ) for Sapnon ke se Din

Case Study:

बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती है। यह शब्द आधी सदी पहले किसी पुस्तक में पढ़ा था, पर आज तक याद है। याद रहने का कारण यही है कि यह वाक्य बचपन की भावनाओं, सोच-समझ के अनुरूप होगा। स्कूल के अंदर जाने से रास्ते के दोनों ओर जो अलिविार के बड़े ढंग से कटे-छँटे झाड़ियाँ (डण्डियाँ) उगी थीं, उनके नीम के पत्तों जैसे पत्तों की खुशबू आज तक आँख मूँदकर महसूल कर सकता हूँ।

Q1. लेखक को बचपन में घास और फूलों की सुगंध अधिक अच्छी क्यों लगती थी?

  • A. क्योंकि वे अन्य समय से अधिक खिलते थे
  • B. क्योंकि यह वाक्य बचपन की भावनाओं और सोच के अनुरूप था ✓
  • C. क्योंकि स्कूल के पास अधिक फूल लगाए जाते थे
  • D. क्योंकि उस समय हवा अधिक स्वच्छ थी

Answer: B

Q2. पाठ में डण्डियों (झाड़ियों) का उल्लेख किस उद्देश्य से किया गया है?

  • A. यह दिखाने के लिए कि स्कूल के पास पेड़ों की कटाई की जाती थी
  • B. बचपन की सुंदर स्मृतियों को दर्शाने के लिए और प्रकृति से जुड़ाव को बताने के लिए ✓
  • C. यह बताने के लिए कि कैसे बाग-बगीचों की देखभाल की जाती थी
  • D. सजावट के बारे में जानकारी देने के लिए

Answer: B

Q3. लेखक कहते हैं कि वह आज भी आँख मूँदकर झाड़ियों की खुशबू महसूल कर सकते हैं। इससे क्या प्रकट होता है?

  • A. लेखक को आजकल वैसी खुशबू नहीं मिलती
  • B. बचपन की यादें इतनी गहरी और जीवंत हैं कि वह वर्तमान में भी उन्हें महसूल कर सकते हैं ✓
  • C. लेखक को अपनी गंध शक्ति पर बहुत विश्वास है
  • D. स्कूल के पास अभी भी वही झाड़ियाँ हैं

Answer: B

Previous Year Questions (PYQ) for Sapnon ke se Din

Real CBSE board exam questions from past papers — free to attempt.

CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

What does the title 'Sapnon ke se Din' mean?

  • Days of dreams
  • Nightmares
  • Beautiful day
  • Childhood memories

CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

The story explores the theme of:

  • Ambition and success
  • Dreams and reality
  • Love and betrayal
  • Wealth and poverty

CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

What is the tone of the narrative?

  • Bitter and cynical
  • Nostalgic and reflective
  • Happy and uplifting
  • Tragic and dark

CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 2 marks

How does the author connect dreams to reality in the story?

CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 2 marks

What is the message of the story?

CBSE 2026 · Set 31/4/2 · 3 marks

How does the story 'Sapnon ke se Din' reflect on childhood memories?

CBSE 2026 · Set 31/4/3 · 4 marks

Discuss the theme of dreams and reality in 'Sapnon ke se Din'

CBSE 2026 · Set 31/5/2 · 2 marks

How does 'Sapnon ke se Din' reflect the aspirations of the protagonist with reference to 'Teesri Kasam'?

CBSE 2026 · Set 31/5/3 · 5 marks

What is the role of dreams in 'Sapnon ke se Din'?

CBSE 2026 · Set 31/5/3 · 5 marks

How does the narrative reflect the protagonist's growth?

CBSE 2025 · Set 31/1/1 · 5 marks

[Question 16 - details not clearly visible]

CBSE 2025 · Set 31/1/2 · 5 marks

[Short answer question on Sanchayan text]

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