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Maithilisharan Gupt — Manushyata

NCERT Class 10 · Hindi B Based on NCERT Class 10 Hindi B textbook · Free CBSE study kit

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Chapter Notes

**मैथिलीशरण गुप्त का परिचय**

• जन्म: 1886, चिरगांव में

• मृत्यु: 1964

• पिता: सेठ रामचरण दास (कवि)

• भाई: सियारामशरण गुप्त (प्रसिद्ध कवि)

• शिक्षा: घर पर ही संस्कृत, बंगला, मराठी और अंग्रेजी की शिक्षा

• विशेषता: राष्ट्रकवि के रूप में विख्यात

• काव्य भाषा: शुद्ध खड़ी बोली (संस्कृत का प्रभाव)

• मुख्य कृतियां: साकेत, यशोधरा, जयद्रथवध

• विषय: भारतीय इतिहास और संस्कृति का चित्रण

**कविता का प्रस्तावना (पाठ परिचय)**

• मनुष्य अन्य प्राणियों से भिन्न है → चेतना-शक्ति से संपन्न

• पशु अपने हिस्से का ही चर लेते हैं → मनुष्य दूसरों के लिए भी कार्य करता है

• सामूहिक सहयोग से उत्पादन → समाज का आधार

• कवि का मूल प्रश्न: किस मनुष्य को वास्तविक मनुष्य माना जाए?

• वास्तविक मनुष्य = जो दूसरों के लिए जिए और मरे

• महत्ता का मापदंड: आत्मत्याग और परोपकार

**'मनुष्यता' कविता का केंद्रीय संदेश**

**कविता की मूल थीम:**

  • सुमृत्यु (सुंदर मृत्यु) की परिभाषा: ऐसी मृत्यु जहां सभी को स्मरण रहे
  • वास्तविक अमरता: कीर्ति और यादों में जीवित रहना
  • पशु-प्रवृत्ति vs मनुष्य-प्रवृत्ति
  • • पशु-प्रवृत्ति: केवल अपने लिए चरना-जीना

    • मनुष्य-प्रवृत्ति: दूसरों के कल्याण के लिए जीना-मरना

    **प्रमुख दार्शनिक विचार:**

    1. **मृत्यु का भय नहीं** → यदि उद्देश्य महान हो

    • अनित्य शरीर के लिए भय व्यर्थ है

    • सार्थक जीवन → सार्थक मृत्यु

    2. **उदारता की महत्ता** → समाज का आधार

    • महावैभव = वृहत्त की सेवा

    • वशीकृता = स्वयं से निर्मित सद्गुण

    • सरस्वती महान आदमियों का गान करती है

    • धरती कृतज्ञता से भाव मानती है

    3. **ऐतिहासिक उदाहरण:**

    • रंतिदेव: भूखे को भोजन (करस्य थाली दी)

    • दधीचि: हड्डियां दान (परार्थ अस्थिजाल)

    • उशीनर: अपना मांस दान (स्वमांस दान)

    • कर्ण: शरीर-चर्म दान (सहर्ष वीर द्वारा)

  • ये सभी युग-युग तक स्मरणीय रहते हैं
  • 4. **बौद्ध दर्शन का प्रभाव**

    • बुद्ध की करुणा → सभी को समान देखना

    • दया-प्रवाह → विरोधवाद भी समझता है

    • विनीत लोकवर्ग → सदा झुका रहता है

    **गुणों की व्याख्या:**

    **सहानुभूति** → सर्वोच्च गुण

    • महावैभव = दूसरों की पीड़ा समझना

    • वशीकृता = स्वेच्छा से सद्गुण

    **अनासक्ति** → धन में मोह नहीं

    • मदांध न हों → गर्व न करें

    • आशा न रखें → भविष्य की चिंता न करें

    • अनाथ कौन? → ईश्वर सदा साथ है

    • त्रिलोकनाथ = संसार के पति

    • दीनबंधु = गरीबों के मित्र (ईश्वर)

    **परिवर्तन-रहित मन** → कठिनाइयों का सामना

    • अभीष्ट मार्ग में खेलते हुए चलो

    • विपत्ति और विघ्न को ढकेल दो

    • घटे न हेलमेल → निरंतरता बनी रहे

    • बढ़े न भिन्नता → एकता बनी रहे

    **परस्पर सहयोग** → सामाजिक जीवन का आधार

    • एक-दूसरे का सहारा लेकर उठो

    • सभी अमरत्व की ओर बढ़ें

    • "मनुष्य मात्र बंधु है" → सर्वोच्च विवेक

    • पुरुषपुष्कल/स्वयंभू पिता = परमात्मा एक है

    **आंतरिक एकता** → बाहरी भेद से परे

    • कर्मफल से बाह्य भेद हो सकते हैं

    • आंतरिक में प्रमाणभूत वेद की एकता है

    • बंधु-बंधु की व्यथा हरना ही सार्थक जीवन है

    **प्रमुख काव्य तकनीकें:**

    **दोहा छंद का प्रयोग:**

    • तुकांत: पंक्तियों का क्रमबद्ध गायन

    • लय-गति: जनता तक संदेश पहुंचाना

    • संगीतात्मकता: काव्य को सरल और प्रभावी बनाना

    **भाषागत विशेषताएं:**

    • संस्कृत के तत्सम शब्द: अनित्य, आत्मभाव, परिस्पर्शन

    • सरल लोकभाषा: समझने में आसान

    • प्रतीकों का प्रयोग: बंधु, पशु, देव

    **काव्य के प्रभावी पंक्तियां:**

    1. "वही पशु-प्रवृत्ति है कि आप आप ही चरें / वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरें"

  • समस्त काव्य का मूल सूत्र
  • 2. "सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही / वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही"

  • करुणा ही सर्वोचित गुण
  • 3. "चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए"

  • कठिनाइयों का आनंद से सामना
  • **संदेश और प्रासंगिकता:**

    • वर्तमान समाज के लिए संदेश:

  • भौतिकवाद से परे विचार करो
  • सामाजिक उत्तरदायित्व समझो
  • परस्पर सहयोग पर विश्वास करो
  • • व्यक्तिगत स्तर पर:

  • गर्व-रहित जीवन जीओ
  • दूसरों की पीड़ा समझो
  • आत्मत्याग को महत्व दो
  • • राष्ट्रीय स्तर पर:

  • राष्ट्रीय एकता आवश्यक है
  • सांस्कृतिक गौरव की रक्षा करो
  • समूहगत लक्ष्य में योगदान दो
  • **महत्वपूर्ण शब्दार्थ:**

    • मृत्यु = शरीर की समाप्ति, लेकिन कीर्ति का नहीं

    • सुमृत्यु = वह मृत्यु जिसमें सभी को स्मरण रहे

    • पशु-प्रवृत्ति = केवल आत्मकेंद्रित जीवन

    • उदार = दान देने वाला, परोपकारी

    • कीर्ति = यश, सम्मान, स्मृति

    • ऋतकृत = आभारी, प्रतिकृतज्ञ

    • अनित्य = नाशवान, क्षणभंगुर

    • विरोधवाद = परंपरागत विचारों का विरोध

    • अनासक्ति = मोह-रहित मन

    • परस्पर आश्रय = एक-दूसरे का सहारा

    • अभीष्ट = इच्छित, वांछित

    • वशीकृता = अपने वश में की हुई

    • स्वयंभू = स्वयं से उत्पन्न (परमात्मा)

    • अंतरद्रव्य = आंतरिक सत्ता, आत्मा

    • प्रमाणभूत = साक्ष्य के रूप में स्थापित

    **परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:**

    **Q1: सुमृत्यु की परिभाषा दीजिए**

    A: वह मृत्यु जिसके बाद व्यक्ति युग-युग तक लोगों की स्मृति में जीवित रहता है। ऐसी मृत्यु तब होती है जब व्यक्ति दूसरों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करता है।

    **Q2: कवि उदार व्यक्ति की पहचान कैसे करता है?**

    A: वह दूसरों का कल्याण करता है, समाज के लिए काम करता है, दान देता है, परोपकार करता है। ऐतिहासिक उदाहरण: रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि।

    **Q3: 'मनुष्य मात्र बंधु है' से क्या अभिप्राय है?**

    A: सभी मनुष्य आपस में भाई-भाई हैं, सभी समान हैं। कर्मफल से बाहरी भेद हो सकते हैं लेकिन आंतरिक रूप से सभी एक समान हैं क्योंकि परमात्मा सभी में समान है।

    **Q4: कवि को कौन सी मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण लगती है?**

    A: वह मृत्यु जिसमें व्यक्ति अपने लिए ही जीता है, दूसरों के लिए कुछ नहीं करता। ऐसी मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि व्यक्ति को कोई याद नहीं रखता।

    **Q5: गुणों की दृष्टि से कौन महान है?**

    A: वह महान है जो अपने और अपनों के हित से पहले दूसरों के हित का विचार करता है, जिसमें त्याग और सेवा की भावना हो, जिसका जीवन समाज के लिए प्रेरणा बने।

    MCQs — 10 Questions with Answers

    Q1. कवि के अनुसार सुमृत्यु क्या है?

    • A. आराम से मृत्यु हो जाना
    • B. वह मृत्यु जिसमें सभी को याद रहे ✓
    • C. घर पर मृत्यु हो जाना
    • D. बिना पीड़ा के मृत्यु हो जाना

    Answer: B — सुमृत्यु वह है जिसमें व्यक्ति का नाम और यश सदा लोगों की स्मृति में बना रहता है, न कि आराम से मरना।

    Q2. 'पशु-प्रवृत्ति' से कवि का आशय है:

    • A. जानवरों जैसा व्यवहार करना
    • B. केवल अपने लिए जीना और खाना ✓
    • C. हिंसक स्वभाव रखना
    • D. वन में रहना

    Answer: B — पशु-प्रवृत्ति = केवल अपने हित के लिए जीना, दूसरों का ध्यान न रखना, यही कवि का आशय है।

    Q3. कवि मनुष्य को पशु से अलग मानते हैं क्योंकि:

    • A. मनुष्य अधिक बुद्धिमान है
    • B. मनुष्य दूसरों के हित के लिए भी काम करता है ✓
    • C. मनुष्य बोल सकता है
    • D. मनुष्य घर बना सकता है

    Answer: B — कवि कहते हैं कि मनुष्य का विशेष गुण है कि वह अपने हित के साथ दूसरों के हित का भी चिंतन करता है।

    Q4. रंतिदेव, दधीचि और कर्ण का उदाहरण देने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

    • A. प्राचीन भारत का इतिहास बताना
    • B. यह दिखाना कि परोपकार के लिए कोई बलिदान बड़ा नहीं ✓
    • C. महान राजाओं की प्रशंसा करना
    • D. धार्मिक कहानियां सुनाना

    Answer: B — ये तीनों उदाहरण दिखाते हैं कि वास्तविक मानवता में अपना सर्वस्व दूसरों के हित के लिए न्यौछावर कर देना चाहिए।

    Q5. 'मनुष्य मात्र बंधु है' कथन का अर्थ है:

    • A. सभी मनुष्य एक ही परिवार में जन्मे हैं
    • B. सभी मनुष्य भाई-बहन हैं और एक दूसरे के हित का चिंतन करें ✓
    • C. केवल अपने रिश्तेदार बंधु हैं
    • D. समाज में सभी को समान नहीं माना जाता

    Answer: B — कवि कहते हैं कि परमात्मा सभी का पिता है, इसलिए सभी मनुष्य एक-दूसरे के भाई हैं और एक-दूसरे की देखभाल करें।

    Q6. कविता में 'समानुभूति' और 'महाविभूति' का संबंध क्या है?

    • A. दोनों एक ही चीज हैं
    • B. समानुभूति ही महाविभूति को सार्थक बनाती है ✓
    • C. महाविभूति समानुभूति से बड़ी है
    • D. इनका आपस में कोई संबंध नहीं

    Answer: B — कवि कहते हैं कि समानुभूति (दूसरों के दर्द को अपना मानना) ही वह गुण है जो धन-संपत्ति को सच्ची महाविभूति में बदल देता है।

    Q7. 'मेंदाध तुच्छ वित्त में' पंक्ति से कवि क्या सलाह देते हैं?

    • A. धन कमाने में मत लगो
    • B. छोटे से धन पर गर्व मत करो ✓
    • C. समाज में गरीब मत बनो
    • D. धन को लुकाना चाहिए

    Answer: B — कवि कहते हैं कि अपने सीमित धन पर गर्व मत करो, क्योंकि वास्तविक ऐश्वर्य आत्मा की महानता में है।

    Q8. 'अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए' का आशय है:

    • A. खेल-कूद में समय बिताना
    • B. अपने सिद्धांतों पर दृढ़ रहते हुए विपत्ति सहना ✓
    • C. आनंद के साथ जीवन जीना
    • D. मनोरंजन की खोज करना

    Answer: B — कवि कहते हैं कि अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुए बाधाओं और विपत्तियों को खेल समझकर सहना चाहिए।

    Q9. कविता के अनुसार अधीर भाव कौन सा है?

    • A. जो व्यक्ति दूसरों की मदद करता है
    • B. जो व्यक्ति केवल अपने हित का चिंतन करता है ✓
    • C. जो व्यक्ति धीरज रखता है
    • D. जो व्यक्ति दान देता है

    Answer: B — अधीर भाव = अधैर्य, जो व्यक्ति अपने हित से पहले दूसरों का ध्यान नहीं रखता, वह अधीर और दुर्भाग्यवान है।

    Q10. 'मैथिलीशरण गुप्त' को राष्ट्रकवि क्यों कहा जाता है?

    • A. वे सबसे प्रसिद्ध कवि हैं
    • B. उन्होंने राष्ट्र की संस्कृति और मूल्यों को अपनी कविताओं का विषय बनाया ✓
    • C. उन्होंने सबसे अधिक कविताएं लिखीं
    • D. उन्हें सरकार ने यह सम्मान दिया

    Answer: B — गुप्त ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को अपनी कविताओं का केंद्रीय विषय बनाया।

    Flashcards

    सुमृत्यु किसे कहते हैं?

    सुमृत्यु वह मृत्यु है जिसमें व्यक्ति का नाम और यश सदा लोगों की स्मृति में बना रहता है क्योंकि वह दूसरों के लिए जिया।

    कवि के अनुसार पशु-प्रवृत्ति क्या है?

    पशु-प्रवृत्ति वह है जिसमें प्राणी केवल अपने लिए चरते-खाते हैं और किसी दूसरे का ध्यान नहीं रखते।

    उदार व्यक्ति की पहचान कैसे होती है?

    उदार व्यक्ति वह है जो अपने और अपनों के हित से पहले दूसरों के हित का चिंतन करता है और परोपकार में लगा रहता है।

    रंतिदेव, दधीचि और कर्ण का उदाहरण देने का कारण क्या है?

    कवि ने इन महापुरुषों का उदाहरण देकर दिखाया है कि वास्तविक मानवता वह है जो अपना सर्वस्व दूसरों के हित में न्यौछावर कर दे।

    'मनुष्य मात्र बंधु है' से कवि क्या अर्थ निकालते हैं?

    कवि का अर्थ है कि सभी मनुष्य एक-दूसरे के भाई हैं, इसलिए किसी को गरीब या असहाय मानना गलत है क्योंकि भगवान सभी का पिता है।

    कवि समानुभूति और महाविभूति को क्यों महत्वपूर्ण मानते हैं?

    समानुभूति (दूसरों के दुख को अपना मानना) ही वह गुण है जो महाविभूति (बड़ी पूंजी) को सार्थक और स्थायी बनाती है।

    कविता में 'व्रद्ध मरे' से क्या आशय है?

    जो व्यक्ति केवल अपने लिए जीता है वह प्रकृति के नियम के विरुद्ध है और वृद्ध होकर मर जाता है, पर मानवता नहीं पाता।

    कवि 'अभीष्ट मार्ग' में खेलने की प्रेरणा क्यों देते हैं?

    कवि कहते हैं कि अपने सिद्धांतों और उद्देश्यों पर दृढ़ रहकर, विपत्ति और बाधाओं को सहते हुए भी आगे बढ़ते रहना चाहिए।

    'व्रत में एक पंथ के सर्वत्र पंथ हों सभी' का भाव क्या है?

    कवि कहते हैं कि जो लोग एक समान उद्देश्य से जुड़े हों वे भले ही विभिन्न रास्तों से जाएं, पर सभी का लक्ष्य एक ही होना चाहिए।

    'मेथिलीशरण गुप्त' राष्ट्रकवि क्यों माने जाते हैं?

    गुप्त ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को अपनी कविताओं का विषय बनाकर राष्ट्र की चेतना को जाग्रत किया।

    Important Board Questions

    'मनुष्यता' कविता में कवि ने 'सुमृत्यु' को किस प्रकार परिभाषित किया है? कविता की किन पंक्तियों में इसका उल्लेख है? [2 marks]

    सुमृत्यु = वह मृत्यु जिसमें नाम और यश सदा जीवित रहे। प्रथम सोपान में 'मरो परंतु यों मरो कि यादें रहें सभी' पंक्ति दर्शाती है कि त्याग और परोपकार से मृत्यु सुमृत्यु बन जाती है।

    कवि के अनुसार 'उदार' व्यक्ति की पहचान क्या है? रंतिदेव, दधीचि और कर्ण के उदाहरणों से कवि का संदेश स्पष्ट कीजिए। [3 marks]

    उदार व्यक्ति = जो अपने और अपनों के हित से पहले दूसरों का हित करता है। ये तीनों महापुरुष अपना सर्वस्व (धन, अस्थि, शरीर) दूसरों के हित में दान कर गए, इससे कवि यह संदेश देते हैं कि वास्तविक मानवता = पूर्ण समर्पण और बलिदान।

    'मनुष्यता' कविता के माध्यम से मैथिलीशरण गुप्त हमें किस प्रकार का जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं? कविता की शिक्षा और वर्तमान युग की प्रासंगिकता को समझाइए। [5 marks]

    कवि तीन मुख्य संदेश देते हैं: (1) दूसरों के लिए जीना और मरना ही सच्ची मानवता है, (2) समानुभूति और सहानुभूति ही महत्ता की कसौटी है, (3) गर्व और अहंकार त्यागकर सामूहिक प्रयास करना चाहिए। वर्तमान में भी यह संदेश प्रासंगिक है क्योंकि समाज में परस्पर सहयोग और समानता की कमी है। व्यक्तिगत सफलता से अधिक सामाजिक कल्याण पर ध्यान देना जरूरी है।

    Assertion-Reason Questions for Maithilisharan Gupt — Manushyata

    Q1. Assertion (A):

    मैथिलीशरण गुप्त की भाषा शुद्ध खड़ी बोली है।

    Reason (R):

    गुप्त जी की कविता की भाषा में संस्कृत का प्रभाव है और वह आम जनता के लिए सुबोध है।

    Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सही हैं और कारण कथन को पूरी तरह व्याख्यायित करता है। शुद्ध खड़ी बोली और संस्कृत का प्रभाव दोनों गुप्त जी की भाषा की विशेषताएं हैं।

    Q2. Assertion (A):

    पशु-प्रवृत्ति में मनुष्य केवल अपने लिए ही काम करता है।

    Reason (R):

    मनुष्य में चेतना-शक्ति की प्रबलता होती है इसलिए वह समाज के लिए भी कार्य कर सकता है।

    Answer: C — A is true but R is false — कथन सही है लेकिन कारण गलत है। कारण वास्तव में मानवता की प्रवृत्ति को समझाता है, न कि पशु-प्रवृत्ति को।

    Q3. Assertion (A):

    दधीचि का उदाहरण देकर कवि दान की महत्ता बताता है।

    Reason (R):

    दधीचि ने अपनी हड्डियां दान में दीं जिससे इंद्र का वज्र बना।

    Answer: A — Both A and R are true, and R is the correct explanation of A — दोनों कथन सही हैं और कारण कथन को पूरी तरह समर्थन करता है। दधीचि का उदाहरण परोपकार के सर्वोच्च रूप को दर्शाता है।

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    Case-Based Questions (CBQ) for Maithilisharan Gupt — Manushyata

    Case Study:

    सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही - वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही। विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा, विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा। कवि यहां मानवीय संवेदनशीलता को समाज के विकास का आधार मानता है और दिखाता है कि दया और सहानुभूति से ही सच्ची विभूति का निर्माण होता है।

    Q1. कविता में सहानुभूति को क्या कहा गया है?

    • A. तुच्छ गुण
    • B. महाविभूति ✓
    • C. व्यर्थ भावना
    • D. कमजोरी

    Answer: B

    Q2. बुद्ध के संदर्भ में कवि किस बात पर जोर देता है?

    • A. उनकी शक्ति पर
    • B. उनके ज्ञान पर
    • C. उनकी दया और करुणा पर ✓
    • D. उनकी तपस्या पर

    Answer: C

    Q3. इस अंश से प्रकट होता है कि कवि मानता है -

    • A. समाज को धन की जरूरत है
    • B. समाज के विकास के लिए दया-दृष्टि आवश्यक है ✓
    • C. मनुष्य को केवल ज्ञान चाहिए
    • D. शक्ति ही सब कुछ है

    Answer: B

    Previous Year Questions (PYQ) for Maithilisharan Gupt — Manushyata

    Real CBSE board exam questions from past papers — free to attempt.

    CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

    What is the main idea of 'Manushyata' by Maithilisharan Gupt?

    CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

    Who is addressed in the poem 'Manushyata'?

    CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

    What virtue does the poet emphasize?

    CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

    How does the poem promote human values?

    CBSE 2026 · Set 31/4/1 · 1 mark

    What is the universal message of the poem?

    CBSE 2026 · Set 31/4/2 · 2 marks

    What is the central message of Maithilisharan Gupt's 'Manushyata'?

    CBSE 2026 · Set 31/4/3 · 1 mark

    Passage about Manushyata from the question paper

    What is the title of the poem?

    • A) Humanity
    • B) Brotherhood and Friendship
    • C) Equality and Justice
    • D) Duty and Responsibility

    CBSE 2026 · Set 31/5/1 · 2 marks

    Explain the central message of Maithilisharan Gupt's 'Manushyata'.

    CBSE 2026 · Set 31/5/2 · 1 mark

    [Hindi passage from Manushyata — skipped as original text is in Hindi]

    What does the poet say about the characteristics of humans?

    • (A) Humans are selfish
    • (B) Humans are kind
    • (C) Humans are mortal
    • (D) Humans are eternal

    CBSE 2026 · Set 31/5/3 · 1 mark

    Name the poem by Maithilisharan Gupt.

    CBSE 2026 · Set 31/5/3 · 1 mark

    What is the theme of 'Manushyata'?

    CBSE 2026 · Set 31/5/3 · 1 mark

    Who are the characters mentioned in the poem?

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